फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Pollution level in Delh india Gate Anand Vihar and ITO recorded in very poor category

दिल्ली में घना स्मॉग: आज सुबह इंडिया गेट से आईटीओ तक दृश्यता घटी, कई इलाकों में एक्यूआई बेहद खराब दर्ज

Sun, 07 Dec 2025 12:44 PM IST
राहुल तिवारी एएनआई, नई दिल्ली
एएनआई, नई दिल्ली Published by: राहुल तिवारी Updated Sun, 07 Dec 2025 12:44 PM IST
सार

दिल्ली में रविवार सुबह घनी धुंध छाई रही और कई क्षेत्रों में एक्यूआई बेहद खराब स्तर पर पहुंचा। इंडिया गेट, आनंद विहार और आईटीओ में दृश्यता कम रही। शहर में नवंबर के दौरान एक्यूआई 23 दिन बहुत खराब श्रेणी में दर्ज हुई है।
 

विज्ञापन
Pollution level in Delh india Gate Anand Vihar and ITO recorded in very poor category
दिल्ली प्रदूषण - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

राजधानी दिल्ली रविवार सुबह धुंध की परत में ढकी नजर आई। दिल्ली में प्रदूषण स्तर बहुत खराब श्रेणी में है। हाल के हफ्तों की तुलना में मामूली सुधार के बावजूद शहर के कई हिस्से घने स्मॉग से ढके रहे और दृश्यता भी काफी कम दिखाई दी। इंडिया गेट, आनंद विहार और आईटीओ इलाके में जहरीली स्मॉग की परत दिखाई दी।

विज्ञापन


दिल्ली में इंडिया गेट और कर्तव्य पथ के आसपास सुबह में जहरीली धुंध की परत ने शहर को ढक लिया। इलाके का एक्यूआई 278 है, जिसे सीपीसीबी के मुताबिक खराब श्रेणी में रखा गया है। वहीं आनंद विहार इलाके में धुंध की मोटी परत छाई छाई रही। यहां का एक्यूआई 327 दर्ज हुआ है। साथ ही आईटीओ इलाके में भी यही तस्वीर रही। यहां का एक्यूआई 327 है।
विज्ञापन


विज्ञापन
विज्ञापन


बता दें कि नवंबर में दिल्ली प्रदूषण के मामले में चौथे नंबर पर रहा। थिंक टैंक ऊर्जा और स्वच्छ वायु अनुसंधान केंद्र (सीआरईए) की रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली का मासिक औसत पीएम 2.5 लेवल 215 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर रहा, जो अक्तूबर के 107 माइक्रोग्राम के मुकाबले लगभग दोगुना है। 


शहर में नवंबर के दौरान शहर का एक्यूआई 23 दिन बहुत खराब, छह दिन गंभीर और एक दिन खराब दर्ज किया गया। इस दौरान पराली जलाने का असर कम रहा। इसका योगदान केवल सात प्रतिशत था, जबकि पिछले साल यह 20 प्रतिशत था। रिपोर्ट में बताया कि एनसीआर के कई शहरों में हवा का स्तर नेशनल स्टैंडर्ड से ऊपर रहा। 

दिल्ली सहित बहादुरगढ़, नोएडा, गाजियाबाद और ग्रेटर नोएडा जैसे शहरों में प्रदूषण लगातार उच्चस्तर पर रहा। सीआरईए के विश्लेषक मनोज कुमार ने कहा कि पराली जलाने के असर में कमी के बावजूद, ट्रांसपोर्ट, इंडस्ट्री, पावर प्लांट और अन्य स्रोतों से साल भर जारी प्रदूषण के कारण शहरों में हवा लगातार खराब बनी रहती है। उनका कहना है कि जब तक इन स्रोतों से उत्सर्जन कम नहीं होगा, शहरों की हवा सुरक्षित स्तर तक नहीं आएगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed