फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   water level of Yamuna was recorded at 205.30 meters at 8 pm After eight days in Delhi flood

Yamuna Flood: आठ दिन बाद दिल्ली खतरे से बाहर, यमुना का गिरा जलस्तर; 1978 में आई थी तबाही वाली बाढ़

Tue, 18 Jul 2023 10:50 PM IST
अनुज कुमार अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: अनुज कुमार Updated Tue, 18 Jul 2023 10:50 PM IST
सार

देश की राजधानी दिल्ली में आखिरकार आठ दिन बाद यमुना का जलस्तर गिर गया। सुबह पांच बजे से जलस्तर लगातार नीचे आता गया और रात आठ बजे 205.30 मीटर रहा। 

विज्ञापन
water level of Yamuna was recorded at 205.30 meters at 8 pm After eight days in Delhi flood
लोहे के पुल पर यमुना का जल स्तर घटना शुरू - फोटो : विवेक निगम/अमर उजाला

विस्तार

दिल्ली आठ दिन बाद बाढ़ के खतरे से मुक्त हुई। 10 जुलाई को शाम पांच बजे यमुना का जलस्तर खतरे के निशान को पार करते हुए 205.40 मीटर पहुंच गया था और रात 11 बजे तक यह 206.83 मीटर था। 12 जुलाई को जलस्तर ने 1978 के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ते हुए 208.13 मीटर दर्ज किया। इसके बाद 13 जुलाई को रात आठ बजे तक यमुना अब तक के सबसे ऊपरी जलस्तर 208.66 मीटर तक पहुंच गई थी, लेकिन घंटे भर बाद नौ बजे जलस्तर में एक सेंटीमीटर की गिरावट आई। 

विज्ञापन

10 से 18 जुलाई तक यमुना में दर्ज हुआ ये रिकॉर्ड
14 जुलाई को अधिकतम जलस्तर 208.12 मीटर रहा। इसके बाद 15 जुलाई को जलस्तर 206.10 मीटर दर्ज किया गया। 16 जुलाई को जलस्तर 205.52 मीटर रहा। 16 जुलाई को जलस्तर फिर से बढ़ने लगा और यह 205.58 मीटर दर्ज किया गया और रात को 10 बजे तक जलस्तर 206 मीटर तक पहुंच गया, लेकिन 18 जुलाई को सुबह पांच बजे से यमुना का जलस्तर लगातार नीचे आता गया और रात में आठ बजे यह 205.30 मीटर दर्ज किया गया।

विज्ञापन
विज्ञापन

बारिश से कई इलाकों में भारी जलभराव
मंगलवार दोपहर को बारिश होने पर कई इलाकों में भारी जलभराव हुआ। यमुना में गिरने वाले सभी नाले अब तक खुले नहीं हैं, जिसके कारण बारिश का पानी सड़कों पर भर गया। दिल्ली सचिवालय, आईटीओ और राजघाट में भारी जलभराव रहा। दिल्ली में 13 जुलाई को यमुना 45 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ते हुए उच्चतम स्तर 208.66 मीटर पर पहुंच गई थी। 

विज्ञापन

1978 में आई थी दिल्ली में भयंकर बाढ़
इससे पहले 1978 में यमुना का सर्वाधिक जलस्तर 207.49 मीटर पहुंच गया था, तब बाढ़ से दिल्ली में भारी तबाही हुई थी। 43 वर्ग किलोमीटर कृषि भूमि यमुना में समा गई थी और भारी जन-धन की हानि हुई थी, लेकिन इस बार यमुना का जलस्तर रिकॉर्ड स्तर पर बढ़ने के बावजूद उतनी जन-धन की हानि नहीं हुई, क्योंकि मौजूदा समय यमुना के करीब सभी किनारों पर पुश्ते बने हैं, जिसके कारण बाढ़ का पानी खादर क्षेत्र में ही फैला। इससे नदी के किनारे के कुछ इलाके ही डूबे। रिहायशी इलाकों में पानी नहीं पहुंच सका।

24 घंटे बाद फिर से पानी घटने लगा
मंगलवार को हथिनीकुंड बैराज से सुबह नौ बजे से 52820 क्यूसेक पानी हर घंटे छोड़ा गया, जबकि सोमवार को हर घंटे 46612 क्यूसेक पानी छोड़ा गया था, लेकिन यमुना का जलस्तर निरंतर ऊपर आ रहा था। मंगलवार सुबह छह बजे तक इसका जलस्तर लगातार बढ़ रहा था, लेकिन घंटे भर बाद सात बजे से फिर जलस्तर नीचे जाने लगा। माना जा रहा है कि अब यमुना जल्द खतरे के निशान से नीचे चली जाएगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed