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पर्यटन ही नहीं, शिक्षा का भी गढ़ है दक्षिण भारत, ये हैं प्रमुख संस्थान

Wed, 29 Jan 2020 04:38 PM IST
Jaya Tripathi एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: Jaya Tripathi Updated Wed, 29 Jan 2020 04:38 PM IST
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Famous places to visit in Karnataka Tamilnadu Kerala and Andra Pradesh Top Colleges in South india

भारत एक विशाल देश है जिसका दक्षिण का हिस्सा विशाल समुद्र तट, झरने, वन, झील और अपने ऐतिहासिक स्मारकों व मंदिरों से समृद्ध है। इन कारणों से देश का ये हिस्सा हमेशा से ही संस्कृति, परंपरा और पर्यटन का केंद्र रहा है। देश के इस हिस्से को दक्षिण भारत कहते हैं। दक्षिण भारत के प्रमुख राज्य हैं कर्नाटक, केरल, आंध्रप्रदेश, तेलंगाना और तमिलनाडु। दक्षिण भारत अपनी प्राकृतिक खूबसूरती ही नहीं बल्कि ज्ञान के लिए भी विख्यात है। पर्यटन ही नहीं, ये हिस्सा शिक्षा का भी गढ़ माना जाता है। यहां हम आपको बता रहे हैं दक्षिण भारत के कुछ प्रमुख संस्थानों के बारे में जो देश ही नहीं, विदेश में भी भारत की पहचान बने हैं।

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कर्नाटक :

1 नवंबर 1956 को राज्य पुनर्गठन अधिनियम के तहत इस राज्य का गठन किया गया था। इससे पहले इस राज्य को मैसूर राज्य कहा जाता था। कर्नाटक शब्द का उद्गम कन्नड़ शब्द करु, अर्थात काली या ऊंची और नाडु अर्थात भूमि, प्रदेश या क्षेत्र से हुआ है जिसका अर्थ है ऊंचा प्रदेश। यह प्रदेश कई प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थानों के लिए भी जाना जाता है।

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भारतीय विज्ञान संस्थान (IISc) :
इस संस्थान ने अंतरिक्ष तथा नाभिकीय प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया है। इसकी स्थापना 27 मई 1909 को हुई थी। इसरो के वर्तमान चेयरमैन के. सिवन भी इस संस्थान के विद्यार्थी रह चुके हैं।
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भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM) :
इस संस्थान की स्थापना 1973 में हुई थी। इसका परिसर 100 एकड़ में फैला हुआ है। इसरो के पूर्व अध्यक्ष डॉक्टर के. राधाकृष्णन आईआईएम बंगलुरू के छात्र रहे हैं।

तमिलनाडु :

तमिलनाडु यह उन गिने चुने क्षेत्रों में से एक है जो प्राचीन काल से अब तक लगातार बसे हुए है। यह प्रदेश चोल, चेर और पांड्य जैसे प्रसिद्ध राजवंशों की कर्मभूमि रहा है। तमिलनाडु की सांस्कृतिक विशेषता तंजावुर के भित्तिचित्र, भरतनाट्यम्, मंदिर-निर्माण तथा अन्य स्थापत्य कलाएं हैं। यहां शिक्षण संस्थान में मद्रास विश्वविद्यालय और आईआईटी मद्रास अहम है।


मद्रास विश्वविद्यालय :
इस विश्वविद्यालय की स्थापना सन् 1857 में चेन्नई में की गई थी। इसके पूरे शहर में 6 कैंपस हैं। इस विश्वविद्यालय में लगभग 230 पाठ्यक्रमों की पढ़ाई कराई जाती है। भारत के 11वें राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम ने इसी विश्वविद्याल से शिक्षा प्राप्त की थी।

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मद्रास (IIT Madras) :
इस संस्थान की स्थापना चेन्नई में वर्ष 1959 में की गई थी। यह भारत सरकार द्वारा स्थापित तीसरा आईआईटी था। यह संस्थान 2016 से 2019 तक भारतीय इंजीनियरिंग संस्थानों की रैंकिंग में प्रथम रहा है। इंफोसिस के को-फाउंडर क्रिस गोपालकृष्णन इस संस्थान के विद्यार्थी रहे हैं।

केरल :

