फ्री लैपटॉप : केंद्र सरकार मुफ्त में दे रही है शानदार लैपटॉप! जानिए कितना सच है सोशल मीडिया पर वायरल दावा
पड़ताल: सरकारी योजना से जुड़ी जानकारी की एक तस्वीर सोशल मीडिया पर प्रसारित की जा रही है। वाट्सएप पर आए इस संदेश में दावा किया जा रहा है कि सरकार द्वारा प्रधानमंत्री फ्री लैपटॉप वितरण योजना के तहत सभी को मुफ्त लैपटॉप दिए जा रहे हैं।
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सरकारी योजना का लाभ लेने के लिए लंबी कतारें तो लोगों के मुसीबत का सबब थी ही, लेकिन इंटरनेट के इस दौर में फेक न्यूज यानी झूठी जानकारियों ने भी लोगों के लिए परेशानी खड़ी करने में कम कसर नहीं छोड़ी है। देश के करोड़ों लोग कहीं न कहीं सरकारी योजनाओं के लिए आवेदन करते रहते हैं।
इस क्रम में वह कई बार गलत वाट्सएप संदेशों, विज्ञापन और वेबसाइट के चक्करों में पड़ कर अपना समय और पैसे दोनों गवां देते हैं। हालांकि, केंद्रीय सूचना प्रसारण मंत्रालय के प्रेस इंफोर्मेशन ब्यूरो (पीआईबी) द्वारा इन फर्जी विज्ञापनों की पोल खोल की जाती रही है।
सरकारी योजना से जुड़ी झूठी जानकारी की एक ऐसी ही तस्वीर सोशल मीडिया पर प्रसारित की जा रही है। इस वाट्सएप संदेश में दावा किया जा रहा है कि सरकार द्वारा प्रधानमंत्री फ्री लैपटॉप वितरण योजना के तहत सभी को मुफ्त लैपटॉप दिए जा रहे हैं। केंद्रीय सूचना प्रसारण मंत्रालय के प्रेस इंफोर्मेशन ब्यूरो (पीआईबी) की फैक्ट चेक टीम ने इस दावे को पड़ताल में झूठा करार दिया है।
पीआईबी ने कहा- ''एक वाट्सएप संदेश में दावा किया गया है कि सरकार द्वारा प्रधानमंत्री फ्री लैपटॉप वितरण योजना के तहत सभी को मुफ्त लैपटॉप दिए जा रहे हैं। ऐसे फर्जी संदेशों से सावधान रहें। इन्हें फॉरवर्ड/ शेयर न करें। ऐसे लिंक व वेबसाइट पर अपनी निजी जानकारी भी साझा न करें।''
एक फर्जी #WhatsApp मैसेज में दावा किया जा रहा है कि प्रधानमंत्री फ्री लैपटॉप वितरण योजना के तहत सभी को मुफ्त लैपटॉप दिए जा रहे हैं।#PIBFactCheck
— PIB Fact Check (@PIBFactCheck) November 8, 2021
▪️ ऐसे फर्जी संदेशों से सावधान रहें।
▪️ इन्हें फॉरवर्ड/शेयर न करें।
▪️ ऐसे लिंक व वेबसाइट पर अपनी निजी जानकारी भी साझा न करें। pic.twitter.com/YCytRPmpmg
कैसे करें इन खबरों के विश्वसनीयता की पहचान
इन संदेशों पर भरोसा करने से पहले उम्मीदवारों को संदर्भ के लिए हमेशा ही संस्था या कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट को देखना चाहिए। सरकारी संगठन अपनी वेबसाइट के माध्यम से, समाचार पत्रों के माध्यम से और अपने सत्यापित सोशल मीडिया हैंडल, आधिकारिक ट्विटर हैंडल के माध्यम से योजनाओं की घोषणा करते हैं। ये विज्ञापन राष्ट्रीय और क्षेत्रीय समाचार पत्रों में प्रकाशित किए जाते हैं। धोखाधड़ी करने वाली वेबसाइट और और संदेश आम लोगों को झांसा देकर उनसे ठगी करते हैं।
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