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GIPE: पूर्व हाईकोर्ट जज एससी धर्माधिकारी बने जीआईपीई के कुलाधिपति; संजीव सान्याल को पद से हटाया गया

Thu, 03 Apr 2025 09:37 PM IST
आकाश कुमार एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: आकाश कुमार Updated Thu, 03 Apr 2025 09:37 PM IST
सार

GIPE: संजीव सान्याल को गोखले इंस्टीट्यूट ऑफ पॉलिटिक्स एंड इकोनॉमिक्स के कुलाधिपति पद से हटा दिया गया, उनकी जगह पूर्व हाईकोर्ट जज एससी धर्माधिकारी को नियुक्त किया गया।
 

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Sanjeev Sanyal removed as Gokhale Institute of Politics & Economics Chancellor, Dharmadhikari to replace him
GIPE - फोटो : X(@gipe_official)

विस्तार

GIPE:  ईएसी-पीएम के सदस्य संजीव सान्याल को गुरुवार को पुणे स्थित गोखले इंस्टीट्यूट ऑफ पॉलिटिक्स एंड इकोनॉमिक्स के चांसलर पद से हटा दिया गया। इस प्रतिष्ठित संस्थान का संचालन करने वाली सर्वेंट्स ऑफ इंडिया सोसाइटी के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।
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सोसाइटी के अध्यक्ष दामोदर साहू द्वारा जारी नियुक्ति पत्र के अनुसार, बॉम्बे हाईकोर्ट के पूर्व न्यायाधीश एस.सी. धर्माधिकारी अब सान्याल का स्थान लेंगे।

संस्थान की साख में गिरावट का हवाला देकर सान्याल हटाए गए

पीटीआई द्वारा प्राप्त पत्र में साहू ने संस्थान की साख में "गिरावट" का हवाला दिया क्योंकि GIPE को NAAC मान्यता में 'बी' ग्रेड मिला।

इसमें यह भी कहा गया कि चांसलर के रूप में सान्याल ने संस्थान के लिए "ठोस कार्ययोजना" प्रदान नहीं की।

साहू के पत्र में कहा गया है, "इसलिए हमारा विचार है कि हम एक योग्य चांसलर की नियुक्ति करेंगे जो संस्थान को उसकी पहले जैसी प्रतिष्ठा दिलाने में शामिल होगा।"  पिछले साल सितंबर में जाने-माने अर्थशास्त्री बिबेक देबरॉय के जीआईपीई के चांसलर पद से इस्तीफा देने के बाद, प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद के सदस्य सान्याल को शीर्ष पद पर नियुक्त किया गया था।
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देबरॉय ने उस दिन इस्तीफा दे दिया था, जब बॉम्बे हाईकोर्ट ने तत्कालीन कुलपति अजीत रानाडे को अंतरिम राहत दी थी, जिन्हें पहले उनके पद से हटा दिया गया था। रानाडे ने भी बाद में इस्तीफा दे दिया।
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