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Delhi News: गोरक्षा के लिए शंकराचार्य ने संसद तक किया पैदल मार्च
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संसद के गेट नंबर 2 के पास किया पूजन, गो माता को राष्ट्र माता घोषित करवाने का संकल्प लिया
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। गोरक्षा की मांग को लेकर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने संसद तक पैदल मार्च किया। साथ ही संसद के गेट नंबर दो के पास पूजन कर गो माता को राष्ट्र माता घोषित करवाने का संकल्प लिया। उनकी यह पदयात्रा 14 मार्च को गोवर्धन गिरिराज जी की परिक्रमा से शुरू हुई थी। बृहस्पतिवार को वह दिल्ली पहुंचे। इस बीच उन्हें 20 लोगों के साथ संसद भवन तक पदयात्रा की अनुमति दी गई। इसी जगह पर सन 1966 में निहत्थे गो भक्तों एवं संतों पर गोलियां चलाई गईं थीं। इस जगह पर पहुंच कर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने मिट्टी को अपने माथे से लगाया। साथ ही गो माता को राष्ट्र माता घोषित करवाने का संकल्प लिया। इस दौरान यह भी कहा कि गो माता को पशुओं की सूची से हटाकर राष्ट्र माता की सूची में डाला जाए। इसे लेकर संसद में एक प्रस्ताव पारित किया जाए। उन्हें राष्ट्र माता का प्रोटोकॉल भी दिया जाए। शंकराचार्य ने यह भी कहा कि जितनी भी राजनीतिक पार्टियां हैं वह शपथ पूर्वक घोषणा करें कि अगर हम सत्ता में आते हैं तो गाे माता को राष्ट्र माता घोषित करेंगे। अगर पार्टियां शपथ नहीं देती हैं तो यह माना जाएगा कि वह गो माता विरोधी हैं।
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। गोरक्षा की मांग को लेकर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने संसद तक पैदल मार्च किया। साथ ही संसद के गेट नंबर दो के पास पूजन कर गो माता को राष्ट्र माता घोषित करवाने का संकल्प लिया। उनकी यह पदयात्रा 14 मार्च को गोवर्धन गिरिराज जी की परिक्रमा से शुरू हुई थी। बृहस्पतिवार को वह दिल्ली पहुंचे। इस बीच उन्हें 20 लोगों के साथ संसद भवन तक पदयात्रा की अनुमति दी गई। इसी जगह पर सन 1966 में निहत्थे गो भक्तों एवं संतों पर गोलियां चलाई गईं थीं। इस जगह पर पहुंच कर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने मिट्टी को अपने माथे से लगाया। साथ ही गो माता को राष्ट्र माता घोषित करवाने का संकल्प लिया। इस दौरान यह भी कहा कि गो माता को पशुओं की सूची से हटाकर राष्ट्र माता की सूची में डाला जाए। इसे लेकर संसद में एक प्रस्ताव पारित किया जाए। उन्हें राष्ट्र माता का प्रोटोकॉल भी दिया जाए। शंकराचार्य ने यह भी कहा कि जितनी भी राजनीतिक पार्टियां हैं वह शपथ पूर्वक घोषणा करें कि अगर हम सत्ता में आते हैं तो गाे माता को राष्ट्र माता घोषित करेंगे। अगर पार्टियां शपथ नहीं देती हैं तो यह माना जाएगा कि वह गो माता विरोधी हैं।