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CBSE: क्या 10वीं बोर्ड परीक्षा में हिंदी और अंग्रेजी दोनों विषय अनिवार्य होंगे? नए ड्राफ्ट आने के बाद उठे सवाल

Sat, 01 Mar 2025 07:10 PM IST
शिवम गर्ग एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: शिवम गर्ग Updated Sat, 01 Mar 2025 07:10 PM IST
सार

CBSE Class 10 Board Exam: सीबीएसई के हाल ही में जारी ड्राफ्ट में क्लास 10 बोर्ड परीक्षा में अंग्रेजी और हिंदी को अनिवार्य विषय के रूप में शामिल किए जाने पर सवाल उठाए जा रहे हैं। जानें इस ड्राफ्ट के बारे में क्या है नया विवाद और सीबीएसई की ओर से क्या स्पष्टीकरण आया।

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CBSE: Will both Hindi and English be compulsory in class 10th board exam? Questions raised after new draft cam
नए ड्राफ्ट आने के बाद उठे सवाल - फोटो : Amar Ujala Graphics

विस्तार

CBSE Draft Policy: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने 2025-26 से 10वीं बोर्ड परीक्षा को साल में दो बार आयोजित करने का प्रस्ताव पेश किया है। इस प्रस्ताव के बाद से बोर्ड द्वारा पेश किए गए विषयों में शामिल भाषाओं को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं। खासतौर पर अंग्रेजी और हिंदी को अनिवार्य भाषा विषयों के रूप में शामिल करने की चर्चा हो रही है। क्या वाकई सीबीएसई कक्षा 10 के छात्रों को अंग्रेजी और हिंदी को अनिवार्य रूप से पढ़ने को कहेगा? यह सवाल अब चर्चा का विषय बन गया है।

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सीबीएसई के नए प्रपोजल में भाषा विषयों में बदलाव के कारण छात्रों और शिक्षकों के बीच कुछ भ्रम और सवाल पैदा हो गए हैं।

भाषा विषयों पर उठे सवाल  

25 फरवरी को जारी किए गए सीबीएसई ड्राफ्ट नीति के अनुसार, अंग्रेजी और हिंदी को भाषा 1 और भाषा 2 के रूप में रखा गया है, जबकि अन्य सभी क्षेत्रीय और विदेशी भाषाओं को "क्षेत्रीय और विदेशी भाषाओं" के समूह में डाल दिया गया है। इस बदलाव ने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या सभी छात्रों के लिए इन दोनों भाषाओं को अनिवार्य बना दिया जाएगा?

ड्राफ्ट नीति में इंगित किया गया है कि अंग्रेजी और हिंदी के लिए अलग-अलग परीक्षा दिवस निर्धारित होंगे, जबकि अन्य सभी भाषाओं की परीक्षा एक ही दिन में आयोजित की जाएगी। इससे पहले पंजाब ने पंजाबी भाषा के "विलोपन" को लेकर चिंता जताई थी, जिसके बाद सीबीएसई ने स्पष्ट किया कि यह सूची केवल "संकेतात्मक" है यानी यह अंतिम नहीं है।



सीबीएसई ने यह स्पष्ट किया कि जो भी विषय और भाषाएं वर्तमान में प्रस्तावित की जा रही हैं, वे 2025-26 के लिए भी लागू रहेंगी। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं किया गया कि क्यों अंग्रेजी को भाषा 1 और हिंदी को भाषा 2 के रूप में रखा गया है, जबकि अन्य भाषाओं को वैकल्पिक स्थान दिया गया है।
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2024-25 के लिए कक्षा 10वीं पाठ्यक्रम में भाषा विषयों के विकल्प  
वर्तमान में, सीबीएसई के क्लास 10 पाठ्यक्रम में पांच अनिवार्य विषयों में हिंदी, अंग्रेजी, गणित, विज्ञान और सामाजिक विज्ञान शामिल हैं। छात्रों को इन पांच विषयों में से किसी एक भाषा विषय में हिंदी या अंग्रेजी का चयन करना होता है, जबकि दूसरी भाषा का चुनाव वैकल्पिक होता है।  

क्या बदलाव आएंगे?  

सीबीएसई ने यह भी घोषणा की कि क्लास 9-10 के पाठ्यक्रम में छात्रों को तीन भाषाएं पढ़नी होती हैं, जिनमें से एक तीसरी भाषा कक्षा 8 तक अनिवार्य होती है। इसके बाद, छात्र कक्षा 10 बोर्ड परीक्षा में दो प्रमुख भाषाओं में से किसी एक को चुन सकते हैं।

सीबीएसई के परीक्षा नियंत्रक डॉ. संयम भारद्वाज ने कहा कि यह केवल एक ड्राफ्ट है। हमनें स्पष्ट रूप से कहा है कि सभी विषयों और भाषाओं को पहले जैसा ही प्रस्तुत किया जाएगा। हालांकि अभी भी कई सवाल बने हुए हैं, खासकर भाषा विषयों में होने वाले संभावित बदलावों को लेकर। CBSE ने इस ड्राफ्ट नीति पर 9 मार्च 2025 तक फीडबैक मांगा है, जिससे इस मामले में और भी स्पष्टता मिल सकती है।
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