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बच्चों की शिक्षा के लिए क्या इनोवेशन किए, बताएंगे शिक्षक
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नई दिल्ली। कोरोना महामारी के कारण स्कूल मार्च से बंद हैं। स्कूलों में बच्चों की ऑनलाइन पढ़ाई जारी है। इस दौरान शिक्षक बच्चों को ऑनलाइन कक्षाओं से जोड़ने के लिए अलग-अलग तरह के इनोवेशन कर रहे हैं। अब सरकार इन शिक्षकों के इनोवेशन को पहचान दिलाने का प्रयास कर रही है। दरअसल दिल्ली बाल अधिकार संरक्षण आयोग (डीसीपीसीआर) जल्द ही एक जर्नल लांच करने जा रहा है। इस जनरल में शिक्षकों के इनोवेशन को जगह मिलेगी।
शिक्षकों के साथ ही स्कूल मैनेजमेंट कमेटी सदस्य भी अपने इनोवेशन व अन्य प्रैक्टिकल को साझा कर सकते हैं। बच्चों की जिंदगी में कोविड-19 के असर का पता लगाने के लिए डीसीपीसीआर एक जर्नल प्रकाशित करेगा। चिल्ड्रेन फर्स्ट जर्नल ऑन चिल्ड्रेन लाइव के इस जर्नल की थीम है: बच्चों की जिंदगी में कोविड-19 के प्रभाव।
शिक्षा निदेशालय ने सरकारी स्कूल के प्राचार्यों को निर्देशित किया है कि स्कूलों के शिक्षकों ने महामारी के दौरान बच्चों को पढ़ाने के लिए जो भी इनोवेशन किए उसकी जानकारी दी जाए। कहा गया है कि शिक्षक यह जानकारी 20 फरवरी तक डीसीपीआर को भेज सकते हैं। इस संबंध मेें शिक्षकों व एसएमसी सदस्यों को इसकी जानकारी देने को कहा है। जिससे वह अपने इनोवेशन को एक पहचान दे सकें।
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निदेशालय का मानना है कि कोविड-19 के दौरान बच्चों की ऑनलाइन पढ़ाई में शिक्षकों व एसएमसी सदस्यों की काफी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। डीसीपीसीआर इस जर्नल के माध्यम से बच्चों की शिक्षा के साथ-साथ उनकी सेहत और सुरक्षा पर जानकारी एकत्र कर रहा है। इस तरह से डीसीपीसीआर अपने इनोवेशन को देने के लिए शिक्षकों को एक प्लेटफार्म प्रदान कर रहा है।
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शिक्षकों के साथ ही स्कूल मैनेजमेंट कमेटी सदस्य भी अपने इनोवेशन व अन्य प्रैक्टिकल को साझा कर सकते हैं। बच्चों की जिंदगी में कोविड-19 के असर का पता लगाने के लिए डीसीपीसीआर एक जर्नल प्रकाशित करेगा। चिल्ड्रेन फर्स्ट जर्नल ऑन चिल्ड्रेन लाइव के इस जर्नल की थीम है: बच्चों की जिंदगी में कोविड-19 के प्रभाव।
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शिक्षा निदेशालय ने सरकारी स्कूल के प्राचार्यों को निर्देशित किया है कि स्कूलों के शिक्षकों ने महामारी के दौरान बच्चों को पढ़ाने के लिए जो भी इनोवेशन किए उसकी जानकारी दी जाए। कहा गया है कि शिक्षक यह जानकारी 20 फरवरी तक डीसीपीआर को भेज सकते हैं। इस संबंध मेें शिक्षकों व एसएमसी सदस्यों को इसकी जानकारी देने को कहा है। जिससे वह अपने इनोवेशन को एक पहचान दे सकें।
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निदेशालय का मानना है कि कोविड-19 के दौरान बच्चों की ऑनलाइन पढ़ाई में शिक्षकों व एसएमसी सदस्यों की काफी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। डीसीपीसीआर इस जर्नल के माध्यम से बच्चों की शिक्षा के साथ-साथ उनकी सेहत और सुरक्षा पर जानकारी एकत्र कर रहा है। इस तरह से डीसीपीसीआर अपने इनोवेशन को देने के लिए शिक्षकों को एक प्लेटफार्म प्रदान कर रहा है।