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शर्मनाक: मरीज की बाजू की हड्डी टूटी, झोलाछाप डॉक्टर ने कोहनी पर चढ़ा दिया प्लास्टर
Wed, 28 Jul 2021 09:54 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: शाहरुख खान
Updated Wed, 28 Jul 2021 09:54 AM IST
सार
अस्पताल के हड्डी रोग विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉक्टर अरुण पांडेय ने बताया कि मरीजों को प्लास्टर हाथ से लेकर कोहनी तक चढ़ाया गया था, जबकि उसकी बाजू की हड्डी टूटी थी। क्लीनिक वाले डॉक्टर को मरीज की समस्या के बारे में सही जानकारी नहीं थी और उसने गलत हड्डी को सपोर्ट देते हुए प्लास्टर चढ़ा दिया।
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फाइल फोटो
- फोटो : Social media
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विस्तार
पश्चिमी दिल्ली के रहने वाले वरुण कुमार की तीन सप्ताह पहले बाजू की हड्डी टूट गई थी। वह स्थानीय क्लिनिक पहुंचे जहां एक झोलाछाप डॉक्टर ने उन्हें गलत प्लास्टर चढ़ा दिया और पेन किलर दवाएं दे दीं। सही इलाज न होने से मरीज के हाथ में तेज दर्द रहने लगा। स्थिति बिगड़ती देख वह सफदरजंग अस्पताल पहुंचे।
अस्पताल के हड्डी रोग विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉक्टर अरुण पांडेय ने बताया कि मरीजों को प्लास्टर हाथ से लेकर कोहनी तक चढ़ाया गया था, जबकि उसकी बाजू की हड्डी टूटी थी। क्लीनिक वाले डॉक्टर को मरीज की समस्या के बारे में सही जानकारी नहीं थी और उसने गलत हड्डी को सपोर्ट देते हुए प्लास्टर चढ़ा दिया।
मरीज को हाथ में काफी तेज दर्द की शिकायत थी। मरीज का एक्सरे किया तो पता चला कि उसकी हड्डी दूसरी जगह टूटी थी लेकिन प्लास्टर गलत जगह चढ़ा दिया था। इससे उसकी हड्डी काफी खिसक गई थी। इस कारण असहनीय दर्द होने लगा।
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ऐसे में मरीज की सर्जरी करनी पड़ी। डॉक्टर ने बताया कि गलत इलाज के कारण मरीज की परेशानी इतनी बढ़ गई की सर्जरी की नौबत पड़ी, जबकि अगर सही इलाज मिलता तो कुछ ही दिनों में यह परेशानी ठीक हो सकती थी।
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अस्पताल के हड्डी रोग विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉक्टर अरुण पांडेय ने बताया कि मरीजों को प्लास्टर हाथ से लेकर कोहनी तक चढ़ाया गया था, जबकि उसकी बाजू की हड्डी टूटी थी। क्लीनिक वाले डॉक्टर को मरीज की समस्या के बारे में सही जानकारी नहीं थी और उसने गलत हड्डी को सपोर्ट देते हुए प्लास्टर चढ़ा दिया।
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मरीज को हाथ में काफी तेज दर्द की शिकायत थी। मरीज का एक्सरे किया तो पता चला कि उसकी हड्डी दूसरी जगह टूटी थी लेकिन प्लास्टर गलत जगह चढ़ा दिया था। इससे उसकी हड्डी काफी खिसक गई थी। इस कारण असहनीय दर्द होने लगा।
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ऐसे में मरीज की सर्जरी करनी पड़ी। डॉक्टर ने बताया कि गलत इलाज के कारण मरीज की परेशानी इतनी बढ़ गई की सर्जरी की नौबत पड़ी, जबकि अगर सही इलाज मिलता तो कुछ ही दिनों में यह परेशानी ठीक हो सकती थी।