फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Not very lucky to start politics from DUSU

Delhi News: डूसू से राजनीति की शुरुआत करना नहीं रहा है अधिक भाग्यशाली

Wed, 13 Sep 2023 07:15 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Wed, 13 Sep 2023 07:15 PM IST
विज्ञापन
Not very lucky to start politics from DUSU
अभी तक चुने गए 64 अध्यक्षों में सेे तीन ही केंद्र सरकार में दस्तक दे पाए
विज्ञापन


कुछ अध्यक्षों ने विधायक व पार्षद बनने में कामयाबी हासिल की और पार्टी संगठन में पद प्राप्त किए

विनोद डबास
नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ (डूसू) का चुनाव लड़ने के लिए अनेक विद्यार्थी एनएसयूआई और एबीवीपी के पैनल से अध्यक्ष का उम्मीदवार बननेे के लिए ऐड़ी-चोटी का जोर लगाए हुए हैं। इस मामले में वह अपने संगठन के नेताओं के साथ-साथ संगठन से संबंधित राजनीतिक दल के नेताओं की परिक्रमा करने में लगे हुए हैं। इसके अलावा वह अपने आकाओं के अलावा अपने इलाके के नेताओं पर भी दबाव बनवा रहे हैं। वहीं वह यह सब दिल्ली व देश की राजनीति में पहुंचनेे के लिए कर रहे हैं, मगर उन्हें मालूम नहीं है कि डूसू से राजनीतिक सफर शुरू करना अधिकतर छात्र नेताओं के लिए भाग्यशाली नहीं रहा है। इस मामले में अभी तक बनेे तीन अध्यक्ष ही केंद्र सरकार में दस्तक दे पाए हैं।
डूसू के वर्ष 1954 में चुनाव होने शुरू हुए थे। लिहाजा अभी तक 64 साल के दौरान चुनाव हुए हैं। आपातकाल के कारण दो साल और कोरोना महामारी की वजह से तीन साल चुनाव नहीं हुए थे। लिहाजा अभी तक चुने गए 64 अध्यक्षों में से केवल तीन अध्यक्ष ही संसद में पहुंचे हैं और येे तीनों नेता केंद्र सरकार में मंत्री भी बनने में कामयाब रहे हैं। वहीं आठ विधायक बन पाए हैं, इनमें दो अपने राज्यों की सरकारों में मंत्री भी बने। हालांकि सात अध्यक्ष एमसीडी में पार्षद भी चुने जा चुके हैं। इसके अलावा कई पार्षद बने व अन्य अध्यक्षों को विधानसभा का चुनाव लड़ने का अवसर मिला है, मगर वह डूसू की भांति धमाका नहीं कर सके। इसके अलावा डूसू के कई पूर्व अध्यक्ष हर बार विधायक व पार्षद का टिकट मांगते हैं, मगर उन्हें टिकट नहीं मिलता है।
विज्ञापन


सबसे अधिक सफल रहे अरुण जेटली, अजय माकन व विजय गोयल
डूसू का अध्यक्ष बनने वालों में शामिल अरुण जेटली, अजय माकन व विजय गोयल ही केंद्र सरकार तक दस्तक दे पाए हैं। वर्ष 1974 में अध्यक्ष बने अरुण जेटली का अब देहांत हो चुका है। छात्र राजनीति छोड़कर पहले जनसंघ और उसके बाद भाजपा में वह देश की राजनीति के केंद्र बिंदु रहे। वह वर्षों तक राज्यसभा के सांंसद रहे और केंद्र सरकार में मंत्री भी बने। इसके अलावा वह अपनी वकालत व भारतीय क्रिकेट बोर्ड के माध्यम से सुर्खियों में बने रहे। वह बेहतरीन चुनाव प्रबंधक भी माने जाते थे। राज्यों के विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा उनको प्रमुख राज्य का प्रभारी भी बनाती थी। वहीं कांग्रेस में अजय माकन की भी करीब-करीब उन जैसी स्थिति है। वह कई बार विधायक बनने के अलावा दिल्ली में मंत्री व विधानसभा अध्यक्ष रहे और लोकसभा के दो बार सांसद बनने के दौरान केंद्र सरकार में भी रहे हैं। वह कांग्रेस के महासचिव भी हैं। विजय गोयल भी तीन बार लोकसभा व एक बार राज्यसभा सांसद रहने के साथ-साथ केंद्र सरकार में मंत्री भी रहे हैं। इसके अलावा भाजपा संगठन में महत्वपूर्ण पदों पर भी रह चुके हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन



8 पूर्व अध्यक्ष विधायक व कई पार्षद बने
डूसू अध्यक्ष रहे सुभाष चोपड़ा (1970), आलोक कुमार (1973), हरीशंकर गुप्ता (1978), विजय जौली (1980), अल्का लांबा (1995) और अनिल झा (1997) विधायक रह चुके हैं। इसके अलावा गजराज बहादुर (1954) हरियाणा व मदन सिंह बिष्ट (1986) उत्तराखंड में विधायक व मंत्री भी बने हैं। आशीष सूद (1988), शालू मलिक (1994), रेखा गुप्ता (1996), जयवीर राणा (1998), नीतू वर्मा (2001) व अमृता धवन (2006-07) पार्षद बनने में सफल रहे। खास बात यह है कि सुभाष चोपड़ा सांसद बनने, आशीष सूद, रेखा गुप्ता, अमृता धवन के अलावा डूसू अध्यक्ष रहे अमित मलिक (2000), नकुल भारद्वाज (2002), रागिनी नायक (2005), नूपुर शर्मा (2008) व रोक्की तूसीड (2017) विधायक बनने में सफल नहीं हो पाए।



डूसू अध्यक्ष रहते हुए पार्षद का भी चुनाव जीता
डूसू में संयुक्त सचिव, उपाध्यक्ष व वर्ष 2001 में अध्यक्ष बनीं नीतू वर्मा ने वर्ष 2002 में जनप्रतिनिधि के तौर पर शुरुआत कर दी थी। वह डूसू अध्यक्ष पद रहते हुए वर्ष 2002 में कांग्रेस के टिकट पर पार्षद का चुनाव जीत गई थीं। हालांकि उनकी तरह वर्ष 2007 में अमृता धवन यह इतिहास दोहराने से वंचित रह गई थीं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed