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दिल्ली : पेट शॉप चलाने के लिए कराना होगा पंजीकरण, वर्ना होगी कार्रवाई
Sat, 05 Mar 2022 06:18 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sat, 05 Mar 2022 06:18 AM IST
सार
उत्तरी दिल्ली नगर निगम ने बनाई नई पॉलिसी, बिना लाइसेंस चलाने वालों पर कार्रवाई की तैयारी।
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demo pic
- फोटो : Live Science
विस्तार
यदि किसी के पास अपनी पेट शॉप है या कोई नई पेट शॉप खोलना चाहता है तो उसके लिए उत्तरी दिल्ली नगर निगम की नई पॉलिसी जानना जरूरी है। इसके तहत अब से राज्य पशु कल्याण बोर्ड में पहले पेट शॉप का पंजीकरण कराना होगा, फिर पेट शॉप का लाइसेंस मिल सकेगा।
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पशु क्रूरता निरोध अधिनियम-2018 के तहत उत्तरी निगम ने नागरिकों को इसके प्रति सचेत किया है।
ऐसे लोग जो निगम क्षेत्र में बिना लाइसेंस पेट शॉप चला रहे हैं, अब उनके लिए लाइसेंस लेना जरूरी है। बिना लाइसेंस पेट शॉप चलाने वालों के खिलाफ निगम सख्त कार्रवाई करेगा। उनकी दुकान सील करने के अलावा उनके जानवरों को भी जब्त किया जा सकता है। वेटरनरी सेवा विभाग को इस काम की सख्ती से निगरानी रखने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
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वेटरनरी विभाग यह सुनिश्चित करेगा कि ऐसे लोग जिनके पास पेट शॉप का लाइसेंस है, वह अब दिल्ली राज्य पशु कल्याण बोर्ड में अपना पंजीकरण कराएं। इसके बाद हर साल अपने लाइसेंस का नवीनीकरण कराएं। नए लाइसेंस लेने वालों को भी इसी प्रक्रिया का अनिवार्य रूप से पालन करना होगा।
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दुकान पर लगेगी क्यूआर कॉपी
पशुओं की खरीद-बिक्री, देखरेख संबंधी सारी बातें नए लाइसेंस में मौजूद रहेंगी। दुकान मालिक को लाइसेंस की एक क्यूआर कॉपी मिलेगी, जिसे वह अपनी दुकान के सामने ऊंचाई पर लगाएगा। लाइसेंसधारी दुकानदार यह भी सुनिश्चित करेंगे कि पशुओं को समय पर एंटी रैबीज टीका लगे।
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दिल्ली चिड़ियाघर में शेरनी और बारहसिंघा की मौत
दिल्ली चिड़ियाघर में जानवरों की मौत का सिलसिला जारी है। अब शेरनी हेमा और बारहसिंघा की मौत का मामला सामने आया है। बीते दो माह के अंतराल में दोनों जानवर दुनिया को अलविदा कह चुके हैं, लेकिन इस पर चिड़ियाघर प्रशासन चुप्पी साधे हुए है।
बीती 10 जनवरी को दो वर्षीय शेरनी हेमा की मौत हो गई थी। फरवरी के अंत में एक बारहसिंघा की मौत हुई है। दोनों की मौत को लेकर चिड़ियाघर प्रशासन के अधिकारियों ने शुक्रवार को आपात बैठक की। एक अधिकारी का कहना है कि शेरनी की मौत कई अंगों के फेल होने की वजह से हुई है।
हाल ही में जूनागढ़ से पहुंची शेरनी शैलजा के लकवाग्रस्त होने की भी सूचना है, जिसके बाद डॉक्टरों की टीम शेरनी की देखभाल कर रही है। इससे पहले चिड़ियाघर में अमन नाम के शेर की मौत हो गई थी। इधर बारहसिंघा की मौत के बाद अब चिड़ियाघर में 12 नर व एक मादा व एक बच्चा बारहसिंघा बचा है।
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