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Republic Day 2025: स्कूल बैंड प्रतियोगिता से बच्चों में एकता और देशभक्ति की बढ़ेगी भावना, रक्षा सचिव ने कहा

Fri, 24 Jan 2025 04:00 PM IST
शाहीन परवीन एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: शाहीन परवीन Updated Fri, 24 Jan 2025 04:00 PM IST
सार

School Band Competition: गणतंत्र दिवस से पहले आयोजित राष्ट्रीय स्कूल बैंड प्रतियोगिता का उद्देश्य बच्चों में एकता और देशभक्ति की भावना पैदा करना है। रक्षा और शिक्षा मंत्रालय द्वारा आयोजित इस प्रतियोगिता में देश भर के 16 स्कूल बैंड भाग लेते हैं। छात्र गणतंत्र दिवस समारोह में विशेष अतिथि के रूप में भी भाग लेते हैं।

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School band competition to foster sense of pride, patriotism among children: Defence Secy
School Band Competition - फोटो : ANI

विस्तार

Republic Day 2025: रक्षा सचिव आर के सिंह ने शुक्रवार को कहा कि गणतंत्र दिवस समारोह से पहले यहां राष्ट्रीय स्कूल बैंड प्रतियोगिता आयोजित की जा रही है ताकि बच्चों में एकता की भावना पैदा की जा सके और देश के प्रति गर्व एवं देशभक्ति की भावना विकसित की जा सके।

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सिंह मेजर ध्यानचंद राष्ट्रीय स्टेडियम के सामने लॉन में एक सभा को संबोधित कर रहे थे, जहां देश भर से चुने गए शीर्ष 16 स्कूल बैंड ग्रैंड फिनाले में प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं।
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राष्ट्रीय स्कूल बैंड प्रतियोगिता 2024-25 का आयोजन रक्षा मंत्रालय और शिक्षा मंत्रालय द्वारा संयुक्त रूप से किया जा रहा है।

रक्षा सचिव ने प्रतियोगिता में भाग लेने वाली टीमों के सदस्यों तथा अन्य लोगों को संबोधित किया।

उन्होंने बताया कि ग्रैंड फिनाले में 466 स्कूली छात्रों की 16 टीमें भाग ले रही हैं, जिनका चयन "कड़ी जांच" के बाद किया गया है।

वार्षिक औपचारिक परेड में सैन्य बैंड की भागीदारी का जिक्र करते हुए सिंह ने कहा कि सशस्त्र बलों में सैन्य संगीत की बहुत जीवंत परंपरा है। उन्होंने कहा कि यह परंपरा मनोबल बढ़ाती है, समारोहों को गरिमा प्रदान करती है और प्रतिभाशाली लोगों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर देती है।
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रक्षा सचिव ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में सरकार ने गणतंत्र दिवस समारोहों में सह-प्रतिभागी बनने के लिए "प्रतिभाशाली स्कूली बच्चों को शामिल करने और प्रोत्साहित करने" के प्रयास किए हैं।

उन्होंने कहा, "स्कूल बैंड की मार्चिंग का अद्भुत दृश्य...बच्चों और वयस्कों दोनों में देशभक्ति का जुनून और साहस जगाता है, जिससे एकता, अपनेपन और राष्ट्रीय गौरव की भावना जागृत होती है।"

उन्होंने कहा, "राष्ट्रीय स्कूल बैंड प्रतियोगिता आयोजित करने का उद्देश्य बच्चों में एकता, सामूहिक भावना तथा अपने स्कूल और देश के प्रति गौरव की गहरी भावना पैदा करना है, जिससे उनमें योगदान मूल्यों, देशभक्ति और एकता की भावना का पुनः जागरण हो तथा उन्हें देशभक्त और देश के उपयोगी नागरिक बनने के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित किया जा सके।"

रक्षा मंत्रालय ने पहले कहा था कि फाइनलिस्ट टीमों में शामिल छात्रों को 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस समारोह में विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया है।

प्रथम प्रस्तुति पीएम श्री केजीबीवी पटमदा, पूर्वी सिंहभूम, झारखंड की छात्राओं के पाइप बैंड की रही, जिसने दर्शकों को अपनी झूमन और मधुर धुनों से आनंदित कर दिया।

पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय नंबर 2 बेलगावी, कर्नाटक के लड़कों के पाइप बैंड ने भी शानदार प्रस्तुति दी। गंगटोक, सिक्किम के एक सरकारी स्कूल की लड़कियों का एक ब्रास बैंड और उत्तरी सिक्किम के एक निजी स्कूल के लड़कों का एक पाइप बैंड भी फाइनलिस्ट में शामिल हैं और उनके प्रदर्शन ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

कई बैंडों द्वारा 'सारे जहां से अच्छा', 'ऐ वतन तेरे लिए' की धुनें भी बजाई गईं।

केरल के कोझिकोड स्थित सेंट जोसेफ एंग्लो-इंडियन गर्ल्स हायर सेकेंडरी स्कूल की लड़कियों के एक ब्रास बैंड ने देशभक्ति की धुनें बजाईं और 'रघुपति राघव राजा राम' और 'वंदे मातरम' भी बजाया। यह प्रतियोगिता दो दिनों तक चल रही है और 25 जनवरी को समाप्त होगी।


पूर्वी दिल्ली के एक स्कूल के कक्षा 8 के छात्र अर्पित नागर और राज गुप्ता भी अन्य छात्रों की तरह स्कूल यूनिफॉर्म में कार्यक्रम में शामिल हुए।

14 वर्षीय नागर ने पीटीआई-भाषा को बताया, "मैं अपने स्कूल बैंड में पाइप बजाता हूं और राज बास ड्रम बजाता है। हमने इस प्रतियोगिता के राज्य स्तरीय टूर्नामेंट में हिस्सा लिया था और हालांकि हम अंतिम 16 टीमों का हिस्सा नहीं बन सके, लेकिन हम उनका प्रदर्शन देखकर खुश हैं।"

फाइनलिस्ट टीमों में से कुछ को कर्तव्य पथ पर प्रदर्शन करने के लिए नामित किया गया है।

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