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हार्डवेयर कारोबारी से 10 करोड़ ठगने वाला बेंगलुरु से गिरफ्तार
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नई दिल्ली। आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) ने हार्डवेयर कारोबारी को रेडियोधर्मी पदार्थ के कारोबार से 500 करोड़ मुनाफे का झांसा देकर 10.63 करोड़ रुपये ठगने वाले बेंगलुरु के फ्रेजर टाउन निवासी अतीक अहमद को बेंगलुरु से गिरफ्तार किया है। पुलिस गिरोह के सरगना जयपुर के कालीदास मार्ग निवासी भवानी सिंह शेखावत को सितंबर माह में गिरफ्तार कर चुकी है।
शाखा के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त आरके सिंह ने बताया कि ईस्ट ऑफ कैलाश इलाके में हार्डवेयर और पेंट का कारोबार करने वाले संजय तनेजा ने वर्ष 2019 में दी ठगी की शिकायत में कहा था कि वर्ष 2016 से 2018 के बीच अतीक अहमद सहित गिरोह के 22 लोगों ने उनके साथ ठगी की। आरोपियों ने बताया कि उनके पास रेडियोधर्मी पदार्थ है। इसका इस्तेमाल मिसाइल बनाने में होता है। यह पदार्थ रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) ने कथित रूप से स्वीकृत किया है। ठगों ने कहा कि इसके कारोबार में निवेश करने से 500 करोड़ तक का मुनाफा हो सकता है। इसके बाद ठगों ने उनसे राशि बैंक हस्तांतरण, चेक और नकद में वसूल की।
जांच के दौरान आरोपियों के बैंक खातों से पता चला कि उन्होंने मेसर्स बार्कलेज मेटल वर्ल्ड (बीएमडब्ल्यू) कंपनी से पैसे लिए। दर्शाया गया कि यूके स्थित विदेशी कंपनी रेडियोधर्मी पदार्थ की खरीदार है। आरोपी सामग्री के परीक्षण की आड़ में बिक्री में देरी करते रहे और शिकायतकर्ता से मेसर्स देवयानी ग्रुप्स, मेसर्स जयपुर जैसी विभिन्न कंपनियों में रेडियोधर्मी पदार्थ के रखरखाव के बहाने पैसे लेते रहे।
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सत्यापन में पता चला कि विदेशी कंपनी के साथ आरोपियों का स्क्रैप का कारोबार है। पुलिस ने सितंबर माह में गिरोह सरगना भवानी सिंह शेखावत को जयपुर से गिरफ्तार कर लिया। उससे पूछताछ केे दौरान अतीक के बारे में पता चला। उसके बेंगलुरु में होने की जानकारी के बाद टीम ने बुधवार को उसे गिरफ्तार कर लिया।
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शाखा के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त आरके सिंह ने बताया कि ईस्ट ऑफ कैलाश इलाके में हार्डवेयर और पेंट का कारोबार करने वाले संजय तनेजा ने वर्ष 2019 में दी ठगी की शिकायत में कहा था कि वर्ष 2016 से 2018 के बीच अतीक अहमद सहित गिरोह के 22 लोगों ने उनके साथ ठगी की। आरोपियों ने बताया कि उनके पास रेडियोधर्मी पदार्थ है। इसका इस्तेमाल मिसाइल बनाने में होता है। यह पदार्थ रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) ने कथित रूप से स्वीकृत किया है। ठगों ने कहा कि इसके कारोबार में निवेश करने से 500 करोड़ तक का मुनाफा हो सकता है। इसके बाद ठगों ने उनसे राशि बैंक हस्तांतरण, चेक और नकद में वसूल की।
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जांच के दौरान आरोपियों के बैंक खातों से पता चला कि उन्होंने मेसर्स बार्कलेज मेटल वर्ल्ड (बीएमडब्ल्यू) कंपनी से पैसे लिए। दर्शाया गया कि यूके स्थित विदेशी कंपनी रेडियोधर्मी पदार्थ की खरीदार है। आरोपी सामग्री के परीक्षण की आड़ में बिक्री में देरी करते रहे और शिकायतकर्ता से मेसर्स देवयानी ग्रुप्स, मेसर्स जयपुर जैसी विभिन्न कंपनियों में रेडियोधर्मी पदार्थ के रखरखाव के बहाने पैसे लेते रहे।
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सत्यापन में पता चला कि विदेशी कंपनी के साथ आरोपियों का स्क्रैप का कारोबार है। पुलिस ने सितंबर माह में गिरोह सरगना भवानी सिंह शेखावत को जयपुर से गिरफ्तार कर लिया। उससे पूछताछ केे दौरान अतीक के बारे में पता चला। उसके बेंगलुरु में होने की जानकारी के बाद टीम ने बुधवार को उसे गिरफ्तार कर लिया।