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Tezpur University: आरोपों के घेरे में तेजपुर यूनिवर्सिटी के कुलपति, MoE ने भेजा अवकाश पर और बैठाई जांच

Thu, 01 Jan 2026 05:36 PM IST
आकाश कुमार एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: आकाश कुमार Updated Thu, 01 Jan 2026 05:36 PM IST
सार

Tezpur University: तेजपुर विश्वविद्यालय के कुलपति शंभू नाथ सिंह को शिक्षा मंत्रालय ने आरोपों की जांच तक अवकाश पर भेज दिया है। वीसी पर वित्तीय अनियमितताओं, छात्रों से दुर्व्यवहार और पर्यावरणीय नुकसान के आरोप हैं। तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की गई है।
 

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Tezpur University VC Sent on Leave, MoE Orders Probe Amid Protests Over Irregularities and Campus Issues
तेजपुर विश्वविद्यालय - फोटो : एक्स

विस्तार

Tezpur University: तेजपुर विश्वविद्यालय में लंबे समय से चल रहे विरोध प्रदर्शन के बीच शिक्षा मंत्रालय (MoE) ने बड़ा फैसला लेते हुए विश्वविद्यालय के कुलपति शंभू नाथ सिंह को तत्काल प्रभाव से अवकाश पर भेजने के निर्देश दिए हैं। साथ ही मंत्रालय ने उनके खिलाफ लगे आरोपों की जांच के लिए तीन सदस्यीय जांच समिति का गठन किया है।

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मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, कुलपति को जांच पूरी होने तक सभी प्रशासनिक जिम्मेदारियों से खुद को अलग रखना होगा। जांच समिति को तेजपुर विश्वविद्यालय में चल रहे हालात, कुलपति पर लगे आरोपों और उससे जुड़े सभी मामलों की जांच कर अधिकतम तीन महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपनी है।

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सितंबर से जारी है आंदोलन

तेजपुर विश्वविद्यालय में सितंबर 2025 के मध्य से ही छात्र, शिक्षक और कर्मचारी कुलपति के खिलाफ आंदोलन कर रहे हैं। आंदोलनकारियों का आरोप है कि विश्वविद्यालय में वित्तीय अनियमितताएं हुई हैं और प्रशासन ने कई मामलों में मनमानी रवैया अपनाया है। सोमवार को प्रदर्शनकारियों ने अपने आंदोलन के 100 दिन पूरे होने पर 24 घंटे का भूख हड़ताल भी की।

छात्रों से टकराव के बाद बिगड़े हालात

22 सितंबर को विश्वविद्यालय परिसर में हालात उस वक्त और बिगड़ गए, जब कुलपति और छात्रों के बीच तीखी बहस हो गई। स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि कुलपति को मौके से हटना पड़ा और इसके बाद उन्होंने परिसर आना भी बंद कर दिया।

छात्रों का यह भी आरोप है कि प्रसिद्ध सांस्कृतिक हस्ती जुबीन गर्ग के निधन के दौरान विश्वविद्यालय प्रशासन ने उचित सम्मान नहीं दिखाया, जिससे असंतोष और बढ़ गया।

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पर्यावरण और प्रशासनिक आरोप भी शामिल

आंदोलनकारी केवल वित्तीय मामलों तक ही सीमित नहीं हैं। विश्वविद्यालय समुदाय का आरोप है कि कुलपति के कार्यकाल में परिसर में वनों की कटाई और पर्यावरण को नुकसान पहुंचाया गया। इसे लेकर भी छात्रों और शिक्षकों में गहरा आक्रोश है।

कई वरिष्ठ अधिकारियों ने छोड़ा पद

प्रदर्शन शुरू होने के बाद से अब तक कम से कम 11 फैकल्टी सदस्य और वरिष्ठ अधिकारी या तो अपने पद से इस्तीफा दे चुके हैं या विश्वविद्यालय छोड़ चुके हैं। इसे विश्वविद्यालय के प्रशासनिक संकट के रूप में देखा जा रहा है।

अस्थायी व्यवस्था की गई

इस बीच शिक्षा मंत्रालय ने आईआईटी गुवाहाटी के डिजाइन विभाग के प्रोफेसर अमरेंद्र कुमार दास को तेजपुर विश्वविद्यालय का प्रो-वाइस चांसलर नियुक्त किया है, ताकि प्रशासनिक कार्य प्रभावित न हों।

शिक्षा मंत्रालय ने साफ किया है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। यह मामला देश के केंद्रीय विश्वविद्यालयों में प्रशासनिक जवाबदेही और छात्र सुरक्षा से जुड़े बड़े सवाल खड़े करता है।

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