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Hindi News ›   Delhi ›   Now on the lines of UP, the property of miscreants will be confiscated in Delhi as well.

Delhi : अब यूपी की तर्ज पर दिल्ली में भी बदमाशों की संपत्ति होगी जब्त, पुलिस आयुक्त ने उठाया बड़ा कदम

Wed, 22 Mar 2023 05:22 AM IST
दुष्यंत शर्मा पुरुषोत्तम वर्मा, नई दिल्ली
पुरुषोत्तम वर्मा, नई दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Wed, 22 Mar 2023 05:22 AM IST
सार

दिल्ली में संगठित अपराध करने वाले बदमाशों पर महाराष्ट्र कंट्रोल ऑफ ऑर्गेनाइज्ड क्राइम एक्ट (मकोका) लगेगा। इसके अलावा दिल्ली पुलिस अब यूपी पुलिस की तरह बदमाशों की संपत्ति भी जब्त करेगी। इसके लिए दिल्ली पुलिस ने रणनीति बनानी शुरू कर दी है।

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Now on the lines of UP, the property of miscreants will be confiscated in Delhi as well.
Delhi Police

विस्तार

राजधानी में हर रोज झपटमारी की 25 से 30 वारदात और महिलाओं से अपराध में 40 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। नेशनल क्राइम रिकार्ड ब्यूरो के वर्ष 2021 के डाटा के अनुसार महिलाओं के प्रति अपराध में दिल्ली देश में पहले नंबर पर है। बदमाश संगठित तरीकों से आपराधिक वारदात कर रहे हैं। ऐसे में दिल्ली पुलिस आयुक्त ने अपराध पर काबू करने के लिए बड़ा कदम उठाया है। इसके तहत दिल्ली में संगठित अपराध करने वाले बदमाशों पर महाराष्ट्र कंट्रोल ऑफ ऑर्गेनाइज्ड क्राइम एक्ट (मकोका) लगेगा। इसके अलावा दिल्ली पुलिस अब यूपी पुलिस की तरह बदमाशों की संपत्ति भी जब्त करेगी। इसके लिए दिल्ली पुलिस ने रणनीति बनानी शुरू कर दी है।

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दिल्ली पुलिस आयुक्त संजय अरोड़ा ने हाल ही में मुख्यालय में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की बैठक बुलाई। इसमें रेंज के सभी संयुक्त पुलिस आयुक्तों को बुलाया गया था। बैठक में पुलिस आयुक्त ने संगठित होकर दिल्ली में अपराध कर रहे बदमाशों के खिलाफ मकोका लगाने का आदेश दिया। साथ ही, रेंज के संयुक्त पुलिस आयुक्तों से मकोका लगाने का प्रस्ताव तैयार करने को कहा। जिला पुलिस आयुक्त अपराध शाखा के पुलिस अधिकारियों के साथ समन्वय कर प्रस्ताव तैयार करेंगे। 
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इसके बाद उसे अंतिम माना जाएगा। प्रस्ताव पर अपराध शाखा के अधिकारी की अनुमति आवश्यक है। हालांकि, दिल्ली में बदमाशों के खिलाफ मकोका पहले भी लगाया जाता है। अधिकारियों का कहना है कि अभी तक मकोका गैंगस्टर व उसके गिरोह के सदस्यों के खिलाफ ही लगाया जाता था। अब संगठित अपराध करने वाले सभी बदमाशों के खिलाफ मकोका लगेगा। 
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सभी 15 जिला पुलिस उपायुक्त को मकोका लगाने के लिए बदमाशों की जानकारी जुटाने के सख्त आदेश दिए गए हैं। पुलिस आयुक्त की बैठक में शामिल एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि बैठक में दिल्ली में अपराध पर अंकुश लगाने के लिए यूपी पुलिस की तरह बदमाशों की संपत्ति को जब्त करने पर सहमति बनी है। दिल्ली पुलिस ये रणनीति बना रही है कि कैसे बदमाशों की संपत्ति का पता लगाया जाए, ताकि उसे जब्त किया जा सकेगा। 

बदमाशों की संपत्ति का ब्योरा जुटाने के लिए पुलिस आरडब्ल्यूए व स्थानीय लोगों की मदद लेगी। पुलिस आयुक्त ने इस तरह रणनीति तैयार करने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों की एक टीम गठित की। मकोका के तहत अधिकतम सजा फांसी की है, जबकि न्यूनतम पांच साल कैद का प्रावधान है। 

महाराष्ट्र सरकार ने 1999 में बनाया था कानून
महाराष्ट्र सरकार ने 1999 में मकोका बनाया था। इसका मुख्य मकसद संगठित और अंडरवर्ल्ड अपराध को खत्म करना था। 2002 में दिल्ली सरकार ने भी इसे लागू कर दिया। फिलहाल, महाराष्ट्र और दिल्ली में यह कानून लागू है।


आसानी से जमानत नहीं मिलती: मकोका के तहत संगठित अपराध जैसे अंडरवर्ल्ड से जुड़े अपराधी, जबरन वसूली, फिरौती के लिए अपहरण, हत्या या हत्या का प्रयास, धमकी, उगाही सहित ऐसा कोई भी गैरकानूनी काम जिससे बड़े पैमाने पर पैसे बनाए जाते हैं आदि शामिल हैं। कानून विश्लेषकों का कहना है कि मकोका लगने के बाद आरोपियों को आसानी से जमानत नहीं मिलती। 

ऐसे लगता है मकोका

  • तभी मकोका के तहत मुकदमा दर्ज होगा, जब 10 साल के दौरान कम से कम दो संगठित अपराधों में शामिल रहा हो। 
  • संबंधित संगठित अपराध में कम से कम दो लोग शामिल होने चाहिए। 
  • बदमाश के खिलाफ कोर्ट ने तीन मामलों में संज्ञान लिया हो। 
  • मकोका लगाने के लिए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की मदद लेनी होती है। 
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