ईश्वर का अपना घर मतलब केरल। इस राज्य का गठन 1 नवंबर 1956 को हुआ था। केरल के अधिकांश लोगों की मातृभाषा मलयालम है। केरल के पास विज्ञान और प्रौद्योगिकी की समृद्ध परंपरा है। केरल गणित और खगोलशास्त्र के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्यों के लिए भी जाना जाता है। 


इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ स्पाइस रिसर्च :
सन् 1976 में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद् द्वारा इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ स्पाइस रिसर्च की स्थापना की गई थी। इस संस्थान में एसएससी और पीएचडी जैसे कोर्स किए जा सकते हैं। इस संस्थान को आईसीएआर इंस्टीट्यूट आवॉर्ड से 1999 और 2009 में नवाजा जा चुका है।

राष्ट्रीय अंतर्विषयी विज्ञान तथा प्रौद्योगिकी संस्थान :
राष्ट्रीय अंतर्विषयी विज्ञान तथा प्रौद्योगिकी (NIIST) संस्थान तिरुवनंतपुरम की स्थापना सन् 1975 में की गई। एनआईआईएसटी औद्योगिक अनुसंधान परिषद् की एक संघटक प्रयोगशाला है। राष्ट्रीय अंतर्विषयी विज्ञान तथा प्रौद्योगिकी संस्थान सन् 1978 में क्षेत्रीय अनुसंधान प्रयोगशाला के रूप में नामित की गई। वहीं 2007 में फिर से इसे एनआईआईएसटी कर दिया गया। वर्तमान में एनआईआईएसटी कृषि प्रसंस्करण, रसायन विज्ञान, सामग्री और खनिज, जैव प्रौद्योगिकी, प्रोसेस इंजीनियरिंग और पर्यावरण प्रौद्योगिकी से संबंधित अनुसंधान एवं विकास कार्यक्रमों में सक्रिय है।

आंध्र प्रदेश :

धान के कटोरे के नाम से प्रसिद्ध राज्य आंध्र प्रदेश भारत का चौथा सबसे बड़ा और जनसंख्या की दृष्टि से आठवां सबसे बड़ा राज्य है। भारत का दूसरा सबसे बड़ा समुद्र तट इसी राज्य में है। यहां की भाषा तेलुगू है। महान संस्कृत महाकाव्य महाभारत का तेलुगू में अनुवाद करने वाले नन्नय्या, तिक्कना और येर्राप्रगडा यहीं के थे। आंध्र प्रदेश में करीब 1330 कला, विज्ञान और वाणिज्य महाविद्यालय; 1000 MBA और MCA  कॉलेज; 500 इंजीनियरिंग कॉलेज और 53 मेडिकल कॉलेज हैं। इनमें से प्रमुख संस्थान निम्न हैं।


बिड़ला प्रौद्योगिकी एवं विज्ञान संस्थान, पिलानी :
बिड़ला प्रौद्योगिकी एवं विज्ञान संस्थान को ज्यातर लोग बिट्स पिलानी के नाम से जानते हैं। इसकी स्थापना घनश्याम दास बिड़ला द्वारा सन् 1929 में एक इंटर कॉलेज के रूप में हुई थी। यह भारत के सबसे पुराने प्रौद्योगिकी संस्थानों में से एक है। इस संस्थान से निकलने वाले छात्रों ने राजनीती से लेकर बिजनेस के क्षेत्र तक में अपना परचम लहराया है। इनमें से कुछ नाम हैं- फिल्म निर्देशक मणिशंकर, एक्सिस बैंक के सीईओ अमिताभ चौबे, आदि।

इंडियन स्कूल ऑफ़ बिजनेस (आईएसबी) हैदराबाद :
इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस (आईएसबी) की स्थापना 1996 में की गई थी। यह स्कूल मैनेजमेंट में स्नातकोत्तर कार्यक्रम (पीजीपी), पोस्ट-डॉक्टरेट कार्यक्रम और साथ ही साथ व्यावसायिक अधिशाषी के लिए प्रबंधक शिक्षा कार्यक्रम प्रदान करता है। इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस फइनेंशियल टाइम्स की वार्षिक एमबीए 2010 की रैंकिंग के अनुसार सर्वोच्च 100 ग्लोबल बी-स्कूलों में 12वें स्थान पर रहा।

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