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बस स्टॉप व थाने को देखकर अभी शरीर कांप उठता है

Wed, 16 Dec 2020 12:45 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Wed, 16 Dec 2020 12:45 AM IST
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nirbhaya rape case still in the mind
नई दिल्ली। मुनिरका का वो बस स्टेंड, वसंत विहार थाना व सागरपुर की वाहनों की पिट को देखकर अभी भी शरीर कांप उठता है। शरीर में सिहरन पैदा हो जाती हैं। निर्भया सामूहिक दुष्कर्म की घटना को बुधवार को आठ वर्ष पूरे हो जाएंगे, मगर अभी भी लगता है कि जैसे कल ही घटना ही घटना हुई हो। ये कहना है कि दिल्ली पुलिस की रिटायर एसीपी राजेन्द्र सिंह का। उनकी देखरेख में पुलिस ने आरोपियों को दबोचा था।
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निर्भया सामूहिक दुष्कर्म के जांच अधिकारी रहे इंस्पेक्टर अनिल शर्मा का कहना है कि देश की बिटिया के साथ जिस तरह की दरिंदगी हुई थी वह जहन से कभी नहीं निकल सकती। उन्होंने बिटिया को तड़पते व कराहते देखा था। वह कहते हैं कि वह कभी वसंत विहार थाना, मुनिरका बस स्टेंड व सागर पुर थाने की वाहन पिट में खड़ी बस को देखते तो शरीर में कंपकंपी आ जाती है।
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पूर्व एसीपी राजेन्द्र सिंह ने बताया कि निर्भया ने अपनी जान देकर देश की महिलाओं के लिए बहुत कुछ दे दिया। निर्भया की मौत के बाद हुए आंदोलन के बाद महिलाओं के प्रति कानूनों में काफी बदलाव आया है। अब महिलाओं की शिकायत पर तुरंत मामले दर्ज होते हैं। महिला किसी भी थाने में शिकायत दे तो उस पर तुरंत मामला दर्ज होता है। पहले ऐसा नहीं होता था।
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18 वर्ष से कम उम्र की किशोरी के साथ आपराधिक वारदात होने में पोक्सो एक्ट लगता है। इस एक्ट में आरोपी का आसानी से जमानत नहीं मिलती और सजा भी काफी है। वह कहते हैं कि सबसे बड़ा बदलाव ये आया है कि अगर किसी महिला के साथ वारदात होती है तो अन्य महिलाएं तुरंत आंदोलन खड़ा कर देती हैं।
निर्भया घटना पर लोगों का पहली बार गुस्सा फुटा था
दिल्ली पुलिस के अधिकारी कहते हैं कि निर्भया सामूहिक दुष्कर्म को लेकर देश की महिलाओं व लोगों का पहली बार गुस्सा फूटा था। इस बात के लिए भी देश की बिटिया को याद किया जाता है। देश की बिटिया के साथ सामूहिक दुष्कर्म के बाद इंडिया गेट-राजपथ पर इतने लोग एकत्रित हो गए थे जैसे पूरा देश एकत्रित हो गया हो।

16 दिसंबर निर्भया न्याय दिवस के रूप में मनाया जाता है
देश की बिटिया के साथ 16 दिसंबर, 2012 को बिटिया अपने दोस्त के साथ सेलेक्ट सिटी मॉल में फिल्म देखकर द्वारका स्थित घर जा रही थी। उसने मुनिरका बस स्टेंड से बस ली। बस में रामसिंह, उसके भाई मुकेश सिंह, विनय ठाकुर, अक्षय ठाकुर और पवन ने बिटिया के साथ चलती बस में सामूहिक दुष्कर्म किया था और लोहे का पाना उसके शरीर के अंदर डाल दिया था। इससे बिटिया की आंतें बाहर आ गई थीं।
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