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फर्ज और संस्कार : 1200 शवों को ‘मोक्ष’ के मार्ग तक ले गए राकेश कुमार

Sat, 08 May 2021 05:06 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Sat, 08 May 2021 05:06 AM IST
सार

  • वर्दी के साथ इंसानियत का भी फर्ज निभा रहा यह एएसआई
  • कोविड शवों से अपने दूर हो जाते हैं तो कराते हैं उनका अंतिम संस्कार
  • लोधी रोड स्थित शमशान घाट में लगी है ड्यूटी, 80 शवों को दी मुखाग्नि

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Rakesh Kumar took 1200 dead bodies to the path of moksha
राकेश कुमार... - फोटो : amar ujala

विस्तार

कोरोना काल में जहां अपने भी साथ छोड़ रहे हैं, वहां दिल्ली पुलिस के एक एएसआई ने इंसानियत की ऐसी मिसाल कायम की है, जिनके हौसले और जज्बे को सलाम है। कोरोना की चपेट में आकर जान गंवाने वाले लोगों के परिवार जिन अपनों से मुंह मोड़ रहे हैं, ऐसे लोगों का एएसआई राकेश कुमार अंतिम संस्कार करा रहे हैं। 
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13 अप्रैल से अब तक वह करीब 1200 से अधिक शवों का अंतिम संस्कार करा चुके हैं। इसके अलावा करीब 80 शवों को तो उन्होंने मुखाग्नि तक दी है। कोरोना और ड्यूटी में लगातार व्यस्त रहने के कारण राकेश ने अपनी बेटी की शादी भी टाल दी है। 7 मई को उनकी बेटी की शादी होनी थी। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और दूसरे लोग राकेश के इस जज्बे को सलाम कर रहे हैं।
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मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बड़ौत स्थित पट्टी मेहर के रहने वाले राकेश कुमार (56) के परिवार में पत्नी, दो बेटे और एक बेटी हैं। पूरा परिवार बड़ौत में रहता है और राकेश निजामुद्दीन थाना परिसर में रहते हैं। उन्होंने बताया कि कोरोना काल में वरिष्ठ अधिकारियों ने उनकी तैनाती लोधी कालोनी स्थित श्मशान घाट पर कर दी। इसको लेकर वह बिल्कुल भी नहीं हिचकिचाए।
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ड्यूटी के दौरान उन्होंने देखा कि लोग वहां अपनों को लेकर आते हैं, लेकिन बिल्कुल अजनबियों वाला व्यवहार करते हैं। यह बात उन्हें काफी अखरती है। ऐसे लोगों की मदद करते हुए न सिर्फ राकेश इन शवों को कंधा देते हैं बल्कि उनके अंतिम संस्कार में भी मदद करते हैं। 


राकेश कहते हैं उन्हें हमेशा अपनी ड्यूटी और इंसानियत का फर्ज याद रहता है। ऐसे 80 शवों का राकेश ने अंतिम संस्कार किया, जिन्हें उनके अपनों ने छूने तक से इनकार कर दिया। राकेश बताते हैं उन्होंने कोविड की दोनों वैक्सीन लगवाई हैं। कोरोना के बचाव के लिए वह दस्ताने, मास्क, फेसशील्ड का इस्तेमाल करते हैं। राकेश के काम को दिल्ली पुलिस आयुक्त एसएन श्रीवास्तव ने सराहा है। वह राकेश को असली हीरो बताते हैं। कई बड़े नामों ने भी राकेश की ट्विटर पर तारीफ की है।
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