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उपहार अग्निकांड : सुशील अंसल की गवाह से पुन: जिरह की मांग याचिका खारिज

Fri, 17 Sep 2021 09:10 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Fri, 17 Sep 2021 09:10 PM IST
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Sushil Ansal's plea seeking re-examination of the witness dismissed
नई दिल्ली। हाईकोर्ट ने उपहार अग्निकांड मामले से जुड़े सबूतों से छेड़छाड़ से संबंधित मामले में जांच अधिकारी से पुन: जिरह संबंधी सुशील अंसल की याचिका को खारिज कर दी है। अदालत ने स्पष्ट किया कि मामले की सुनवाई में पहले ही देरी हो चुकी है और गवाह को पुन: बुलाने का कोई ठोस आधार नहीं है।
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न्यायमूर्ति योगेश खन्ना ने सुशील अंसल के उस तर्क को खारिज कर दिया कि मामले में उनके द्वारा वकील बदलने पर पुन: जिरह की इजाजत प्रदान की जाए। अदालत ने कहा मात्र वकील बदलने के आधार पर याचिका स्वीकार नहीं की जा सकती क्योंकि सुशील अंसल का चयनित वकील जांच अधिकारी से पहले ही विस्तार से जिरह कर चुका है।
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अदालत ने कहा यह उचित नहीं होगा कि मात्र इस आधार पर मंजूरी प्रदान की जाए कि नए वकील जिरह करना चाहते हैं। इसके अलावा याची के अधिवक्ता ने एक नहीं बल्कि 18 गवाहों से पुन: जिरह करने का फैसला किया। अदालत ने कहा चूंकि मामले में पहले ही काफी विलंब हुआ है। इसलिए पीड़िता की दुर्दशा को भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
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निचली अदालत ने दो सितंबर को सीआरपीसी की धारा 311 (अहम गवाह को बुलाने या मौजूद किसी व्यक्ति की जांच करने की शक्ति) के तहत अंसल की याचिका का निपटारा कर दिया था जबकि वे जांच अधिकारी से जिरह करने के लिए एक और अवसर की मांग कर रहे हैं।
दिल्ली पुलिस व उपहार अग्निकांड पीड़ित एसोसिएशन ने याचिका पर आपत्ति जताते हुए कहा कि आरोपी द्वारा वकील बदलकर जानबूझ कर सुनवाई में देरी का प्रयास किया जा रहा है। एसोसिएशन अध्यक्ष नीलम कृष्णमूर्ति की ओर से पेेश वरिष्ठ अधिवक्ता विकास पाहवा ने दलील दी कि मुकदमे में पहले से ही काफी देरी हो चुकी है। पीड़ितों को कई बार उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर 2013 में आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करवाने के लिए और यहां तक कि 2018 में ट्रायल में तेजी लाने के लिए भी आग्रह करना पड़ा है।

इस मामले में अंसल बंधुओं के साथ अदालत के कर्मचारी दिनेश चंद शर्मा और पी पी बत्रा, हर स्वरूप पंवार, अनूप सिंह और धर्मवीर मल्होत्रा आरोपी हैं। वहीं आरोपी पंवार और मल्होत्रा की मौत हो गई। आरोप है कि अदालत के कर्मचारी के सहयोग से आरोपियों ने फाइल से कई अहम दस्तावेजों व चैक को गायब कर दिया था।
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