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Amar Ujala Samvad: 'किसी अपराध को धर्म से जोड़कर राजनीति करेंगे तो देश बंदूकों के रास्ते चलेगा', कंगना का तंज
Mon, 02 Sep 2024 06:00 PM IST
दीक्षा पाठक
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
Published by: दीक्षा पाठक
Updated Mon, 02 Sep 2024 06:00 PM IST
सार
आप अगर किसी अपराध को धर्म से जोड़कर राजनीति करेंगे तो देश बंदूकों के रास्ते ही चलेगा। उस रास्ते पर देश को नहीं चलना चाहिए। हमें अधिकार है कि हम अपने इतिहास से सीखें और पहले भी हमारे इतिहास ने चाहे वो जातिवाद के नाम हो चाहे देश विभाजन के नाम पर हो।
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कंगना रणौत
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
देश और हरियाणा के बहुआयामी विकास पर महामंथन अमर उजाला संवाद हरियाणा हो रहा है। कार्यक्रम में शिक्षा, खेल, धर्म, फिल्म व कारोबार जगत की नामचीन हस्तियां रूबरू हो रही हैं। गुरुग्राम स्थित होटल क्राउन प्लाजा में कार्यक्रम चल रहा है। इस समारोह में अभिनेत्री कंगना रनौत ने भी शिरकत की है और अपनी फिल्म आगामी फिल्म 'इमरजेंसी' को लेकर एक खास बातचीत की है। अभिनेत्री ने साथ ही में फिल्म को लेकर विवादों पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी है।
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देश ने एक बुरा वक्त भी देखा है और जब इसे फिल्मों में उतारा जाता है तो लोगों की भावनाएं भी इससे काफी हद तक जुड़ी होती हैं। क्या इस मुद्दे को ठीक तरह से डील किया जा सकता था। क्या इस मुद्दे को किसी ने भड़काया?
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आप अगर किसी अपराध को धर्म से जोड़कर राजनीति करेंगे तो देश बंदूकों के रास्ते ही चलेगा। उस रास्ते पर देश को नहीं चलना चाहिए। हमें अधिकार है कि हम अपने इतिहास से सीखें और पहले भी हमारे इतिहास ने चाहे वो जातिवाद के नाम हो चाहे देश विभाजन के नाम पर हो। चाहे वो सांप्रदाय के नाम पर हो । बहुत खूब देखा है इस देश ने तो हमें यह अधिकार है कि हम जाने और समझे कि यह क्यों होता है और क्यों नहीं होना चाहिए, लेकिन अगर आप को बहुत ज्यादा तकलीफ देती है ये वास्तविकता की लोग अब समझदार हो जाएंगे। तो अगर आपको तकलीफ हो रही है तो कहीं न कहीं आपकी उम्मीदों पर पानी फिर रहा है। ऐसी अगर उम्मीदें लोगों ने बनाई है कि इस देश के टुकड़े होंगे और इसे धर्म से जोड़ा जाएगा और आप धर्म की बात करते हैं तो आप मंदिर की बात कीजिए। आप किसी धर्म स्थल की बात कीजिए। धर्म के नाम पर आप अगर किसी अलग देश की डिमांड करते हैं तो वहां सरकार चलाना चाहते हैं और देश का विभाजन करना चाहते हैं और कहते हैं कि आप धार्मिक है। हम लोगों की जनरेशन कोई कायरों की जनरेशन नहीं है, जो यहां बैठे देखती रहेगी।
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अभिनय से कैसे अलग है राजनीति
जैसे हम अभिनय करते हैं तो एक वक्त पर लग सकता है कि काम हो गया। लेकिन राजनीति ऐसा क्षेत्र है कि यहां काम कभी पूरा नहीं होता। इतने फोन आते हैं। लोग अपनी पीड़ा बताते हैं। ...दो आंसुओं का मोल जितना होता है, उतना किसी भी काम का नहीं होता होगा।
इन कलाकारों से सजी है फिल्म
'इमरजेंसी' का निर्देशन कंगना रणौत ने किया है और वही इसमें मुख्य भूमिका भी निभा रही है। यह फिल्म आपातकाल की पृष्ठभूमि पर आधारित है, जिसमें कंगना रनौत पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के रोल में दिखेंगी। फिल्म में दिवंगत सतीश कौशिक, श्रेयस तलपड़े, मिलिंद सोमन, महिमा चौधरी और अनुपम खेर समेत कई कलाकारों ने अभिनय किया है।