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दिल्ली से आतंकी गिरफ्तार: पुलिस ने किए चौंकाने वाले खुलासे, दस्तावेजों के लिए भारतीय महिला से कर ली थी शादी
Tue, 12 Oct 2021 05:35 PM IST
प्राची प्रियम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: प्राची प्रियम
Updated Tue, 12 Oct 2021 05:35 PM IST
सार
अदालत में पेश करने के बाद पुलिस को मोहम्मद अशरफ की 14 दिनों की कस्टडी मिल गई है। अब पुलिस उससे और भी कई बातें उगलवाने की कोशिश करेगी, लेकिन इससे पहले दिल्ली पुलिस ने प्रेस कांफ्रेंस कर कई तरह के खुलासे किए।
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आतंकी मोहम्मद अशरफ
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
दिल्ली को दहलाने की साजिश रच रहे पाकिस्तानी आतंकी को स्पेशल सेल ने लक्ष्मीनगर से गिरफ्तार कर लिया है। मंगलवार को अदालत में पेश करने के बाद पुलिस को उसकी 14 दिनों की कस्टडी मिल गई है। अब पुलिस उससे और भी कई बातें उगलवाने की कोशिश करेगी, लेकिन इससे पहले दिल्ली पुलिस ने प्रेस कांफ्रेंस कर कई तरह के खुलासे किए।
डीसीपी स्पेशल सेल प्रमोद कुशवाहा ने बताया कि मोहम्मद अशरफ नाम के एक पाकिस्तानी नागरिक को स्पेशल सेल की टीम ने गिरफ्तार किया है। वह पिछले 10 वर्षों से भारत में रह रहा था और भारतीय नागरिक होने के सारे फर्जी प्रमाण पत्र बनवा रखे थे। उसके पास से एक एके 47, मैग्जीन, ग्रेनेड, दो पिस्तौल और अन्य घातक सामान बरामद किए गए हैं। शुरुआती पूछताछ में उसने कई तरह के खुलासे किए हैं जिसके बारे में पुलिस ने जानकारी दी है।
स्लीपर सेल की तरह काम कर रहा था अशरफ
अशरफ एक दशक से दिल्ली में रहकर आतंकी गतिविधियों में स्लीपर सेल की तरह काम करता था। उसने बताया कि पूर्व में भी जम्मू-कश्मीर समेत देश के अन्य कई हिस्सों में आतंकी गतिविधियों में उसकी संलिप्तता रही है। फिलहाल इन जानकारियों की जांच की जा रही है। फिलहाल उसे जो टास्क सौंपा गया था उसके तहत उसे किसी जगह पर आतंकी हमला करना था। हथियार और विस्फोटक भी उसी टास्क के लिए भिजवाए गए थे। हालांकि अभी उसे हमले की जगह नहीं बताई गई थी। यह सब पाकिस्तान आईएसआई के इशारों पर हो रहा था।
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सिलिगुड़ी बॉर्डर से आया था भारत
अशरफ ने खुलासा किया है कि 10 साल पहले पाकिस्तान आईएसआई ने उसे पूरी तरह प्रशिक्षण देकर बांग्लादेश के रास्ते से सिलिगुड़ी बॉर्डर होते हुए भारत की सीमा में भेजा था। फिलहाल पुलिस उसकी पूर्व में आतंकी गतिविधियों में संलिप्तता की पुष्टि कर रही है और उसके अन्य सहयोगियों की तलाश कर रही है। इसने इससे पहले कुछ टास्कों में और कुछ आतंकी गतिविधियों में पर्दे के पीछे से काम किया है। फिलहाल शुरुआती पूछताछ में पुलिस को इतनी जानकारी मिल पाई है।
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डीसीपी स्पेशल सेल प्रमोद कुशवाहा ने बताया कि मोहम्मद अशरफ नाम के एक पाकिस्तानी नागरिक को स्पेशल सेल की टीम ने गिरफ्तार किया है। वह पिछले 10 वर्षों से भारत में रह रहा था और भारतीय नागरिक होने के सारे फर्जी प्रमाण पत्र बनवा रखे थे। उसके पास से एक एके 47, मैग्जीन, ग्रेनेड, दो पिस्तौल और अन्य घातक सामान बरामद किए गए हैं। शुरुआती पूछताछ में उसने कई तरह के खुलासे किए हैं जिसके बारे में पुलिस ने जानकारी दी है।
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स्लीपर सेल की तरह काम कर रहा था अशरफ
अशरफ एक दशक से दिल्ली में रहकर आतंकी गतिविधियों में स्लीपर सेल की तरह काम करता था। उसने बताया कि पूर्व में भी जम्मू-कश्मीर समेत देश के अन्य कई हिस्सों में आतंकी गतिविधियों में उसकी संलिप्तता रही है। फिलहाल इन जानकारियों की जांच की जा रही है। फिलहाल उसे जो टास्क सौंपा गया था उसके तहत उसे किसी जगह पर आतंकी हमला करना था। हथियार और विस्फोटक भी उसी टास्क के लिए भिजवाए गए थे। हालांकि अभी उसे हमले की जगह नहीं बताई गई थी। यह सब पाकिस्तान आईएसआई के इशारों पर हो रहा था।
