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अमेरिका में भारतीय आवाज़ों का हिस्सा बनी नोएडा की बेटी, सादगी देख कायल हुए राष्ट्रपति ट्रंप
Fri, 02 Oct 2020 01:12 AM IST
दुष्यंत शर्मा
नई दिल्ली, एजेंसी
नई दिल्ली, एजेंसी
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Fri, 02 Oct 2020 01:12 AM IST
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राष्ट्रपति ट्रम्प के साथ मृणालिनी...
- फोटो : amar ujala
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'भारत और अमेरिका के रिश्ते पहली बार इतने मजबूत हुए हैं। अमेरिका में काबिलियत की कद्र है, जिसके कारण योग्यता को प्रोत्साहित और पुरस्कृत किया जाता है और काबिल लोगों को बिना किसी भेदभाव और डर के इस महान राष्ट्र का हिस्सा बनने के लिए आमंत्रित किया जाता है। अमेरिका में व्यक्तिगत स्वतंत्रता के कारण भारतीय समुदाय राज्य या समाज के विरोध के बगैर अपने धर्मों का पालन कर सकता है और अपनी बात सबके सामने रख सकता है' यह कहना है न्यूयार्क में बिजनेस कर रही मृणालिनी कुमारी का।
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फोन पर हुई बातचीत में न्यूयार्क से मृणालिनी कुमारी ने कहा कि उन्हें ट्रम्प के समर्थन में उठी भारतीय आवाज़ों का हिस्सा होने पर गर्व है, क्योंकि उन्होंने संयुक्त राज्य अमेरिका में जीवन के हर क्षेत्र में भारतीय-अमेरिकियों के लिए ट्रम्प परिवार के व्यक्तिगत और राजनीतिक समर्थन को खुद से देखा है।
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ट्रम्प के वरिष्ठ कैम्पेन सलाहकार, किम्बर्ली गुइलफ़ॉयल ने जब उन्हें इसमें शामिल होने के लिए बुलाया तो कोई संकोच नहीं हुआ। कई सीईओ और इंडस्ट्री लीडर्स ने अमेरिका में व्यक्तिगत आजादी के कारण अपार सफलताएं हासिल की हैं। उनका कहना है कि 1980 के दशक में वह दिल्ली से न्यूयॉर्क गई थीं। तभी उन्होंने इस देश को अपना घर बनाने का सपना देखा था। इतने वर्षों में उन्होंने इस पूरे देश में भारतीय-अमेरिकी समुदाय की सफलता और तरक्की को करीब से देखा है।
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भारतीय अमेरिकी समुदाय अमेरिका में सबसे तेजी से बढ़ते समुदायों में से एक हैं, जिसमें हमारे देश के कुछ बेहद बुद्धिजीवी भी शामिल हैं। सूत्रों के अनुसार, अमेरिका में रहने वाले 68 प्रतिशत भारतीय मूल के प्रवासियों के पास कॉलेज की डिग्री है, जबकि उच्च और निम्न दोनों तरह के आय वर्गों में स्वरोजगार और उद्यमिता से जुड़े़ मामलों की संख्या अधिक है।
राष्ट्रपति ट्रम्प की बदौलत ही अमेरिका-भारत के रिश्ते पहली बार इतने मजबूत हो पाये हैं। गत वर्षों में, ट्रम्प के अभियान से जमीनी स्तर पर जुड़ी और क्षेत्रीय टीमों ने गुजराती, हिंदी, तमिल और तेलुगु सहित 11 विभिन्न भाषाओं में सैकड़ों कार्यक्रम किए हैं।
किम्बर्ली गिलफॉयल और डोनाल्ड ट्रम्प जूनियर के साथ मेरी व्यक्तिगत बातचीत से मुझे ट्रम्प परिवार और भारतीय समुदाय के मजबूत संबंधों के बारे में जानकारी मिली है। दिवाली पूजा में हिस्सा लेने से लेकर भारतीय संस्कृति और परंपराओं की बारीकियों को समझने में गहरी दिलचस्पी लेने तक। विश्वास के साथ कहा जा सकता है कि ट्रम्प की तुलना में दूसरा कोई राष्ट्रपति भारतीय संस्कृति से इस तरह से नहीं जुड़ पाया।