फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   say no to Single Use Plastic products, Try These 19 Alternatives for the sake of environment

Plastic Ban in Delhi : एकल उपयोग प्लास्टिक को करें बाय-बाय, इन 19 विकल्पों को आजमाएं, पर्यावरण को बचाएं

Sat, 02 Jul 2022 03:56 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Sat, 02 Jul 2022 03:56 AM IST
सार

हाथ से प्लास्टिक छिनने के बाद जरूरत उन विकल्पों पर बात करने की है, जिससे न किसी को परेशानी हो और इंसान व पर्यावरण पर बुरा असर डालने वाली प्लास्टिक को बाहर किया जा सके।

विज्ञापन
say no to Single Use Plastic products, Try These 19 Alternatives for the sake of environment
demo pic... - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

एकल उपयोग प्लास्टिक के इस्तेमाल से बनने वाले 19 उत्पादों पर अब बंदिश लग गई है। अभी तक इनका प्रयोग आम था। प्लास्टिक के बैग, चम्मच, प्लेट समेत दूसरे सामान घर से बाहर तक दिख जाते थे। हाथ से प्लास्टिक छिनने के बाद जरूरत उन विकल्पों पर बात करने की है, जिससे न किसी को परेशानी हो और इंसान व पर्यावरण पर बुरा असर डालने वाली प्लास्टिक को बाहर किया जा सके। प्राकृतिक पदार्थों का इस्तेमाल कर बनाए गए कई उत्पाद प्लास्टिक के विकल्प हो सकते हैं। इनकी कीमत एक से 100 रुपये के बीच है। आइए जानते हैं, इन सामानों के बारे में, ताकि प्लास्टिक को बाय-बाय किया जा सके। संवाददाता किशन कुमार की रिपोर्ट...

विज्ञापन


चम्मच

  • वर्तमान में पॉलीस्टाइरिन की चम्मच का इस्तेमाल किया जाता है। 
  • विकल्प : कार्क पेड़ की छाल से बनी चम्मच का इस्तेमाल किया जा सकता है। 
  • कीमत : एक से पांच रुपये तक। 
  • लंबे समय तक प्रयोग हो सकता है।

स्ट्राॅ

  • वर्तमान में रेस्तरांं, होटलों में प्लास्टिक के स्ट्रा का इस्तेमाल किया जाता रहा है।
  • विकल्प : पेपर को गलाकर तैयार किए गए स्ट्रा का किया जा सकता है इस्तेमाल। 
  • कीमत : एक से तीन रुपये।
  • एक बार किया जा सकता है इस्तेमाल।

ईयर बड्स 

  • वर्तमान में रूई के साथ प्लास्टिक का इस्तेमाल कर ईयर बड्स बनाया जाता है। 
  • विकल्प : ईयर बड्स के दोनों ओर रूई के बीच में बांस की तिल्लियां लगी हैं।
  • कीमत : 99 रुपये में 80 पीस। 
  • एक बार किया जा सकता है इस्तेमाल।

कांटा

  • रेहड़ी पटरी पर फास्ट फूड के साथ प्लास्टिक के कांटे का होता है इस्तेमाल।
  • विकल्प : कार्क पेड़ की छाल से बने कांटे का किया जा सकता है इस्तेमाल। 
  • कीमत : एक से दो रुपये प्रति पीस।
  • एक बार किया जा सकता है इस्तेमाल।


कैंडी स्टिक

  • वर्तमान में टॉफियों व लॉली पॉप में प्लास्टिक की स्टिक का होता है प्रयोग।
  • विकल्प : लकड़ी से बनी कैंडी स्टिक का किया जा सकता है इस्तेमाल।
  • कीमत : एक रुपयेे। 
  • एक बार किया जा सकता है इस्तेमाल।

प्लास्टिक फ्लैग

  • वर्तमान में झंडों में डंडी के रूप में प्लास्टिक का होता है इस्तेमाल।
  • विकल्प : बांस से बनी पतली डंडियों का विकल्प मौजूद।
  • कीमत : एक से दो रुपये।
  • कई बार किया जा सकता है इस्तेमाल।

आईसक्रीम स्टिक

  • वर्तमान में प्लास्टिक का होता है प्रयोग। 
  • विकल्प : लकड़ी से बने स्टिक का किया जा सकता है इस्तेमाल।  
  • कीमत : एक रुपये। g   एक बार किया जा सकता है प्रयोग।

गुब्बारों में इस्तेमाल होने वाला प्लास्टिक

  • वर्तमान में हल्के प्लास्टिक का स्टिक के तौर पर इस्तेमाल होता है।  
  • विकल्प : बांस की छड़ी का विकल्प मौजूद।  
  • कीमत : एक से दो रुपये। 
  • कई बार किया जा सकता है इस्तेमाल।

स्टीरर 

  • वर्तमान में चाय या कॉफी में चीनी को मिलाने के लिए स्टीरर का इस्तेमाल किया जाता है।
  • विकल्प : अब पेड़ की छाल से बने स्टीरर का इस्तेमाल किया जा सकता है। 
  • कीमत : एक से दो रुपये प्रति स्टीरर।
  • केवल एक बार किया जा सकता है इस्तेमाल।

ट्रे

  • पॉलीस्टाइरिन युक्त प्लास्टिक से बनी ट्रे का इस्तेमाल चाय व काफी परोसने के लिए होता है।
  • विकल्प : बांस को छोटे-छोेटे हिस्सों में काटकर बनाई गई ट्रे का विकल्प मौजूद। 
  • कीमत : 250 से 400 रुपये तक।
  • लंबे समय तक हो सकता है इस्तेमाल।

कप

  • मौजूदा समय में प्लास्टिक के कप का होता है इस्तेमाल।
  • विकल्प : बांस और कागज गलाकर बने कप का विकल्प मौजूद है।
  • कीमत : एक से 50 रुपये।
  • कागज वाले कप एक बार व बांस वाले लंबे समय तक किए जा सकते हैं प्रयोग।

प्लेट

  • वर्तमान में बड़ी संख्या थर्मोकोल प्लेट का किया जाता है इस्तेमाल।
  • विकल्प : सुपारी के पेड़ से निकली छाल से बनी प्लेटों का हो सकता है इस्तेमाल। 
  • कीमत : साढ़े 4 रुपये से 50 रुपये।
  • इस्तेमाल के बाद 60 से 90 दिनों में पूरी तरह खत्म हो सकती हैं प्लेटें।

चाकू

  • केक काटने से लेकर अन्य चीजों में प्लास्टिक का इस्तेमाल होता है।
  • विकल्प : कार्क के पेड़ की छाल से तैयार चाकू का विकल्प मौजूद।
  • कीमत : दो से पांच रुपये।
  • लंबे समय तक कर सकते हैं प्रयोग।

निमंत्रण कार्ड

  • कागजों के साथ प्लास्टिक का इस्तेमाल कर कार्ड को तैयार किया जाता है।
  • विकल्प : पराली को गलाकर निमंत्रण कार्ड का विकल्प मौजूद।
  • कीमत : कार्ड के डिजाइन व आकार के अनुसार। एक बार कर सकते हैं प्रयोग।

गिलास

  • प्लास्टिक के गिलास का इस्तेमाल पानी और चाय-कॉफी के लिए होता है।
  • विकल्प : कागज से बने गिलास का विकल्प है मौजूद।
  • कीमत : एक से पांच रुपये तक।
  • एक बार किया जा सकता है इस्तेमाल।


थर्मोकोल

  • नाजुक वस्तुओं की पैकिंग के लिए होता है थर्माकोल का इस्तेमाल।
  • विकल्प : पराली को गलाकर बनाए गए पदार्थ से की जा सकती है पैकेजिंग।
  • कीमत : साइज और डिजाइन के अनुसार। लंबे समय तक टिकाऊ।

सिगरेट की डिब्बी पर लपेटे जाने वाला प्लास्टिक

  • वर्तमान में सिगरेट की डिब्बी पर प्लास्टिक की एक पतली परत लपेटी जाती है।
  • विकल्प : भुट्टे के स्टार्च व पॉली लैक्टिक अम्ल से बने पदार्थ को सिगरेट के डिब्बे पर लपेटने का विकल्प मौजूद।
  • कीमत : 600 रुपये किलो।
  • एक बार किया जा सकता है इस्तेमाल। 

मिठाई के डिब्बों पर पैकेजिंग फिल्म

  • वर्तमान में मिठाई के डिब्बों व गिफ्ट पैक पर प्लास्टिक से बनी फिल्मों का किया जाता है प्रयोग।
  • विकल्प : भुट्टे के स्टार्च और पॉली लैक्टिक अम्ल से तैयार फिल्म का किया जा सकता है प्रयोग।
  • कीमत : 600 रुपये किलो।
  • केवल एक बार किया जा सकता है इस्तेमाल। तीन माह में पूरी तरह हो सकती है खत्म।

100 माइक्रोन से कम पीवीसी बैनर

  • वर्तमान में पॉली विनाइल क्लोराइड का इस्तेमाल कर पीवीसी बैनर को किया जाता है तैयार।
  • विकल्प : भुट्टे के स्टार्च व पॉली लैक्टिक अम्ल से बने बैनर का विकल्प मौजूद।
  • कीमत : 600 रुपये किलो।
  • लंबे समय तक किया जा सकता है इस्तेमाल। 


