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Tik Tok: अमेरिकी राज्यों ने टिक टॉक पर दायर किया मुकदमा, बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाने का आरोप

Wed, 09 Oct 2024 11:14 AM IST
साक्षी एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला Published by: साक्षी Updated Wed, 09 Oct 2024 11:14 AM IST
सार

टिक टॉक पर आरोप है कि उसने जानबूझकर अपने सॉफ्टवेयर को नशे की लत के लिए डिजाइन किया है, जिससे विज्ञापन राजस्व को अधिकतम करने के लिए बच्चों को लंबे समय तक स्क्रीन से चिपकाए रखा जा सके।

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American states filed lawsuit against Tik Tok accusing intentionally targeting harming children mental health
टिक टॉक - फोटो : ANI

विस्तार

एक दर्जन से अधिक राज्यों और कोलंबिया जिले ने मंगलवार को टिक टॉक के खिलाफ मुकदमा दायर किया, जिसमें कहा गया कि लोकप्रिय लघु-फॉर्म वीडियो ऐप बच्चों को नशे की लत लगाने के लिए बनाया गया है और यह उनके मानसिक स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाता है। ये मुकदमें टिक टॉक की राष्ट्रीय जांच से निकले हैं, जिसे मार्च 2022 में न्यूयॉर्क, कैलिफोर्निया, केंटकी और न्यू जर्सी सहित कई राज्यों के अटॉर्नी जनरल के द्विदलीय गठबंधन द्वारा शुरू किया गया था। सभी शिकायतें राज्य की अदालतों में दायर की गई थीं।

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बच्चों को बनाया गया निशाना
टिक टॉक पर आरोप है कि उसने जानबूझकर अपने सॉफ्टवेयर को नशे की लत के लिए डिजाइन किया है, जिससे विज्ञापन राजस्व को अधिकतम करने के लिए बच्चों को लंबे समय तक स्क्रीन से चिपकाए रखा जा सके। कैलिफोर्निया के अटॉर्नी जनरल रॉब बोन्टा ने एक बयान में कहा, 'टिकटॉक कॉर्पोरेट मुनाफे को बढ़ाने के लिए सोशल मीडिया की लत को बढ़ावा देता है। टिकटॉक जानबूझकर बच्चों को निशाना बनाता है, क्योंकि उन्हें पता है कि बच्चों में अभी तक नशे की लत वाली सामग्री के आसपास स्वस्थ सीमाएं बनाने की सुरक्षा या क्षमता नहीं है।'
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बच्चों के लिए हानिकारक सामग्री
न्यूयॉर्क की अटॉर्नी जनरल लेटिटिया जेम्स ने युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभाव को उजागर करते हुए इन चिंताओं को दोहराया। उन्होंने कहा, 'युवा लोग टिकटॉक जैसे नशे की लत वाले सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की वजह से अपने मानसिक स्वास्थ्य से जूझ रहे हैं।' मुकदमे में टिक टॉक की कंटेंट मॉडरेशन प्रथाओं की भी आलोचना की गई है, जिसमें दावा किया गया है कि कंपनी बच्चों को हानिकारक कंटेंट से बचाने में अपनी प्रभावशीलता को गलत तरीके से पेश करती है।
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टिक टॉक ने दावे को किया खारिज
वाशिंगटन डीसी के अटॉर्नी जनरल ब्रायन श्वाब ने आरोप लगाया कि टिक टॉक अपने लाइव स्ट्रीमिंग और वर्चुअल करेंसी फीचर के माध्यम से बिना लाइसेंस के मनी ट्रांसमिशन का कारोबार चलाता है। इसकी तुलना बिना किसी उम्र प्रतिबंध वाले वर्चुअल स्ट्रिप क्लब से की गई है। श्वाब के मुकदमे में टिक टॉक पर कम उम्र के उपयोगकर्ताओं के यौन शोषण की सुविधा देने का भी आरोप लगाया गया है। टिकटॉक ने इन आरोपों का खंडन करते हुए पिछले सप्ताह कहा था कि वह इस दावे से दृढ़ता से असहमत है कि वह बच्चों की सुरक्षा करने में विफल है और कहा कि वह किशोरों और अभिभावकों के लिए मजबूत सुरक्षा उपाय देता है।

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