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सिलिगुड़ी बॉर्डर से आया था भारत
अशरफ ने खुलासा किया है कि 10 साल पहले पाकिस्तान आईएसआई ने उसे पूरी तरह प्रशिक्षण देकर बांग्लादेश के रास्ते से सिलिगुड़ी बॉर्डर होते हुए भारत की सीमा में भेजा था। फिलहाल पुलिस उसकी पूर्व में आतंकी गतिविधियों में संलिप्तता की पुष्टि कर रही है और उसके अन्य सहयोगियों की तलाश कर रही है। इसने इससे पहले कुछ टास्कों में और कुछ आतंकी गतिविधियों में पर्दे के पीछे से काम किया है। फिलहाल शुरुआती पूछताछ में पुलिस को इतनी जानकारी मिल पाई है।
लगातार बदलता था ठिकाने
पुलिस ने बताया कि यह भारत में रहने के लिए कई तरह के फर्जी प्रमाण पत्र बनवा चुका था। यहां यह अहमद नूरी नाम से रह रहा था। इस नाम से इसके पास भारतीय पासपोर्ट भी था। इस पासपोर्ट के आधार पर वह एक बार साउदी अरब और एक बार थाईलैंड की यात्रा भी कर चुका है। बताया कि अशरफ बीते 10 वर्षों में अजमेर, दिल्ली, गाजियाबाद, जम्मू-कश्मीर समेत कई जगहों पर रह चुका है। भारत में आने के बाद वह लगातार ठिकाने बदलता रहा है।
दस्तावेजों के लिए भारतीय महिला से की थी शादी
इतना ही नहीं, भारत में आकर इसने दस्तावेजों की उपलब्धता को आसान बनाने के इरादे से कुछ महीनों पहले एक महिला से शादी भी कर ली थी। इसके बाद बिहार जाकर इसने एक फर्जी पहचान पत्र बनवाया जिसके आधार पर बाकी के दस्तावेज बनवाए गए। जिस महिला से उसने शादी की थी वह गाजियाबाद के वैशाली की रहने वाली थी। अशरफ ने उससे शादी भी अपने मंसूबों को पूरा करने के लिए ही की थी। कुछ ही महीनों बाद इसने उस महिला को छोड़ दिया था।
पाकिस्तान का 'नासिर' देता था आदेश
पूछताछ में पता चला कि इसका आका पाकिस्तान में बैठा एक आतंकी था, जो इसे आदेश देता था कि आगे क्या करना है। उसका कोड नेम नासिर है। उसी ने अशरफ को बताया था कि हथियार कहां से मिलेंगे। हालांकि कौन इसे हथियार उपलब्ध कराएगा इसकी जानकारी इसे नहीं होती थी। जब कभी पैसों की जरूरत होती थी तो वो भी इसे हवाला के माध्यम से भेजे जाते थे।
दस्तावेजों के लिए भारतीय महिला से की थी शादी
इतना ही नहीं, भारत में आकर इसने दस्तावेजों की उपलब्धता को आसान बनाने के इरादे से कुछ महीनों पहले एक महिला से शादी भी कर ली थी। इसके बाद बिहार जाकर इसने एक फर्जी पहचान पत्र बनवाया जिसके आधार पर बाकी के दस्तावेज बनवाए गए। जिस महिला से उसने शादी की थी वह गाजियाबाद के वैशाली की रहने वाली थी। अशरफ ने उससे शादी भी अपने मंसूबों को पूरा करने के लिए ही की थी। कुछ ही महीनों बाद इसने उस महिला को छोड़ दिया था।
पाकिस्तान का 'नासिर' देता था आदेश
पूछताछ में पता चला कि इसका आका पाकिस्तान में बैठा एक आतंकी था, जो इसे आदेश देता था कि आगे क्या करना है। उसका कोड नेम नासिर है। उसी ने अशरफ को बताया था कि हथियार कहां से मिलेंगे। हालांकि कौन इसे हथियार उपलब्ध कराएगा इसकी जानकारी इसे नहीं होती थी। जब कभी पैसों की जरूरत होती थी तो वो भी इसे हवाला के माध्यम से भेजे जाते थे।
खुद को बताता था पीर मौलाना
दिल्ली में रहते हुए इसने एक पीर मौलाना की पहचान बनाई थी। वह लोगों को बताता था कि वह कुरान की आयतें पढ़कर बीमारियां ठीक करने का काम करता है। वह दिल्ली व आसपास के इलाकों में यह सब काम करता था।
10वीं के बाद ही आईएसआई में शामिल हो गया था अशरफ
पूछताछ में उसने बताया कि वह मूल रूप से पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के नरोवाल जिले का रहने वाला है। उसके मां-बाप की मौत हो चुकी है। उसके दो भाई और तीन बहन हैं। वह 2004-05 के करीब पाकिस्तान से बाहर निकला था। 10वीं पास करने के बाद ही यह आईएसआई में शामिल हो गया था।
10वीं के बाद ही आईएसआई में शामिल हो गया था अशरफ
पूछताछ में उसने बताया कि वह मूल रूप से पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के नरोवाल जिले का रहने वाला है। उसके मां-बाप की मौत हो चुकी है। उसके दो भाई और तीन बहन हैं। वह 2004-05 के करीब पाकिस्तान से बाहर निकला था। 10वीं पास करने के बाद ही यह आईएसआई में शामिल हो गया था।