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यूपीएससी का शताब्दी समारोह: भारत मंडपम में कार्यक्रम, आज पीएम मोदी भी होंगे शामिल, किस किताब का करेंगे विमोचन?

Thu, 01 Oct 2026 09:03 AM IST
शिवम तिवारी एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: शिवम तिवारी Updated Thu, 01 Oct 2026 09:03 AM IST
सार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज, 1 अक्तूबर को नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित होने वाले यूपीएससी के शताब्दी समारोह में शामिल होंगे। कार्यक्रम में स्मारक सिक्का, डाक टिकट और 100 महत्वपूर्ण न्यायिक फैसलों पर आधारित पुस्तक का विमोचन होगा।
 

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Modi to Attend UPSC Centenary Celebrations at Bharat Mandapam on October 1
यूपीएससी शताब्दी समारोह - फोटो : AI Generated

विस्तार

संघ लोक सेवा आयोग यानी यूपीएससी अपने 100 साल पूरे होने का जश्न मना रहा है। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 1 अक्तूबर 2026 को नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित शताब्दी समारोह में शामिल होंगे। कार्यक्रम सुबह 11 बजे शुरू होगा। प्रधानमंत्री इस अवसर पर मौजूद लोगों को संबोधित भी करेंगे।
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कब हुई थी यूपीएससी की स्थापना?

यूपीएससी की स्थापना 1 अक्तूबर 1926 को हुई थी। आयोग ने अपने शताब्दी वर्ष के कार्यक्रम 1 अक्तूबर 2025 से 1 अक्तूबर 2026 तक आयोजित किए हैं। यानी पूरे एक साल चलने वाले समारोह का समापन 1 अक्तूबर को होगा।
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प्रधानमंत्री कार्यक्रम में क्या-क्या करेंगे?

  • शताब्दी समारोह के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यूपीएससी शताब्दी स्मारक सिक्के और स्मारक डाक टिकट जारी करेंगे।
  • इसके अलावा वह ‘100 लैंडमार्क जजमेंट्स - भारत में यूपीएससी और लोक सेवा आयोगों की नीतियों को आकार देना’ नाम की पुस्तक का भी विमोचन करेंगे।
  • यह पुस्तक उन 100 महत्वपूर्ण न्यायिक प्रक्रियाओं पर केंद्रित है, जिनमें यूपीएससी और देश के अलग-अलग लोक सेवा आयोगों की नीतियों पर प्रभाव पड़ रहा है।
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  • कार्यक्रम में यूपीएससी से जुड़े अधिकारियों के साथ-साथ विभिन्न राज्यों के लोक सेवा आयोगों के अध्यक्ष और सदस्य भी शामिल होंगे। केंद्र सरकार के वरिष्ठ अधिकारी, शिक्षाविद और अन्य विशिष्ट लोग भी कार्यक्रम का हिस्सा होंगे।

यह भी पढ़ें: पहले क्या था यूपीएससी का नाम, कौन थे पहले अध्यक्ष? जीके के 10 महत्वपूर्ण सवाल
 

30 सितंबर को क्या कार्यक्रम हुआ?

  • यूपीएससी की ओर से शताब्दी समारोह के तहत 30 सितंबर और 1 अक्तूबर को दो दिवसीय कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है।
  • पहले दिन 30 सितंबर को भारत मंडपम में ‘शताब्दी समारोह-मंथन’ का आयोजन हुआ।
  • इसमें अलग-अलग क्षेत्रों से जुड़े जाने-माने वक्ता अपने विचार रखे।
  • इसके बाद यूपीएससी और अन्य लोक सेवा आयोगों से जुड़े विषयों पर कई पैनल चर्चाएं हुईं।
  • इन चर्चाओं में आयोगों की भूमिका, कामकाज और लोक सेवा से जुड़े मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया।
  • दो दिवसीय आयोजन का उद्देश्य आयोग की 100 साल की यात्रा से जुड़े विभिन्न पहलुओं को सामने रखना है।

1 अक्तूबर का कार्यक्रम क्यों खास है?

1 अक्तूबर को होने वाला मुख्य कार्यक्रम यूपीएससी की 100 वर्षों की यात्रा और देश की प्रशासनिक व्यवस्था में उसकी भूमिका को रेखांकित करेगा। यूपीएससी की स्थापना 1926 में हुई थी और बाद में संविधान लागू होने के साथ इसका नाम संघ लोक सेवा आयोग रखा गया। आयोग केंद्र सरकार की विभिन्न सेवाओं के लिए भर्ती परीक्षाएं आयोजित करता है। शताब्दी समारोह में उसके अब तक के सफर और लोक सेवा में उसके योगदान पर चर्चा होगी। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में देशभर से लोक सेवा आयोगों से जुड़े प्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहेंगे।
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