{"_id":"62b2635e1c46e707ba3c2702","slug":"shooter-tried-four-times-to-kill-sidhu-musewala-but-failed","type":"story","status":"publish","title_hn":"Moosewala Murder : सिद्धू मूसेवाला की हत्या के लिए चार बार की गई थी कोशिश, पर नाकाम रहे शूटर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Moosewala Murder : सिद्धू मूसेवाला की हत्या के लिए चार बार की गई थी कोशिश, पर नाकाम रहे शूटर
Wed, 22 Jun 2022 06:03 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Wed, 22 Jun 2022 06:03 AM IST
सार
कई बार सिद्धू मूसेवाला शूटरों के बिल्कुल पास से निकल गया था। जांच में ये बात भी सामने आई है कि कनाडा में बैठे गैंगस्टर गोल्डी बराड़ ने सिद्धू मूसेवाला की हत्या के लिए उसकी गतिविधियों पर नजर रखने के लिए निगरानी टीम भी बनाई थी।
विज्ञापन
सिद्धू मूसेवाला
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या के आरोप में गिरफ्तार शूटरों ने चार बार हत्या करने की कोशिश की थी, लेकिन अधिक भीड़ व कड़ी सुरक्षा के चलते वह वारदात को अंजाम नहीं दे पाए थे। कई बार सिद्धू मूसेवाला शूटरों के बिल्कुल पास से निकल गया था। जांच में ये बात भी सामने आई है कि कनाडा में बैठे गैंगस्टर गोल्डी बराड़ ने सिद्धू मूसेवाला की हत्या के लिए उसकी गतिविधियों पर नजर रखने के लिए निगरानी टीम भी बनाई थी।
विज्ञापन
स्पेशल सेल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि गिरफ्तार प्रियव्रत उर्फ फौजी ने खुलासा किया है कि लॉरेंस बिश्रोई व गोल्डी बराड़ ने करीब छह महीने पहले ही शूटरों को सिद्धू मूसेवाला की हत्या के निर्देश दिए थे। तभी से शूटर उसके पीछे लग गए थे। पंजाब में एक वॉलीबाल मैच के दौरान वहां मौजूद मूसेवाला की हत्या की कोशिश की गई थी, लेकिन भीड़ बहुत ज्यादा थी।
विज्ञापन
इस कारण बदमाश लौट गए। मूसेवाला को एक कोर्ट में भी मारने का प्रयास किया गया था। कोर्ट में भी उस समय बहुत भीड़ थी। पुलिस अधिकारियों के अनुसार गोल्डी बराड़ ने मूसेवाला की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए निगरानी टीम बनाई थी। मूसेवाला कहां जा रहा है, किससे मिल रहा है और उसके कहां-कहां कार्यक्रम होने पर इस पर नजर रखने का जिम्मा निगरानी टीम का था।
विज्ञापन
शूटरों ने पूछताछ में ये भी बताया है कि सिद्धू की गतिविधियों पर इसलिए नजर रखी जा रही थी कि ताकि पता लग सके कि उसकी सुरक्षा कब-कब कम होती है। इस तरह की रैकी कर उसकी हत्या की गई थी।