राकेश टिकैत बोले: 26 जनवरी से पहले सरकार मानी तो हम चले जाएंगे, आचार संहिता लगने के बाद बताएंगे चुनाव पर अपना फैसला
उन्होंने कहा कि सरकार ने (कृषि कानूनों की वापसी की) घोषणा की है तो वे प्रस्ताव ला सकते हैं। लेकिन न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) और 700 किसानों की मृत्यु भी हमारा मुद्दा है। सरकार को इस पर भी बात करनी चाहिए। 26 जनवरी से पहले तक अगर सरकार मान जाएगी तो हम चले जाएंगे।
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भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) नेता राकेश टिकैत ने कहा है कि केंद्र सरकार अगर 26 जनवरी से पहले हमारी सभी मांगें स्वीकार कर लेती है तो हम वापस लौट जाएंगे।
उन्होंने कहा कि सरकार ने (कृषि कानूनों की वापसी की) घोषणा की है तो वे प्रस्ताव ला सकते हैं। लेकिन न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) और 700 किसानों की मृत्यु भी हमारा मुद्दा है। सरकार को इस पर भी बात करनी चाहिए। 26 जनवरी से पहले तक अगर सरकार मान जाएगी तो हम चले जाएंगे।
यूपी चुनाव में लड़ने संबंधी एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि चुनाव के विषय में हम आचार संहिता लागू होने के बाद बताएंगे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तीन कृषि सुधार कानूनों को वापस करने की मांग को लेकर लगभग एक साल से हो रहे प्रदर्शन के बाद 19 नवंबर को तीनों कानून वापस लेने का फैसला लिया था। उन्होंने कहा था कि संसद के आगामी शीतकालीन सत्र में इसकी कार्यवाही पूरी कर ली जाएगी। इसके बाद बुधवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने कृषि कानूनों की वापसी पर मुहर लगा दी।
हालांकि राकेश टिकैत के आह्वान पर 22 नवंबर को लखनऊ में किसान महापंचायत का आयोजन किया गया था, जिसमें कृषि कानून के अलावा एमएसपी पर कानून, आंदोलन के दौरान मरने वाले किसानों के परिजनों को मुआवजा, किसानों पर दर्ज मुकदमें वापस करने, लखीमपुर हिंसा के मामले में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र टेनी को बर्खास्त करने के व अन्य मांगें पूरी करने के लिए सरकार से कहा गया था।