दिल्ली : विश्वस्तरीय शिक्षक विश्वविद्यालय शुरू, उपमुख्यमंत्री ने कहा- ब्रांड के रूप में बनाएगा पहचान
सरकार ने नए दौर के बेहतर शिक्षक तैयार करने की दिशा में इसकी शुरुआत कर दी है। शुक्रवार को उपमुख्यमंत्री व शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने इस विश्वविद्यालय का उद्घाटन किया। यह विश्वविद्यालय तेजी से शुरू होना वाला विश्वविद्यालय है क्योंकि इसे विधानसभा में कानून बनने के मात्र दो माह के भीतर शुरू कर दिया गया है।
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दिल्ली सरकार ने दिल्ली शिक्षक विश्वविद्यालय शुरू करने के अपने वादे को पूरा कर दिया है। सरकार ने नए दौर के बेहतर शिक्षक तैयार करने की दिशा में इसकी शुरुआत कर दी है। शुक्रवार को उपमुख्यमंत्री व शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने इस विश्वविद्यालय का उद्घाटन किया। यह विश्वविद्यालय तेजी से शुरू होना वाला विश्वविद्यालय है क्योंकि इसे विधानसभा में कानून बनने के मात्र दो माह के भीतर शुरू कर दिया गया है।
इस अवसर पर सिसोदिया ने कहा कि यह विश्वविद्यालय भविष्य के राष्ट्र निर्माताओं को तैयार करेगा। यह शिक्षकों की शिक्षा के क्षेत्र में एक ब्रांड के रूप में उभरेगा, जहां प्रशिक्षुओं को विश्वस्तरीय प्रशिक्षण मिलेगा। साथ ही, नए आइडियाज के लिए राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के साथ सहयोग किया जाएगा। यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि प्रशिक्षु 30 से 50 फीसदी समय स्कूलों में व्यतीत करें और करके सीखने का अनुभव प्राप्त करें। यहां एक ऐसा सेल स्थापित किया जाएगा जो दिल्ली के सभी स्कूलों में जाकर बच्चों को शिक्षक बनने के लिए ओरिएंटेशन देगा।
सिसोदिया ने कहा कि हमारा विजन इस विवि को देश-दुनिया की सर्वश्रेष्ठ यूनिवर्सिटी बनाना है। इसका स्तर आईआईटी-आईआईएम से भी अच्छा हो, इसका प्रयास रहेगा। मालूम हो कि जनवरी 2022 को विधानसभा में इस विवि का कानून पास हुआ था। दो महीने के अंदर ही कागजी औपचारिकता, उपकुलपति का चयन सहित सभी कार्य पूरे कर लिए गए हैं।
इस मौके पर दिल्ली टीचर्स यूनिवर्सिटी के उपकुलपति प्रो. धनंजय जोशी ने कहा कि बच्चा डॉक्टर और इंजीनियर बनने का सपना देखता है, लेकिन शिक्षक विश्वविद्यालय के माध्यम से इसे बदलने का काम किया जाएगा। हम बच्चों को शिक्षक बनने के लिए प्रेरित करेंगे। उद्घाटन समारोह में दिल्ली विधानसभा स्टैंडिंग कमेटी की चेयरपर्सन आतिशी मार्लेना, शिक्षा सचिव एच. राजेश प्रसाद, उच्च शिक्षा सचिव (टेक्निकल एजुकेशन) आर एलिस वाज, शिक्षा निदेशक (टेक्निकल एजुकेशन) रंजना देशवाल, एससीईआरटी निदेशक रजनीश कुमार सिंह, शिक्षा सलाहकार शैलेन्द्र शर्मा सहित आदि उपस्थित रहे।
ये हैं विशेषताएं
- हाई-क्वालिटी प्री.सर्विस व इन सर्विस प्रोग्राम।
- नए दौर के बीएड, एमएड, पीएचडी व अन्य सर्टिफिकेट प्रोग्राम।
- शिक्षा के क्षेत्र में फंडामेंटल व एप्लाइड रिसर्च पर फोकस।
- नए विचार व गतिविधियों के आदान-प्रदान के लिए राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय साझेदारी।
- व्यवहारिक अनुभव देने के लिए स्कूलों के साथ पार्टनरशिप।
- यहां कोर्सेज विषय ज्ञान पर केंद्रित नहीं होंगे, बल्कि प्रशिक्षण लेने वालों को प्रैक्टिकल कौशल भी दिए जाएंगे।
देश विकसित तभी बनेगा जब देश का हर युवा प्रशिक्षित होगा
दिल्ली केविद्यार्थियों में तकनीकी शिक्षा व कौशल को बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। अब सरकार ने जहांगीरपुरी स्थित आईटीआई में स्टेट ऑफ आर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर से लैस नया अकडेमिक ब्लॉक, कॉस्मेटोलॉजी लैब व जैक्वार फाउंडेशन के सहयोग से आधुनिक प्लंबिंग लैब तैयार की है।
दिल्ली केउपमुख्यमंत्री व शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने शुक्रवार को ब्लॉक व लैब का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा देश विकसित तभी बनेगा जब देश का हर युवा कुशल हो। इसकेलिए छात्रों को डिग्री हासिल करने के साथ-साथ हुनरमंद भी बनना होगा।
सिसोदिया ने कहा कि हमारी आईटीआई के छात्र अपने कौशल केकारण बड़ी-बड़ी कंपनियों में नौकरियां प्राप्त कर रहे हैं। लेकिन अब उन्हें ऐसा बनाने की जरूरत है जिसमें वह नौकरी देने वाले भी बने। अब आईटीआई में बाजार की जरूरतों के मुताबिक ऐसे लैब स्थापित किए जा रहे हैं, जिससे कि विद्यार्थियों को करकेसीखने का अनुभव मिले। विकसित देशों में तकनीकी शिक्षा पर जोर दिया जाता है। भारत में भी हमें इस सोच के साथ आगे बढने की जरुरत है। बीते कुछ सालों में बाजार की मांग को देखते हुए आईटीआई में तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा दिया जा रहा है।
कई इंडस्ट्री के साथ पार्टनरशिप
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि बीते 4-5 सालों में प्रशिक्षण को बेहतर करने के लिए दिल्ली के प्रशिक्षण एवं तकनीकी शिक्षा विभाग ने होटल क्राउन प्लाजा,एनबीसीसी इंडिया लिमिटेड, जैक्वार फाउंडेशन, सीमेंस, टाटा मोटर्स, मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड, हुंडई मोटर, टीवीएस मोटर, एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स, जैसी प्रतिष्ठित इंडस्ट्री के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर किए हैं। इस कारण से आईटीआई के विद्यार्थियों को इनमें ट्रेनिंग केसाथ-साथ नौकरी भी मिल रही हैं।