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डीयू की स्पेशल कट ऑफ में कोर्स व कॉलेज नहीं बदल सकेंगे
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नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय के शैक्षणिक सत्र 2020-21 में दाखिले के लिए इस बार पांच कट ऑफ के बाद एक स्पेशल कट ऑफ भी निकाली जाएगी। दाखिला प्रक्रिया की ड्राफ्ट गाइडलाइन में इसकी सिफारिश की गई है। इस स्पेशल कट ऑफ में छात्र कोर्स व कॉलेज नहीं बदल सकेंगे। दाखिलों में स्थिरता लाने के लिए यह योजना तैयार की गई है। इसके लिए ए और बी का फार्मूला तैयार किया गया है।
छात्रों को उपलब्ध कोर्स (ए) और उपलब्ध कॉलेज (बी) का चयन करना होगा। छात्रों को कॉलेज का आवंटन कोर्स की उपलब्धता के आधार पर ही होगा। स्पेशल कट ऑफ में देखा जाएगा कॉलेज के उस कोर्स में सीटें उपलब्ध है या नहीं। यह स्पेशल कट ऑफ सीट खाली रहने पर ही निकाली जाएगी। इसमें उन्हीं को दाखिला मिलेगा जिन्होंने पहली पांच कट ऑफ में किसी कारणवश दाखिला नहीं लिया होगा।
अन्य कट ऑफ में भी बार-बार कॉलेज व कोर्स बदलने की अनुमति नहीं मिलेगी। कट ऑफ आने के बाद छात्रों को किसी एक कॉलेज व एक कोर्स का चयन करने का विकल्प मिलेगा। प्रशासन का मानना है कि ऐसा करने से छात्र बार-बार दाखिला रद नहीं कराएंगे। वहीं कॉलेजों में एकदम से सीटें भी खाली नहीं हो सकेंगी। इससे दाखिले में स्थिरता रहेगी। छात्रों को कॉलेज व कोर्स का चुनाव ऑनलाइन ही करना होगा। इसके लिए उन्हें कॉलेज आने की आवश्यकता नहीं होगी।
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छात्रों को उपलब्ध कोर्स (ए) और उपलब्ध कॉलेज (बी) का चयन करना होगा। छात्रों को कॉलेज का आवंटन कोर्स की उपलब्धता के आधार पर ही होगा। स्पेशल कट ऑफ में देखा जाएगा कॉलेज के उस कोर्स में सीटें उपलब्ध है या नहीं। यह स्पेशल कट ऑफ सीट खाली रहने पर ही निकाली जाएगी। इसमें उन्हीं को दाखिला मिलेगा जिन्होंने पहली पांच कट ऑफ में किसी कारणवश दाखिला नहीं लिया होगा।
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अन्य कट ऑफ में भी बार-बार कॉलेज व कोर्स बदलने की अनुमति नहीं मिलेगी। कट ऑफ आने के बाद छात्रों को किसी एक कॉलेज व एक कोर्स का चयन करने का विकल्प मिलेगा। प्रशासन का मानना है कि ऐसा करने से छात्र बार-बार दाखिला रद नहीं कराएंगे। वहीं कॉलेजों में एकदम से सीटें भी खाली नहीं हो सकेंगी। इससे दाखिले में स्थिरता रहेगी। छात्रों को कॉलेज व कोर्स का चुनाव ऑनलाइन ही करना होगा। इसके लिए उन्हें कॉलेज आने की आवश्यकता नहीं होगी।
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