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NEET-UG: एनईईटी-यूजी के लिए काउंसलिंग 14 अगस्त से, चार चरणों में 30 अक्तूबर तक चलेगी प्रक्रिया

Tue, 30 Jul 2024 04:32 AM IST
दीपक कुमार शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: दीपक कुमार शर्मा Updated Tue, 30 Jul 2024 04:32 AM IST
सार

राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) के सचिव डॉ. बी श्रीनिवास ने कहा कि काउंसलिंग की प्रक्रिया के लिए पंजीकरण अगस्त के पहले सप्ताह से शुरू होने की संभावना है। उम्मीदवारों को परामर्श के लिए नवीनतम समाचार और नोटिस के लिए एमसीसी वेबसाइट पर जाने की सलाह दी जाती है।

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NEET UG Counseling from August 14 registration likely start first week
NEET UG Counselling 2024 - फोटो : Amar Ujala Graphics

विस्तार

मेडिकल कॉलेजों में दाखिले के लिए राष्ट्रीय पात्रता-सह-प्रवेश परीक्षा-स्नातक (नीट-यूजी) 2024 की काउंसलिंग 14 अगस्त से शुरू होगी। इसका पहला दौर 31 अगस्त तक चलेगा। काउंसलिंग की पूरी प्रक्रिया चार दौर में आयोजित की जाएगी जो आगामी 30 अक्तूबर तक जारी रहेगी। पहले तीन दौर के बाद एक ऑनलाइन स्ट्रे वैकेंसी राउंड होगा। काउंसलिंग के जरिए देश भर के लगभग 710 मेडिकल कॉलेजों में लगभग 1.10 लाख एमबीबीएस सीटों का आवंटन होगा।

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मेडिकल काउंसलिंग समिति (एमसीसी) के मुताबिक, अखिल भारतीय कोटा सीटों पर प्रवेश का पहला दौर 14 से 31 अगस्त तक होगा। संभावित सीटों का सत्यापन आगामी 14 से 16 अगस्त तक किया जाएगा। इसके बाद पंजीकरण और भुगतान के लिए 21 अगस्त दोपहर 12 बजे तक का समय निर्धारित किया है। पसंद के कॉलेज चुनने और उसे लॉक करने की सुविधा 21 और 22 अगस्त तक रहेगी। इसके बाद 23 अगस्त से मेरिट लिस्ट के छात्रों को पहला मौका दिया जाएगा। इन छात्रों को रिपोर्टिंग और ज्वाइनिंग के लिए 24 से 29 अगस्त तक का समय तय किया है। इनमें शामिल अभ्यर्थियों के डाटा का मेडिकल कॉलेजों के जरिये सत्यापन 30 से 31 अगस्त तक किया जाएगा।
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21 हजार बीडीएस सीट के लिए भी काउंसलिंग
राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) के सचिव डॉ. बी श्रीनिवास ने बताया कि आयुष और नर्सिंग सीट के अलावा 21 हजार बीडीएस सीट के लिए भी काउंसलिंग कराई जाएगी। इसमें अखिल भारतीय कोटे की 15 फीसदी सीट के अलावा सभी एम्स, पांडिचेरी स्थित जेआईपीएमईआर, सभी सेंट्रल यूनिवर्सिटी व डीम्ड यूनिवर्सिटी की सीट शामिल हैं। बाकी सीट पर राज्यों को काउंसलिंग का अधिकार है।
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नीट-यूजी का पूरा विवाद क्या है?
दरअसल, 5 मई को देशभर के 571 शहरों में स्थित 4,750 केंद्रों पर नीट यूजी 2024 का आयोजन किया गया था। इसमें भारत के बाहर के 14 शहर भी शामिल हैं जहां 5 मई (रविवार) को दोपहर 02:00 बजे से शाम 05:20 बजे (IST) तक आयोजित की गई थी। 

परीक्षा कराने के साथ ही इसमें धांधली के आरोप लगने शुरू हो गए। नीट-यूजी में अंकों को बढ़ा-चढ़ाकर बताने के आरोप लगे हैं, जिसके चलते 67 छात्रों ने पूरे 720 अंक के साथ पहली रैंक पाई है। पिछले साल दो छात्रों ने संयुक्त रूप से पहली रैंक हासिल की थी। छात्रों का आरोप है कि कई छात्रों के अंकों को मनमाने ढंग से घटाया या बढ़ाया गया है, जिसका असर उनकी रैंक पर हुआ है।

नीट-यूजी 2024 में कुल 67 छात्रों ने 720 अंक हासिल किए थे, जो NTA के इतिहास में पहली बार है। परफेक्ट स्कोर करने वालों में छह छात्र हरियाणा के एक ही केंद्र से हैं। इससे छात्रों ने परीक्षा में अनियमितताओं का आरोप लगाया। यह भी आरोप लगाया गया है कि ग्रेस मार्क्स के कारण 67 छात्रों ने शीर्ष रैंक साझा की। 1,500 से ज्यादा छात्रों को ग्रेस मार्क्स दिए गए हैं और यह भी जांच के दायरे में हैं। कहा गया कि छह केंद्रों पर परीक्षा में देरी के कारण हुई समय की बर्बादी की भरपाई के लिए ग्रेस मार्क्स दिए गए थे। परीक्षा में पेपर लीक के आरोप भी लगे हैं, जिसकी जांच सीबीआई कर रही है और कई हलकों ने फिर से परीक्षा की मांग की है।

इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में अब तक क्या हुआ है?
मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति जेबी पारदीवाला और न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा की पीठ 40 से अधिक याचिकाओं पर लगातार सुनवाई कर रही है। शीर्ष अदालत ने कहा है कि नीट-यूजी, 2024 की सुचिता प्रभावित हुई है। हालांकि, अदालत ने प्रवेश के लिए काउंसलिंग प्रक्रिया पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है। 


सीजेआई ने याचिकाकर्ता से कहा कि आप हमें संतुष्ट करिए कि पेपर लीक बड़े पैमाने पर हुआ और परीक्षा रद्द होनी चाहिए। दूसरी इस मामले में जांच की दिशा क्या होनी चाहिए वो भी हमें बताएं। सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ता से यह भी कहा कि अगर आप हमारे सामने यह साबित कर देते हैं कि बड़े पैमाने पर गड़बड़ी हुई तभी दोबारा परीक्षा कराने का आदेश दिया जा सकता है। 

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