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13.73 करोड़ की धोखाधड़ी में कंपनी का वरिष्ठ प्रबंधक गिरफ्तार
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नई दिल्ली। आर्थिक अपराध शाखा ने देनदारों के नाम से जाली बिल देकर दो गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) को 13.73 करोड़ का नुकसान पहुंचाने वाली एक कंपनी के वरिष्ठ प्रबंधक को 12 फरवरी को यूपी के शाहजहांपुर से गिरफ्तार किया है। अदालत ने आरोपी को भगोड़ा करार दिया था।
शाखा की संयुक्त आयुक्त छाया शर्मा ने बताया कि आरोपी की पहचान ग्रेटर नोएडा के सूरजपुर निवासी अमित अग्रवाल के रूप में हुई है। वर्ष 2018 में इंडिया फैक्टरिंग एंड फाइनेंस सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड के अधिकृत प्रतिनिधि सचिन ओबरॉय ने शाखा में फर्जीवाड़े की शिकायत की थी। कंपनी ने आरोप लगाया कि 4 जीनियस माइंड्स प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के चार निदेशकों ने व्यापार वित्त सहायता के लिए उनकी कंपनी से संपर्क किया। आरोपियों ने देनदार के नकली बिल पेश कर खुद को बड़ा कारोबार करने वाला बताया। कंपनी ने व्यापार के लिए आरोपी कंपनी को 11.58 करोड़ रुपये अनुमोदित कर दिए। समझौते के दौरान आरोपी कंपनी के निदेशकों अभिषेक अग्रवाल और आदित्य अग्रवाल ने देनदारों के नाम अमेरिकन एंबेसी स्कूल, पीएनबी मेटलाइफ इंडिया इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड, फोर्टिस हेल्थकेयर लिमिटेड, ऑप्टम के नाम से फर्जी बिल बनाए थे। जब इन बिलों की जांच की गई तो वह फर्जी पाए गए। आरोपियों ने इसी तरह से एक अन्य एनबीएफसी कंपनी पिनाकल कैपिटल सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड को भी धोखा दिया और कंपनी से 3.14 करोड़ रुपये ले लिए।
जांच में पता चला कि आरोपियों ने रकम लेने के लिए जाली बिल पेश किए और ठगी की। आरोपियों ने फर्जी कागजात बनाकर संपत्ति को भी गिरवी रखकर फर्जीवाड़े को अंजाम दिया। शिकायत दर्ज होने के बाद सभी आरोपी फरार हो गए थे। इस बीच पुलिस ने अदालत के जरिये सभी आरोपियों को भगोड़ा करार करवाया और इन पर निगरानी बढ़ा दी। जांच कर रही पुलिस को पता चला कि अमित का परिवार ग्रेटर नोएडा में रहता है और अमित शाहजहांपुर (यूपी) में कहीं काम करता है। तकनीकी जांच कर पुलिस ने आरोपी को शाहजहांपुर से गिरफ्तार कर लिया। जांच के बाद पुलिस ने बताया कि अमित अग्रवाल ने कानपुर से स्नातकोत्तर करने के बाद 2008-12 के बीच कॉस्ट एंद वर्क अकाउंटेंसी (सी एंड डब्ल्यूए) में डिप्लोमा पूरा किया। उसके बाद 2015 से 2018 के बीच 4 जीनियस माइंड्स प्राइवेट लिमिटेड में काम किया।
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शाखा की संयुक्त आयुक्त छाया शर्मा ने बताया कि आरोपी की पहचान ग्रेटर नोएडा के सूरजपुर निवासी अमित अग्रवाल के रूप में हुई है। वर्ष 2018 में इंडिया फैक्टरिंग एंड फाइनेंस सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड के अधिकृत प्रतिनिधि सचिन ओबरॉय ने शाखा में फर्जीवाड़े की शिकायत की थी। कंपनी ने आरोप लगाया कि 4 जीनियस माइंड्स प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के चार निदेशकों ने व्यापार वित्त सहायता के लिए उनकी कंपनी से संपर्क किया। आरोपियों ने देनदार के नकली बिल पेश कर खुद को बड़ा कारोबार करने वाला बताया। कंपनी ने व्यापार के लिए आरोपी कंपनी को 11.58 करोड़ रुपये अनुमोदित कर दिए। समझौते के दौरान आरोपी कंपनी के निदेशकों अभिषेक अग्रवाल और आदित्य अग्रवाल ने देनदारों के नाम अमेरिकन एंबेसी स्कूल, पीएनबी मेटलाइफ इंडिया इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड, फोर्टिस हेल्थकेयर लिमिटेड, ऑप्टम के नाम से फर्जी बिल बनाए थे। जब इन बिलों की जांच की गई तो वह फर्जी पाए गए। आरोपियों ने इसी तरह से एक अन्य एनबीएफसी कंपनी पिनाकल कैपिटल सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड को भी धोखा दिया और कंपनी से 3.14 करोड़ रुपये ले लिए।
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जांच में पता चला कि आरोपियों ने रकम लेने के लिए जाली बिल पेश किए और ठगी की। आरोपियों ने फर्जी कागजात बनाकर संपत्ति को भी गिरवी रखकर फर्जीवाड़े को अंजाम दिया। शिकायत दर्ज होने के बाद सभी आरोपी फरार हो गए थे। इस बीच पुलिस ने अदालत के जरिये सभी आरोपियों को भगोड़ा करार करवाया और इन पर निगरानी बढ़ा दी। जांच कर रही पुलिस को पता चला कि अमित का परिवार ग्रेटर नोएडा में रहता है और अमित शाहजहांपुर (यूपी) में कहीं काम करता है। तकनीकी जांच कर पुलिस ने आरोपी को शाहजहांपुर से गिरफ्तार कर लिया। जांच के बाद पुलिस ने बताया कि अमित अग्रवाल ने कानपुर से स्नातकोत्तर करने के बाद 2008-12 के बीच कॉस्ट एंद वर्क अकाउंटेंसी (सी एंड डब्ल्यूए) में डिप्लोमा पूरा किया। उसके बाद 2015 से 2018 के बीच 4 जीनियस माइंड्स प्राइवेट लिमिटेड में काम किया।
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