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निजी स्कूलों पर नकेल : दिल्ली में महंगी किताबों और ड्रेस खरीदने की बाध्यता पर विराम, अवहेलना पर होगी कार्रवाई

Fri, 06 May 2022 06:17 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Fri, 06 May 2022 06:17 AM IST
सार

उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि सरकार के इस फैसले से लाखों अभिभावकों को लाभ होगा। साथ ही शिक्षा निदेशालय ने निर्देश दिए हैं कि कोई भी प्राइवेट स्कूल कम से कम 3 साल तक स्कूल ड्रेस के रंग, डिजाइन व अन्य चीजों को नहीं बदलेंगे। उन्होंने कहा कि आदेश दिया गया है कि कोई भी निजी स्कूल अभिभावकों को खुद से या किसी विशिष्ट विक्रेता से किताबें, पाठ्य सामग्री, स्कूल ड्रेस व अन्य सामान खरीदने के लिए बाध्य नहीं करेगा। 

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Private schools in delhi will no longer be able to force parents to buy expensive books and clothes, action will be taken against disregard
मनीष सिसोदिया - फोटो : एएनआई

विस्तार

दिल्ली के निजी स्कूल अब अभिभावकों को मंहगी किताबें और यूनिफॉर्म खरीदने के लिए बाध्य नहीं कर सकेंगे। दिल्ली सरकार के शिक्षा निदेशालय ने इस संबंध में एक आदेश जारी किया है।

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आदेश की अवहेलना करने वाले स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। वहीं, नए सत्र से पहले निजी स्कूलों को अपनी वेबसाइट पर कम से कम पांच दुकानों की सूची जारी करनी होगी। जहां, अभिभावक किताबें व ड्रेस खरीद पाएंगे। 
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उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि सरकार के इस फैसले से लाखों अभिभावकों को लाभ होगा। साथ ही शिक्षा निदेशालय ने निर्देश दिए हैं कि कोई भी प्राइवेट स्कूल कम से कम 3 साल तक स्कूल ड्रेस के रंग, डिजाइन व अन्य चीजों को नहीं बदलेंगे। उन्होंने कहा कि आदेश दिया गया है कि कोई भी निजी स्कूल अभिभावकों को खुद से या किसी विशिष्ट विक्रेता से किताबें, पाठ्य सामग्री, स्कूल ड्रेस व अन्य सामान खरीदने के लिए बाध्य नहीं करेगा। 
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आदेश के तहत स्कूलों को कहा गया है कि वह किताबों व अन्य पाठ्यसामग्री की कक्षा वार सूची स्कूल की वेबसाइट और विशिष्ट स्थानों पर प्रदर्शित करेंगे। इसके अलावा स्कूल अपनी वेबसाइट पर नजदीक के कम से कम 5 दुकानों का पता और टेलीफोन नंबर भी प्रदर्शित करेंगे ताकि अभिभावक अपनी सुविधानुसार उन दुकानों से किताबें व ड्रेस खरीद सकेंगे। 

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