पहल: एमएसडीई ने यूनिसेफ-युवा के साथ की साझेदारी, फ्यूचर एम्प्लॉयमेंट और उद्यमशीलता को देंगे बढ़ावा
MSDE partners with UNICEF-YuWaah : एमएसडीई, भारत सरकार और यूनिसेफ-युवा ने भारत सरकार-यूनिसेफ कंट्री प्रोग्राम डॉक्यूमेंट 2023-2027 के तहत युवाओं के कौशल और रोजगार की चुनौतियों का समाधान करने के लिए एमओयू किया है।
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MSDE partners with UNICEF-YuWaah: कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय (एमएसडीई), भारत सरकार और यूनिसेफ-युवा ने भारत सरकार-यूनिसेफ कंट्री प्रोग्राम डॉक्यूमेंट 2023-2027 के तहत युवाओं के कौशल और रोजगार की चुनौतियों का समाधान करने के लिए एमओयू किया है। यह साझेदारी दोनों संगठनों - एमएसडीई और यूनिसेफ-युवा की ताकत का लाभ उठाएगी ताकि 21वीं सदी की स्किलिंग, अप्रेंटिसशिप, और उद्यमशीलता के अवसर, करिअर गाइडेंस और नौकरी चाहने वाले युवाओं को सहायता प्रदान की जा सके।
युवा, विश्व स्तर पर जनरेशन अनलिमिटेड के रूप में जाना जाने वाला यूनिसेफ द्वारा एक मल्टी-स्टेकहोल्डर्स प्लेटफॉर्म है, जिसका उद्देश्य युवाओं को शिक्षा और लर्निंग से लेकर प्रोडक्टिव वर्क और एक्टिव सिटीजनशिप में ट्रांजिशन के लिए तैयार करना है। साझेदारी को आधिकारिक तौर पर कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय के सचिव अतुल कुमार तिवारी और भारत में यूनिसेफ की प्रतिनिधि सिंथिया मैककैफ्री द्वारा लॉन्च किया गया था।
मेकिंग अप्रेंटिसशिप एस्पिरेशनल पेपर जारी
इस दौरान 'मेकिंग अप्रेंटिसशिप एस्पिरेशनल : लर्निंग्स एंड वे फॉरवर्ड' नामक एक पेपर भी जारी किया गया। सरकारी अधिकारियों, निजी क्षेत्र, सीएसओ, इंडस्ट्रीज़ बॉडीज और युवाओं के एक कार्यकारी समूह द्वारा संयुक्त रूप से तैयार किया गया यह पेपर एस्टेब्लिशमेंट और अप्रेंटिसशिप को फॉलो करने वाले छात्रों के सामने आने वाले महत्वपूर्ण मुद्दों पर प्रकाश डालता है। पेपर मांग और आपूर्ति दोनों पक्षों से नीतिगत सिफारिशों को रेखांकित करता है, जिसका उद्देश्य भारत में अप्रेंटिसशिप ईको-सिस्टम को स्केल-अप करना है।
21वीं सदी का व्यावसायिक प्रशिक्षण मिलेगा
इस मौके पर एमएसडीई के सचिव तिवारी ने कहा कि भारत एक युवा राष्ट्र है, जिसकी 62 फीसदी से अधिक जनसंख्या वर्किंग-एज ग्रुप में है और लगभग 54 फीसदी आबादी 25 वर्ष से कम आयु की है। डिसरप्टिव टेक्नोलॉजी के युग में, यह आवश्यक है कि हम अपने युवाओं को लाइफ स्किल्स, वित्तीय कौशल, डिजिटल कौशल और उद्यमशीलता कौशल सहित सही शिक्षा और 21वीं सदी का व्यावसायिक प्रशिक्षण प्रदान करें ताकि वे जटिल चुनौतियों को हल करने में सक्षम हों। यूनिसेफ के साथ यह साझेदारी युवा लोगों के लिए प्रोडक्टिव जीवन और आकांक्षात्मक आर्थिक अवसरों के लिए प्रासंगिक कौशल हासिल करने के लिए फ्यूचर ऑफ वर्क के अनुरूप पाथ-वे बनाएगी।
अधिक सस्टेनेबल और इनोवेटिव बनाने में मददगार
भारत में यूनिसेफ की प्रतिनिधि सिंथिया मैककैफ्री ने कहा कि यूनिसेफ भारत के विकास के त्वरक के रूप में, युवाओं के सशक्तीकरण के लिए भारत द्वारा बनाए गए संपन्न ईको-सिस्टम के निर्माण हेतु एमसएसडीई का सहयोग करने के लिए उत्साहित है। हम उन्हें प्रोत्साहित करते हैं कि वे अपनी आकांक्षाओं को उड़ने दें, बड़ा सोचें और निर्भीक बनें। नई भारत सरकार-यूनिसेफ कंट्री प्रोग्राम 2023-2027 के तहत, यह साझेदारी भारत को अधिक सस्टेनेबल और इनोवेटिव बनाने के लिए पॉलिसी स्टेकहोल्डर्स के साथ मिलकर काम करने के अवसर भी पैदा करता है।
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