बनारस के दो छात्र बने भू-वैज्ञानिक: UPSC में मिली चौथी और 14वीं रैंक, एक का परिवार करता है साड़ी बिनाई
Varanasi News: यूपीएससी में बनारस के दो छात्रों ने अपना परचम लहराया है। उनके परिवार में खुशी का माहाैल है। दोनों वर्तमान में आईआईटी रुड़की में शोध कार्य कर रहे हैं।
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जिले के दो छात्रों शुभम तिवारी और दिल मोहम्मद का संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) द्वारा आयोजित परीक्षा में भू-वैज्ञानिक के पद पर चयन हुआ है। चंदुआ छित्तूपुर के निवासी शुभम तिवारी की ऑल इंडिया चौथी रैकिंग और चोलापुर के गोला निवासी दिल मोहम्मद की 14वीं रैंक है। दिल मोहम्मद के भाई और पिता साड़ी बिनाई का काम करते हैं। दोनों वर्तमान में आईआईटी रुड़की में शोध कार्य कर रहे हैं।
सामान्य परिवार से ताल्लुकात रखने वाले शुभम के पिता रेलवे कै॑सर स॑स्थान से मुख्य कार्यालय अधीक्षक के पद से रिटायर्ड हैं। इनकी प्रारंभिक शिक्षा स्वामी हरसेवा नंद पब्लिक स्कूल से हुई है। स्नातक की डिग्री बीएचयू के भौतिक रसायन और गणित विषयों से ली है।
इसके बाद इन्होंने आईआईटी धनबाद आईएसएम से एमएससी टेक्नोलॉजी की डिग्री प्राप्त की है। वर्तमान में वह आईआईटी रुड़की से भूकंप विज्ञान से सिस्मोलाजी में शोध कार्य कर रहे हैं। इनकी माता गृहणी हैं। बडे भाई और बहने उच्च शिक्षा और नौकरी में हैं। ये मूल रूप से देवरिया नोनापार के रहने वाले है।
परिवार में खुशी का माहाैल
दिल मोहम्मद आईआईटी रुड़की के भूकंप विज्ञान विभाग में तैनात हैं। लेकिन पिता अब्दुल समद और बड़े भाई बुनकरी और साड़ी बिनाई का काम करते हैं। अब्दुल समद ने बताया कि दिल मोहम्मद की प्रारंभिक शिक्षा चोलापुर स्थित आदर्श इंटर कॉलेज से हुई है।
इसके बाद बीएचयू में भूविज्ञान विषय से स्नातक हुए। बीएचयू से ही तैयारी करने के बाद आईआईटी रुड़की में चयन हुआ। अब देश की सर्वोच्च परीक्षा पास कर दिल मोहम्मद ने परिवार और क्षेत्र का नाम रोशन किया।
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