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Delhi News: सगे ने सौतेले पिता पर लगाया बेटी से दुष्कर्म व हत्या का आरोप
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-पुलिस के आत्महत्या के दावे का किया खंडन, कहा, एटीआर पूरी तरह से अपूर्ण और गंभीर चूकों से है भरी
संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। कड़कड़डूमा कोर्ट में 13 साल की बच्ची के पिता ने अतिरिक्त हलफनामा दायर करते हुए आरोप दोहराया गया है कि उसकी बेटी से सौतेले पिता ने दुष्कर्म किया और उसकी हत्या कर दी। दिल्ली पुलिस ने अपनी पूर्व की कार्रवाई रिपोर्ट (एटीआर) में किसी भी तरह की गड़बड़ी से इन्कार किया और कहा कि नाबालिग ने आत्महत्या की है। सगे पिता ने पुलिस की दलीलों का विरोध करते हुए कहा है कि एटीआर पूरी तरह से अपूर्ण और गंभीर चूकों से भरी हुई है। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी (जेएमएफसी) आयुषी सक्सेना ने मामले को आगे की सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया है।
शिकायकर्ता ने अतिरिक्त हलफनामे में कार्रवाई रिपोर्ट (एटीआर) को पूरी तरह से अपूर्ण और गंभीर चूकों से भरा बताया है। साथ ही, हत्या, यौन उत्पीड़न और सबूतों से छेड़छाड़ सहित संज्ञेय अपराधों के गंभीर आरोपों का सामना करने में स्पष्ट रूप से विफल बताया है। अतिरिक्त हलफनामे में यह भी कहा गया है कि एटीआर का आत्महत्या का निष्कर्ष समय से पहले का है और फोरेंसिक साक्ष्यों में समर्थित नहीं है, इसलिए सच्चाई को उजागर करने और न्याय दिलाने के लिए बीएनएसएस 2023 की धारा 194 (आत्महत्या या किसी अन्य संदिग्ध मौत के मामलों में पुलिस को जांच करने और रिपोर्ट देने का निर्देश) के तहत तत्काल एफआईआर दर्ज करना और एक व्यापक जांच आवश्यक है। इसके अलावा शिकायतकर्ता ने अदालत से एसएचओ को एफआईआर दर्ज करने और यह पता लगाने का निर्देश देने का अनुरोध किया है कि उसकी बेटी का शव कहां दफनाया गया है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। कड़कड़डूमा कोर्ट में 13 साल की बच्ची के पिता ने अतिरिक्त हलफनामा दायर करते हुए आरोप दोहराया गया है कि उसकी बेटी से सौतेले पिता ने दुष्कर्म किया और उसकी हत्या कर दी। दिल्ली पुलिस ने अपनी पूर्व की कार्रवाई रिपोर्ट (एटीआर) में किसी भी तरह की गड़बड़ी से इन्कार किया और कहा कि नाबालिग ने आत्महत्या की है। सगे पिता ने पुलिस की दलीलों का विरोध करते हुए कहा है कि एटीआर पूरी तरह से अपूर्ण और गंभीर चूकों से भरी हुई है। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी (जेएमएफसी) आयुषी सक्सेना ने मामले को आगे की सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया है।
शिकायकर्ता ने अतिरिक्त हलफनामे में कार्रवाई रिपोर्ट (एटीआर) को पूरी तरह से अपूर्ण और गंभीर चूकों से भरा बताया है। साथ ही, हत्या, यौन उत्पीड़न और सबूतों से छेड़छाड़ सहित संज्ञेय अपराधों के गंभीर आरोपों का सामना करने में स्पष्ट रूप से विफल बताया है। अतिरिक्त हलफनामे में यह भी कहा गया है कि एटीआर का आत्महत्या का निष्कर्ष समय से पहले का है और फोरेंसिक साक्ष्यों में समर्थित नहीं है, इसलिए सच्चाई को उजागर करने और न्याय दिलाने के लिए बीएनएसएस 2023 की धारा 194 (आत्महत्या या किसी अन्य संदिग्ध मौत के मामलों में पुलिस को जांच करने और रिपोर्ट देने का निर्देश) के तहत तत्काल एफआईआर दर्ज करना और एक व्यापक जांच आवश्यक है। इसके अलावा शिकायतकर्ता ने अदालत से एसएचओ को एफआईआर दर्ज करने और यह पता लगाने का निर्देश देने का अनुरोध किया है कि उसकी बेटी का शव कहां दफनाया गया है।
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