DMRC Pink Line: त्रिलोकपुरी-मयूर विहार सेक्शन आज से शुरू, बनी एनसीआर की लिंक लाइन
- सब्र खत्म, एनसीआर की सभी मेट्रो लाइनें होंगी साथ साथ
- पिंक लाइन का नया सेक्शन शुरू होने से मेट्रो यात्रियों को मिलेगी बड़ी सहूलियत
- एनसीआर के किसी भी शहर में जाने के लिए लिंक मेट्रो बनेगी पिंक लाइन,
- महामारी काल में पहले सेक्शन पर मेट्रो सेवा की होगी शुरुआत
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कोरोना काल में दिल्ली मेट्रो अपने एनसीआर के मुसाफिरों बड़ी राहत देने जा रही है। पिंक लाइन का त्रिलोकपुरी (संजय लेक) और मयूर विहार, पॉकेट-1 सेक्शन आज शुरू होने से मेट्रो की एनसीआर की सभी लाइनें साथ-साथ जुड़ जाएंगी। इससे दिल्ली समेत एनसीआर के किसी भी शहर में जाने के लिए बार-बार मेट्रो नहीं बदलनी पड़ेगी। वाया पिंक लाइन वह अपनी मंजिल को ले जाने वाली मेट्रो पर सवारी कर सकेंगे।
पिंक लाइन के 58.6 किलोमीटर के इस कॉरिडोर पर अब तक मेट्रो सेवाएं न होने की वजह से यात्रियों को पिंक लाइन पर दो अलग अलग छोर पर मेट्रो सेवा उपलब्ध थी। कोरोना काल में यह पहला मौका है जब किसी सेक्शन पर मेट्रो सेवा की शुरुआत की जा रही है। इसे एक बड़ी उपलब्धि के तौर देखा जा रहा है।
केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्री हरदीप सिंह पुरी और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल विडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये इस सेक्शन पर मेट्रो सेवा की शुरुआत करेंगे। सुबह 10:15 बजे उदघाटन समारोह शुरू होगा जबकि 10.50 पर समापन होगा। तीन बजे से यात्रियों को इस सेक्शन पर सफर की इजाजत होगी।
एनसीआर को जाने वाली मेट्रो की रेड लाइन, ब्लू लाइन, यलो लाइन व वायलेट लाइन इस कारीडोर के शुरू होने से पिंक लाइन से जुड़ जाएंगी। अब अगर किसी को नोएडा, गाजियाबाद समेत पूर्वी दिल्ली से फरीदाबाद या गुरूग्राम आना-जाना होगा तो उनको ब्लू, रेड, येलो होते हुए वॉयलेट लाइन के बीच चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा। पिंक लाइन पर इंटरचेंज की सुविधा होने से वह अपनी मंजिल की तरफ जाने वाली मेट्रो में सवारी कर सकेंगे।
पिंक लाइन पर फिलहाल 58.6 किलोमीटर में मेट्रो सेवाएं उपलब्ध है। त्रिलोकपुरी(संजय लेक)और मयूर विहार-1 के बीच मेट्रो सेवाएं अब तक नहीं थी। इस वजह से यात्रियों को शिव विहार-त्रिलोकपुरी और मजलिस पार्क-मयूर विहार पॉकेट-1 पर दो अलग अलग कॉरिडोर पर सफर का मौका मिल रहा था। पूर्वी दिल्ली के इस सेक्शन में मेट्रो सुविधा न होने से यात्रियों को दक्षिण सहित दिल्ली और फरीदाबाद और गुरुग्राम या नोएडा आने जाने में भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था।
पीक आवर्स में क्षमता से दो गुना मुसाफिर
कोरोना प्रोटोकॉल के बीच चल रही दिल्ली मेट्रो का सफर अभी मुश्किलों पर होगा। बंदिशों से इस वक्त की एक लाख यात्रियों की क्षमता की जगह पीक आवर्स में करीब दो लाख यात्री सफर कर रहे हैं। नतीजन, मुसाफिरों को अभी कुछ दिन तक मेट्रो परिसर के बाहर लाइन में लगना पड़ेगा। वहीं, इजाजत न होने के बावजूद कोच के अंदर खड़े होकर सफर करना पड़ सकता है। मेट्रो प्रशासन का मानना है कि भीड़ प्रबंधन के लिए अभी वह अपने मेट्रो स्टेशन के सभी इंट्री गेट नहीं खोल सकता है। यात्रियों की सुरक्षा के लिए कोविड प्रोटोकॉल का पालन करना दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन(डीएमआरसी) ने जरूरी बताया है।
डीएमआरसी का कहना है कि दिल्ली मेट्रो के सभी 2000 कोच ट्रैक पर हैं। वहीं, हर कोच में 50 यात्रियों को बैठने की सुविधा है। इस हिसाब से करीब एक लाख यात्री एक बार में सफर कर सकते हैं। जबकि पीक आवर्स में मेट्रो का ट्रैफिक इस वक्त करीब दो लाख बैठ रहा है। यात्रियों की संख्या दो गुनी होने से डीएमआरसी ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए एहतियाती इंतजाम किए जा रहे हैं। एहतियात के तौर पर मेट्रो स्टेशनों पर एक-दो गेट खोले गए हैं। इससे बाहर लंबी लाइनें लग रही हैं।
मेट्रो प्रशासन के मुताबिक, कोविड प्रोटोकाल लागू होने से अभी मेट्रो स्टेशन के बाहर यात्रियों की कतारें दिख रही हैं। अभी स्टेशनों के सभी गेट प्रवेश के लिए नहीं खोले जा सकते। डीएमआरसी की ओर से बेड़े में शामिल लगभग सभी ट्रेनों का परिचालन किया जा रहा है। क्षमता एक लाख होने के बाद भी सुबह और शाम के वक्त रोजाना करीब 2 लाख यात्री सफर कर रहे हैं। डीएमआरसी के कार्यकारी निदेशक (कॉरपोरेट कम्युनिकेशन)अनुज दयाल का कहना है कि अगर सभी गेट खोल दिए जाएं तो मेट्रो के अंदर यात्रियों की संख्या को नियंत्रित करना मुश्किल होगा। इस वजह से सीमित संख्या में गेट खोले जा रहे हैं। इससे मेट्रो के अंदर और स्टेशनों पर यात्रियों की भीड़ बढ़ेगी, नतीजतन सामाजिक दूरी के मानकों का और अधिक उल्लंघन होगा।
कानून व्यवस्था के लिए एहतियाती कदम
पीक आवर्स के दौरान यात्रियों की तरफ से हाल ही में कतार से अलग होकर प्रवेश करने, जबरन गेट खोलने, क्षतिग्रस्त करने सहित ड्यूटी पर तैनात कर्मियों के साथ दुर्व्यवहार के मामले सामने आ चुके हैं। कोविड प्रोटोकॉल के पालन और कानून और व्यवस्था की समस्या पैदा न हो इसलिए डीएमआरसी की तरफ से जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।
बेहद जरूरी होने पर ही करें सफर
मेट्रो में केवल सीटों पर बैठकर ही यात्रियों को सफर की इजाजत होने की वजह से डीएमआरसी ने जनता से अपील की है कि पीक आवर्स में बेहद जरूरी होने पर ही सफर करें। अगर संभव हो ऑफ पीक आवर्स में मेट्रो में सफर करें। इससे लंबी कतार नहीं लगेगी।