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सावधान: दिल्ली में शोर करने पर लग सकता है एक लाख रुपये तक का जुर्माना, महंगा पड़ेगा नियमों का उल्लंघन
Sat, 10 Jul 2021 08:54 PM IST
प्राची प्रियम
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: प्राची प्रियम
Updated Sat, 10 Jul 2021 08:54 PM IST
सार
दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति ने जुर्माना राशि में संशोधन करते हुए 10 हजार से एक लाख रुपये तक नई दरें तय की गई हैं। उल्लंघनकर्ताओं पर एक लाख रुपये तक जुर्माना लगाने के साथ उपकरण को सील करने तक की कार्रवाई की जाएगी।
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विस्तार
राजधानी में अब लोगों को ध्वनि प्रदूषण करना महंगा पड़ेगा। दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) ने ध्वनि प्रदूषण को लेकर लगने वाली जुर्माना राशि में संशोधन किया है। नई दरों के अनुसार उल्लंघनकर्ताओं पर एक लाख रुपये तक जुर्माना लगाने के साथ उपकरण को सील करने तक की कार्रवाई की जाएगी। नए प्रस्ताव को राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (एनजीटी) ने स्वीकार कर लिया है। विभाग को प्रतिमाह के हिसाब से रिपोर्ट तैयार करनी होगी।
नियम के मुताबिक, एक हजार केवीए से अधिक वाले डीजल जेनरेटर का इस्तेमाल करने पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। जेनरेटर को भी जब्त करने की कार्रवाई की जाएगी। यदि भवन निर्माण उपकरण से ध्वनि प्रदूषण नियमों की अवहेलना की तो 50 हजार रुपये का जुर्माना भरना होगा। खुले में लाउड स्पीकर बजाने से होने वाले ध्वनि प्रदूषण को लेकर 10 हजार रुपये जुर्माने का प्रावधान किया गया है।
साथ ही, उपकरण को भी जब्त कर लिया जाएगा। शादी-ब्याह जैसे सार्वजनिक कार्यक्रमों में भी नियमों की अवहेलना करने पर रिहायशी व व्यावसायिक इलाकों में 10 हजार व शांत इलाकों में आयोजकों को 20 हजार रुपये जुर्माना भरना पड़ेगा।
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नए नियमों के अनुसार, निर्धारित समय के बाद रिहायशी व व्यावसायिक इलाकों में पटाखे जलाने पर एक हजार रुपये और शांत क्षेत्र में तीन हजार रुपये जुर्माने का प्रावधान किया गया है।
दो बार से अधिक नियम तोड़ा तो सील होगा परिसर
यदि किसी एक जगह पर सार्वजनिक कार्यक्रम में एक बार नियमों की अवहेलना होती है तो पहली बार में 20 हजार रुपये जुर्माना होगा। लगातार दूसरी बार अनदेखी करने पर जुर्माने की राशि दोगुनी कर 40 हजार रुपये भरनी होगी।
दो बार से अधिक अवहेलना होने पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाने के साथ परिसर को भी सील कर दिया जाएगा। प्रदूषण समिति ने स्पष्ट किया है कि जुर्माने का भुगतान आयोजन करने वाली आरडब्ल्यूए व परिसर मालिक से लिया जाएगा।
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नियम के मुताबिक, एक हजार केवीए से अधिक वाले डीजल जेनरेटर का इस्तेमाल करने पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। जेनरेटर को भी जब्त करने की कार्रवाई की जाएगी। यदि भवन निर्माण उपकरण से ध्वनि प्रदूषण नियमों की अवहेलना की तो 50 हजार रुपये का जुर्माना भरना होगा। खुले में लाउड स्पीकर बजाने से होने वाले ध्वनि प्रदूषण को लेकर 10 हजार रुपये जुर्माने का प्रावधान किया गया है।
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साथ ही, उपकरण को भी जब्त कर लिया जाएगा। शादी-ब्याह जैसे सार्वजनिक कार्यक्रमों में भी नियमों की अवहेलना करने पर रिहायशी व व्यावसायिक इलाकों में 10 हजार व शांत इलाकों में आयोजकों को 20 हजार रुपये जुर्माना भरना पड़ेगा।
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नए नियमों के अनुसार, निर्धारित समय के बाद रिहायशी व व्यावसायिक इलाकों में पटाखे जलाने पर एक हजार रुपये और शांत क्षेत्र में तीन हजार रुपये जुर्माने का प्रावधान किया गया है।
दो बार से अधिक नियम तोड़ा तो सील होगा परिसर
यदि किसी एक जगह पर सार्वजनिक कार्यक्रम में एक बार नियमों की अवहेलना होती है तो पहली बार में 20 हजार रुपये जुर्माना होगा। लगातार दूसरी बार अनदेखी करने पर जुर्माने की राशि दोगुनी कर 40 हजार रुपये भरनी होगी।
दो बार से अधिक अवहेलना होने पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाने के साथ परिसर को भी सील कर दिया जाएगा। प्रदूषण समिति ने स्पष्ट किया है कि जुर्माने का भुगतान आयोजन करने वाली आरडब्ल्यूए व परिसर मालिक से लिया जाएगा।
एनजीटी के आदेश पर तय किए नियम
इससे पहले एक मामले में एनजीटी ने सीपीसीबी को निर्देश दिया था कि वह ध्वनि प्रदूषण का मानक तय करे। सीपीसीबी ने डीपीसीसी से इस बातत रिपोर्ट तैयार करवाई। बीते 25 जून का डीपीसीसी ने सीपीसीबी को अपनी ड्राफ्ट रिपोर्ट सौंप दी थी। अब इसे एनजीटी से मंजूरी मिल गई है।
यह तय की गई जुर्माने की राशि
यह तय की गई जुर्माने की राशि
| उपकरण | जुर्माना | कार्रवाई |
| लाउडस्पीकर | 10 हजार | जब्त |
| 1000 केवीए से अधिक जेनरेटर | एक लाख | सील |
| 62.5 से 1000 केवीए वाले जेनरेटर | 25 हजार | सील |
| 62.5 केवीए तक वाले जेनरेटर | 10 हजार | सील |
| भवन निर्माण उपकरण | 50 हजार | जब्त या सील |