689.01 किग्रा प्लास्टिक का सामान जब्त
एमसीडी ने एकल उपयोग प्लास्टिक पर प्रतिबंध के मद्देनजर शुक्रवार को 689.01 किलो प्लास्टिक की वस्तुएं जब्त की। इसके अलावा 368 चालान किए। एमसीडी ने करोलबाग जोन में सबसे अधिक प्लास्टिक की वस्तुएं जब्त की। सिटी सदर पहाड़गंज जोन में सबसे ज्यादा चालान किए। एमसीडी ने करोलबाग जोन 224.06 किग्रा सामान व 47 चालान, सिविल लाइंस जोन दो किलो सामान व पांच चालन, केशवपुरम जोन 15.5 किग्रा सामान व दो चालान, नरेला जोन में 114.5 किग्रा सामान, रोहिणी जोन में 21 किग्रा सामान व 39 चालान, सिटी-एसपी जोन में 90 किग्रा सामान व 126 चालान किए। नजफगढ़ जोन 42 किग्रा सामान, दक्षिण जोन में 13 किग्रा सामान, मध्य जोन में 70 किग्रा सामान, पश्चिम जोन में 8.95 किग्रा सामान व 71 चालान किए गए। 

विज्ञापन


आर्डर के अनुसार आपूर्ति पूरी करने के लिए तैयार 
त्यागराज स्टेडियम में दिल्ली सरकार ने तीन दिवसीय विकल्प मेला लगाया है। यहां सैकड़ों की संख्या में प्राकृतिक उत्पाद बनाने वाले निर्माताओं ने हिस्सा लिया। उत्पादकों को कहना है कि बाजार की मांग को देखते हुए वे अपनी उत्पादन क्षमता बढ़ा सकते हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन


उद्यमी विनोद ने कहा कि वह पैकेजिंग फिल्म का अभी कम मात्रा में उत्पादन कर रहे हैं। हालांकि, आर्डर मिलने पर वह प्रतिदिन 30 से 40 टन की क्षमता के हिसाब से पैकेजिंग फिल्म का उत्पादन कर सकते हैं।

सरकार 10 दिन तक देगी नोटिस, एमसीडी ने शुरू की कार्रवाई

राजधानी में एकल उपयोग प्लास्टिक नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सरकार सख्त कदम उठाएगी। इसके तहत 10 जुलाई तक चेतावनी नोटिस जारी किए जाएंगे। इसके बाद भी अगर प्लास्टिक का इस्तेमाल नहीं रुका तो सरकार कार्रवाई करेगी। नियम तोड़ने पर एक लाख रुपये जुर्माना या पांच साल तक की सजा हो सकती है। निगरानी के लिए दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) व राजस्व विभाग द्वारा प्रवर्तन टीम का गठन किया गया है। उधर, एमसीडी ने पहले दिन से ही कार्रवाई शुरू कर दी है।

त्यागराज स्टेडियम में तीन दिवसीय प्लास्टिक विकल्प मेले का उद्घाटन करते हुए पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने शुक्रवार को बताया कि दिल्ली सरकार ने प्लास्टिक वस्तुओं के इस्तेमाल पर रोक लगाने की दो स्तर की कार्ययोजना तैयार की है। इसके लिए डीपीसीसी तथा राजस्व विभाग की प्रवर्तन टीम का गठन किया गया है। 

इसमें डीपीसीसी की 15 और राजस्व विभाग की 33 टीमें एकल उपयोग प्लास्टिक वस्तुओं पर प्रतिबंध का निरीक्षण करेंगी। पहले चरण में 10 जुलाई तक प्लास्टिक पर प्रतिबंध का उल्लंघन करने वालों को चेतावनी नोटिस जारी किए जाएंगे। इसके बाद उनके खिलाफ इन टीमों के द्वारा दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

तीन जुलाई को राउंड टेबल कांफ्रेंस
पर्यावरण मंत्री ने कहा कि तीन दिवसीय मेला प्लास्टिक के अन्य विकल्पों का उत्पादन करने वाली कंपनी के लिए एक प्लेटफार्म देने का कार्य करेगा। एकल उपयोग प्लास्टिक के अन्य विकल्पों के बारे में और जानकारी लोगों के बीच साझा हो सके, इसलिए तीन जुलाई को सभी स्टॉक होल्डर के साथ राउंड टेबल कॉन्फ्रेंस होगी, जो लोग एकल उपयोग प्लास्टिक के उत्पादन से जुड़े हुए हैं, उनके लिए भी सरकार इस मेले में नई ग्रीन स्टार्टअप नीति ला रही है, ताकि वह एकल उपयोग प्लास्टिक के अन्य विकल्पों के व्यवसाय में जुड़ सकें और सरकार इसके लिए उनको सहायता भी प्रदान करेगी। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed