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उपहार सिनेमा कांड: सबूतों से छेड़छाड़ मामले में रद्द नहीं होगी अंसल भाइयों की सजा, दिल्ली हाईकोर्ट ने दिया आदेश

Wed, 16 Feb 2022 11:28 AM IST
अनुराग सक्सेना पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली Published by: अनुराग सक्सेना Updated Wed, 16 Feb 2022 11:28 AM IST
सार

रियल एस्टेट कारोबारियों सुशील अंसल और गोपाल अंसल को साल साल कैद की सजा को रद्द नहीं करने के सेशन कोर्ट के आदेश को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने दोषियों के आवेदन को खारिज कर दिया।

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Uphaar cinema scandal: The punishment of Ansal brothers will not be canceled in the case of tampering with evidence Delhi High Court ordered
दिल्ली हाईकोर्ट - फोटो : ANI

विस्तार

उपहार सिनेमा कांड के सबूतों से छेड़छाड़ के मामले में अंसल भाइयों को बुधवार को भारी झटका लगा है। दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को यह आदेश दिया।

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उपहार सिनेमा हादसे में सबूतों से छेड़छाड़ मामले में रियल एस्टेट कारोबारी सुशील और गोपाल अंसल को मिली सात साल की सजा को रद्द करने की याचिका को दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को खारिज करने से इनकार कर दिया।
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जस्टिस सुब्रमड्यम प्रसाद ने कहा, ''जहां तक अंसल भइयों की बात है, मैं उनके आवेदन को खारिज करता हूं।''

पिछले साल अंसल भाइयों और पूर्व कोर्ट स्टाफ दिनेश चंद शर्मा और दो अन्य- पीपी बत्रा व अनूप सिंह करायत को ट्रायल कोर्ट ने सात साल कारावास की सजा सुनाई थी और सत्र न्याायलय ने इस आदेश को रद्द करने और उन्हें जमानत देने से इनकार कर दिया था।

अंसल भाइयों ने अपने बुढ़ापे समेत कई अन्य दलीलें देते हुए सजा को रद्द करने का आग्रह किया था। इस याचिका का दिल्ली पुलिस और एसोसिएशन ऑफ विक्टिम्स ऑफ उपहार ट्रेजेडी (एवीयूटी) ने विरोध किया था।

सबूतों से छेड़छाड़ सबसे पहले 20 जुलाई 2002 में सामने आई। उस समय शर्मा के खिलाफ एक विभागीय जांच शुरू की गई थी, जिसके बाद उसे निलंबित कर दिया गया था। इसके बाद जांच की गई और उसे 25 जून 2004 को बर्खास्त कर दिया गया। मेजिस्ट्रियल कोर्ट ने अंसल भाइयों पर सात साल कैद के साथ-साथ 2.25-2.25 करोड़ रुपये का अर्थ दंड भी लगाया है।

एवीयूटी की चेयरपर्सन नीलम कृष्णमूर्ति की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था, जिसके बाद यह केस दर्ज किया गया था।

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