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26 जनवरी हिंसा: गिरफ्तार किसानों को रिहा करने की मांग को लेकर याचिका दायर
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नई दिल्ली। गणतंत्र दिवस के अवसर पर ट्रैक्टर परेड में हुई हिंसा मामले में गिरफ्तार किसानों व अन्य आंदोलनकारियों को रिहा करने की मांग को लेकर हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई है। याचिका में पुलिस पर गिरफ्तारी के लिए तय नियमों का पालन न करने व उनके परिवार के सदस्यों को सूचना न देने का आरोप लगाया है।
विधि संकाय के छात्र ने याचिका में आरोप लगाया कि अब तक दो सौ से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है और उनके परिवार के सदस्यों का सूचना तक नहीं दी गई। न ही उन्हें 24 घंटे में संबंधित अदालत के समक्ष पेश किया गया है। यह सरासर संविधान के अनुच्छेद 14, 21 व 22 का उल्लंघन है।
याचिकाकर्ता ने यह भी तर्क रखा कि वर्तमान मामले में गैरकानूनी तरीके से लगभग दो सौ से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया गया या गिरफ्तार किया गया है। उस दशा में किसी को भी बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दाखिल करने का अधिकार है।
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उन्होंने कहा कि समाचार पत्रों के अनुसार इन लोगों को सिंघु बॉर्डर, गाजीपुर बॉर्डर व टिकरी बॉर्डर आदि जगहों से गिरफ्तार किया गया है और इसको लेकर कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई। उन्होंने याचिका में 15 लोगों के नाम देते हुए कहा कि ये सभी अभी भी लापता है। उन्होंने बिना प्राथमिकी के किसी को भी हिरासत में रखना गैरकानूनी है। पुलिस को हिरासत में लिए गए सभी लोगों का रिहा करने का आदेश दिया जाए।
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विधि संकाय के छात्र ने याचिका में आरोप लगाया कि अब तक दो सौ से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है और उनके परिवार के सदस्यों का सूचना तक नहीं दी गई। न ही उन्हें 24 घंटे में संबंधित अदालत के समक्ष पेश किया गया है। यह सरासर संविधान के अनुच्छेद 14, 21 व 22 का उल्लंघन है।
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याचिकाकर्ता ने यह भी तर्क रखा कि वर्तमान मामले में गैरकानूनी तरीके से लगभग दो सौ से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया गया या गिरफ्तार किया गया है। उस दशा में किसी को भी बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दाखिल करने का अधिकार है।
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उन्होंने कहा कि समाचार पत्रों के अनुसार इन लोगों को सिंघु बॉर्डर, गाजीपुर बॉर्डर व टिकरी बॉर्डर आदि जगहों से गिरफ्तार किया गया है और इसको लेकर कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई। उन्होंने याचिका में 15 लोगों के नाम देते हुए कहा कि ये सभी अभी भी लापता है। उन्होंने बिना प्राथमिकी के किसी को भी हिरासत में रखना गैरकानूनी है। पुलिस को हिरासत में लिए गए सभी लोगों का रिहा करने का आदेश दिया जाए।