फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   seprate block will get to burn and senior citizen patient service will be available last of this year

बुजुर्गों से लेकर बर्न मरीजों को एम्स में मिलेगा अलग ब्लॉक, साल के अंत तक सेवाएं होंगी शुरू

Mon, 11 Jan 2021 08:21 PM IST
विक्रांत चतुर्वेदी अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: विक्रांत चतुर्वेदी Updated Mon, 11 Jan 2021 08:21 PM IST
विज्ञापन
seprate block will get to burn and senior citizen patient service will be available last of this year
एम्स दिल्ली - फोटो : फाइल
लंबे समय के बाद अब बुजुर्गों से लेकर बर्न मरीजों तक को दिल्ली एम्स में खास सुविधाएं मिलने जा रही हैं। इसी साल के अंत तक मरीजों तीन नए ब्लॉक मिलेंगे जहां सर्जरी से लेकर बर्न मामलों तक को भर्ती किया जा सकेगा। सोमवार को दिल्ली एम्स के 47वें दीक्षांत समारोह पर निदेशक डॉ रणदीप गुलेरिया ने बताया कि एम्स में सर्जरी, बर्न व प्लास्टिक सर्जरी और जीरिएट्रिक ब्लॉक की सुविधा मरीजों को इसी साल के अंत तक मिल सकती है। इनमें बर्न व प्लास्टिक सर्जरी और सर्जरी ब्लॉक बनकर पूरी तरह तैयार है। कोरोना महामारी के बीच दिल्ली एम्स ने पहला ई दीक्षांत समारोह आयोजित किया। इस दौरान केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ हर्षवर्धन, राज्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे और विश्व स्वास्थ्य संगठन की क्षेत्रीय निदेशक डॉ पूनम खेत्रपाल मौजूद रहीं। कार्यक्रम के दौरान एम्स प्रबंधन ने पीएचडी से लेकर एमबीबीएस पाठ्यक्रम तक के 1430 विधार्थियों को डिग्री देकर सम्मानित किया।
विज्ञापन


दरअसल दिल्ली एम्स पिछले कई साल से मास्टर प्लान पर काम रहा है। विश्वस्तरीय विश्वविधालय बनाने के लिए एम्स में ईस्ट और वेस्ट अंसारी नगर इलाके में कार्य चल रहा है। मरीजों की भीड़ कम करने और जल्द उपचार देने के लिए दिल्ली एम्स ने एक सर्जरी ब्लॉक बना है। 200 बिस्तरों वाले इस ब्लॉक में 12 ऑपरेशन थियेटर हैं। ठीक इसी तरह एम्स परिसर में ही बर्न व प्लास्टिक सर्जरी ब्लॉक बना है। यहां 100 बिस्तरों ी व्यवस्था है। यह दोनों ही ब्लॉक बनकर तैयार हैं और कोरोना के लिए इनका इस्तेमाल किया भी जा रहा है। 200 बिस्तरों वाला जीरिएट्रिक ब्लॉक अभी 80 फीसदी बनकर तैयार है। एम्स के अनुसार तीन महीने में यह ब्लॉक प्रबंधन के हवाले कर दिया जाएगा। इसके अलावा एम्स के ट्रामा सेंटर में वर्टिकल बुनियादी ढ़ांचा बनाने का काम हो चुका है। विश्राम सदन भी अब शुरू हो चुका है।
विज्ञापन


दिल्ली एम्स में अभी 2792 बिस्तरों की व्यवस्था है। यहां पिछले एक साल में 44,14,490 मरीजों ने ओपीडी में उपचार कराया। वहीं 268144 मरीजों को साल भर में भर्ती किया गया।इनके अलावा 201707 मरीजों का ऑपरेशन भी किया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

एम्स निदेशक डॉ रणदीप गुलेरिया ने बताया कि दिल्ली एम्स एक अरब से भी अधिक बजट शोध पर खर्च कर रहा है। अभी 800 से अधिक शोध चल रहे हैं। आईआईटी दिल्ली और खडग़पुर के साथ मिलकर एम्स में नई नई तकनीक पर शोध चल रहे हैं। कोरोना महामारी के दौरान दिल्ली एम्स 10,100 से भी ज्यादा मरीजों का उपचार किया है। इतना ही नहीं झज्जर स्थित कैंसर संस्थान में रोबोट आधारित लैब विकसित करने का काम चल रहा है।


डॉ विनोद को मिला लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड
दिल्ली एम्स में वरिष्ठ नागरिकों के लिए अलग से चिकित्सीय सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए डॉ विनोद कुमार ने जीरिएट्रिक विभाग शुरू किया था। दीक्षांत समारोह के दौरान डॉ विनोद कुमार को सम्मानित किया गया। साल 1997 में रिटायर डॉ विनोद कुमार वरिष्ठ नागरिकों की चिकित्सा को लेकर अब तक 100 से ज्यादा शोध कर चुके हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed