Anuparna Roy: अनुपर्णा के स्वागत को तैयार पेरेंट्स, पिता ने बताया वेनिस में अवॉर्ड जीतने पर कैसा था रिएक्शन
Anuparna Roy’s Father Share Excitement: अनुपर्णा रॉय के वेनिस इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में सर्वश्रेष्ठ निर्देशक का अवॉर्ड जीतने पर हर कई खुश है। अब माता-पिता अपनी बेटी के स्वागत को तैयार हैं।
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वेनिस अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में सर्वश्रेष्ठ निर्देशक का पुरस्कार जीतने वाली अनुपर्णा रॉय के पिता बेटी की इस उपलब्धि पर खुश हैं। फिल्म 'सॉन्ग ऑफ फॉरगॉटन ट्रीज' के लिए यह अवॉर्ड जीतने के बाद अब पिता ब्रह्मानंद रॉय बेटी का स्वागत करने के लिए तैयार हैं। हालांकि, पिता का कहना है कि स्कूल के दिनों में अनुपर्णा को फिल्मों के प्रति कोई खास लगाव और जुनून नहीं था। लेकिन वह अपनी अलग पहचान बनाने के लिए दृढ़ थीं।
अवॉर्ड के बारे में पता चलते ही खुशी से रोने लगीं मां
इस अवॉर्ड की खबर मिलने के बारे में पीटीआई से बात करते हुए पिता ने बताया कि रात के लगभग 12:30 बजे हम सो रहे थे, जब अनुपर्णा ने फोन करके खबर दी। वह बहुत खुश थी। शुरुआत में मुझे यकीन ही नहीं हुआ। मैंने उससे पूछा कि क्या वह सभी प्रतियोगियों में प्रथम आई है। उसका जवाब था, 'हां बाबा'। उसकी मां खुशी से रो रही थी। अनुपर्णा को लंदन में कुछ काम है और वह जल्द से जल्द मुंबई लौट आएगी। उन्होंने कहा कि बंगाल दौरे के दौरान वह मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से मुलाकात करेंगी।
स्कूल में फिल्म को लेकर नहीं था कोई जुनून
अपनी बेटी की उपलब्धि पर गर्व से भरे ब्रह्मानंद रॉय पश्चिम बंगाल के पश्चिम बर्धमान जिले में स्थित अपने घर में इस युवा निर्देशक का स्वागत करने के लिए उत्सुक हैं। पिता ने बताया कि हमने उनके स्कूल के दिनों में फिल्मों के प्रति ज्यादा लगाव और जुनून नहीं देखा था, लेकिन वह पढ़ाई में बहुत मेहनती थीं। फिल्मों के प्रति उनकी महत्वाकांक्षा बाद में तब सामने आई जब उन्होंने आईटी क्षेत्र में अपना करियर शुरू किया। उन्होंने अपनी पहचान बनाने का संकल्प लिया था। परिवार के सदस्य उनके इस फैसले से परेशान थे और उन्होंने यह भी भविष्यवाणी की थी कि वह गलती कर रही हैं।
अनुपर्णा के फैसले को घर वालों ने समझा जुआ
पिता ने आगे बताया कि जब हमें 2020 के बाद पहली बार उनके फैसले के बारे में पता चला, तो हमें लगा कि यह एक जुआ है। उन्हें फिल्म निर्माण या फिल्म जगत का कोई पूर्व अनुभव नहीं था। लेकिन उनके समर्पण, उत्साह और लगन ने धीरे-धीरे हमें उनकी क्षमता पर विश्वास दिलाया। अंग्रेजी ऑनर्स में ग्रेजुएशन करने के बाद अनुपर्णा दिल्ली में बस गईं और आईटी क्षेत्र में अपना करियर बनाया। 2021 में कोविड काल के दौरान वह मुंबई आ गईं और फिल्म निर्माण में हाथ आजमाने का फैसला किया। उन्होंने यह जोखिम इसलिए उठाया क्योंकि उनमें आत्मविश्वास था।
अवॉर्ड जीतने वाली पहली भारतीय
'सॉन्ग्स ऑफ फॉरगॉटन ट्रीज' मुंबई में दो महिलाओं - एक प्रवासी अभिनेत्री और एक कॉर्पोरेट कर्मचारी के बीच के रिश्ते को दिखाती है। अनुपर्णा ने वेनिस फिल्म फेस्टिवल के ओरिजोंटी खंड में सर्वश्रेष्ठ निर्देशक का पुरस्कार जीतने वाली पहली भारतीय बनकर इतिहास रच दिया। यह फिल्म जटिल कथाओं और शक्तिशाली विषयों पर आधारित है।