मध्यप्रदेशः माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय की महापरिषद और विद्या परिषद भंग
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मध्यप्रदेश सरकार ने अपने अधिकारों का प्रयोग करते हुए माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय की महापरिषद और विद्या परिषद को भंग कर दिया है। सरकार ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं विश्वविद्यालय (संशोधन) अधिनियम 2019 तथा माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय अधिनियम 1990 में प्राप्त अधिकारों के तहत महापरिषद और विद्या परिषद को भंग किया है। बता दें कि विश्वविद्यालय की महापरिषद और विद्या परिषद के गठन के आदेश 18 मार्च 2020 को जारी किए गए थे।
हाल ही में नरहरि बनाए गए कुलपति
माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय में बीती 18 अप्रैल को विवि के कुलपति दीपक तिवारी ने इस्तीफा दे दिया था, जबकि इसके अगले दिन विवि के कुलाधिसचिव (रेक्टर) श्री रमेशचंद्र भंडारी ने त्याग पत्र दे दिया था। इसके बाद दीपक तिवारी की जगह पी. नरहरि (आईएएस) को विश्वविद्यालय का नया कुलपति बनाया गया।
बता दें कि नरहरि मध्यप्रदेश शासन के जनसंपर्क विभाग में सचिव थे। वहीं, दूसरी तरफ खबर ये है कि एमसीयू के जनसंचार विभाग में कार्यरत प्रो. संजय द्विवेदी को विश्वविद्यालय का कुलसचिव बनाया गया है। प्रो. द्विवेदी के कार्यभार ग्रहण करने के पश्चात दीपेन्द्र सिंह बघेल को कुलसचिव के पद के प्रभार से मुक्त किया गया।
सूत्रों के मुताबिक तिवारी ने अपना इस्तीफा मुख्यमंत्री और विश्वविद्यालय कार्यपरिषद के अध्यक्ष शिवराज सिंह चौहान को भेज दिया था। गौरतलब है कि दीपक तिवारी को इस वर्ष फरवरी में विश्वविद्यालय का कुलपति नियुक्त किया गया था। उन्होंने पूर्व कुलपति जगदीश उपासने की जगह ली थी।
बता दें विश्वविद्यालय का मुख्यालय भोपाल में है। इसकी शाखाएं राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली सहित देश के अनेक स्थानों पर हैं। 1992 में स्थापित इस विश्वविद्यालय में पत्रकारिता और संचार से जुड़े कई कोर्स संचालित किए जाते हैं।

