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चिड़चिड़ेपन का शिकार हो रहे किसान, मानसिक तनाव दूर करने के लिए किसानों की हो रही काउंसलिंग

Sat, 09 Jan 2021 11:10 PM IST
प्राची प्रियम अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: प्राची प्रियम Updated Sat, 09 Jan 2021 11:10 PM IST
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Protesting farmers getting into anxiety counselling provided for relaxing mental stress
किसान आंदोलन (फाइल फोटो) - फोटो : PTI
दिल्ली के बॉर्डर पर आंदोलनरत किसानों का मानसिक तनाव दूर करने के लिए काउंसलिंग भी की जा रही है। इसमें किसानों को मानसिक रूप से मजबूत करने के साथ-साथ उनका मनोबल भी बढ़ाया जा रहा है।
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अमेरिका की यूनाइटेड सिख मेडिकल कैंप में सेवा दे रही डॉक्टर सान्या कटारिया ने कहा कि कई किसानों की अब तक मौत हो चुकी है। वहीं, काफी दिनों से किसान यहां आंदोलनरत हैं और अपने खेतों से दूर हैं। इस वजह से किसानों पर मानसिक तनाव भी बढ़ रहा है। 
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वहीं, एक डॉक्टरेट छात्रा ने बताया कि किसान करीब 40 दिनों से आंदोलनरत हैं और बारिश और ठंड में भी लगातार प्रदर्शन में जुटकर मेहनत कर रहे हैं। इस वजह से कई किसानों में डिप्रेशन और चिड़चिड़ेपन की समस्या सामने आ रही है। 
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डॉक्टर ने बताया कि थकावट व सिर में दर्द आदि का होना मानसिक तनाव के लक्षण हैं। वहीं, किसान कोई गलत कदम ना उठाएं इसे देखते हुए भी काउंसलिंग की जा रही है। कैंप में असिस्टेंट कोऑर्डिनेटर गुरदीप कौर ने कहा कि पिछले कई दिनों से किसानों की आत्महत्या की खबरें सामने आ रही हैं। 

ऐसे में इसे देखते हुए ही कैंप लगाया गया है और किसानों से अपील की जा रही है कि वे कैंप में आकर मानसिक तनाव को दूर करें। इसके अलावा कैंप में फिजियोथैरेपी सुविधा भी दी जा रही है। इसके अलावा महिलाओं का भी इलाज किया जा रहा है।

गौरतलब है कि भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता राकेश टिकैत के अनुसार, अब तक करीब 47 किसान अपनी जान प्रदर्शन में गंवा चुके हैं। 

गंदगी बनी किसानों के लिए मुसीबत
बारिश थमने के बाद भी सिंघु बॉर्डर पर गंदगी साफ नहीं हो रही है। यही वजह है कि शनिवार को भी बॉर्डर पर गंदगी का आलम देखने को मिला। इस वजह से किसानों को परेशानी हो रही है।


आंदोलित किसानों का कहना है कि गत दिनों हुई बारिश की वजह से बॉर्डर पर जलजमाव की समस्या के साथ कीचड़ हो गया है। इसे देखते हुए कुछ किसानों ने अकेले ही मोर्चा संभाल रखा है जबकि प्रशासन की ओर से साफ-सफाई के लिए कोई नजर नहीं आ रहा।
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