फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   New Delhi News ›   Sheila's misrule will end : Harshavardhan

शीला के कुशासन का अंत होगा: हर्षवर्धन

Thu, 24 Oct 2013 01:48 AM IST
अमर उजाला, दिल्ली
अमर उजाला, दिल्ली Updated Thu, 24 Oct 2013 01:48 AM IST
विज्ञापन
Sheila's misrule will end : Harshavardhan

नई दिल्ली में भाजपा के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार की घोषणा के साथ ही डॉ. हर्षवर्धन ने दिल्ली सरकार के खिलाफ अपने तेवर कड़े कर लिए हैं।

विज्ञापन


उन्होंने दिल्ली सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के पंद्रह साल के कुशासन का अब अंत होगा। भाजपा सुशासन लाएगी।

पारदर्शी और जवाबदेह सरकार देना हमारी मुख्य चुनौती है।

बुधवार को यमुनापार स्थित कृष्णानगर में निवास पर संवाददाताओं से बातचीत में उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के शासन काल में जनता परेशान रही है।

उनका गुड लक था कि वे सरकार में पंद्रह साल से बनी रहीं। महिला मुख्यमंत्री होने के बावजूद दिल्ली रेप कैपिटल कहलाने लगी है।

महिलाएं खुद को सुरक्षित नहीं मानती हैं। शिक्षा के स्तर में कोई सुधार नहीं हुआ। सरकार भ्रष्टाचार में लिप्त रही।

कॉमनवेल्थ गेम्स घोटाले के कारण दिल्ली का विकास ठप हो गया। यमुना की सफाई के नाम पर लाखों रुपये पानी की तरह बहा दिए गए।

सरकार ने नौजवानों के रोजगार के लिए कोई कदम नहीं उठाया। यमुनापार की कई विधानसभाओं में लोगों को मूलभूत सुविधाएं तक मुहैया नहीं करवाई गईं।

कोई गुटबाजी नहीं, सभी कार्यकर्ता एकजुट

गुटबाजी पर उन्होंने कहा कि पार्टी का निर्णय होने के बाद सभी कार्यकर्ता एकजुट हो जाते हैं।

पार्टी के सभी कार्यकर्ता विजय गोयल, वीके मल्होत्रा समेत सभी नेता एक दूसरे से जुड़े हुए हैं।

कार्यकर्ताओं की मेहनत से पार्टी खड़ी हुई है। भाजपा दिल्ली विधानसभा ही नहीं लोकसभा में भी जीत का परचम लहराएगी। यहां छोटे से छोटा कार्यकर्ता पार्टी में बड़ा पद पा सकता है।
विज्ञापन


पार्टी का निर्णय सभी मानते है। भाजपा परिवारवाद वाली पार्टी नहीं है।

कांग्रेस को उखाड़ फेंकने में कसर नहीं छोड़ेंगे
यह पूछे जाने पर कि दिल्ली विधानसभा चुनाव में अब मुश्किल से 40 दिन का समय बचा है।

ऐसे में पार्टी की तरफ से मुख्यमंत्री का उम्मीदवार बनाए जाने से उन्हें किन मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है तो हर्षवर्धन ने कहा कि इससे कोई फर्क नहीं पड़ता।
विज्ञापन
विज्ञापन


दस दिन बाद भी इसकी घोषणा होती तो पार्टी के कार्यकर्ताओं में इतना जोश है कि वह कांग्रेस को उखाड़ फेंकने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ेंगे।

एक व्यक्ति के लिए काम नहीं करती पार्टी

गोयल के नाराज होने संबंधी रिपोर्टों पर हर्षवर्धन ने कहा कि भाजपा किसी एक व्यक्ति के लिए काम नहीं करती।

यह आदर्शों और उसूलों की पार्टी है। पार्टी के प्ररेणास्रोत श्यामा प्रसाद मुखर्जी और दीनदयाल उपाध्यक्ष जैसे नेता रहे हैं।

हम सभी ने अटल बिहारी वाजपेयी और लालकृष्ण आडवाणी के कामों से सीखा है।

यह भाजपा ही है जहां मेरे जैसे साधारण कार्यकर्ता को इतनी बड़ी जिम्मेदारी के लिए चुना गया है।

गोयल से 20 वर्षों से मधुर और घनिष्ठ संबंध हैं जो आगे भी बने रहेंगे।

आम आदमी पार्टी से काई फर्क नहीं पड़ता

हर्षवर्धन ने कहा कि देश में 1300 राजनीतिक पार्टियां हैं। एक और नई पार्टी बनने से भाजपा को कोई फर्क नहीं पड़ता।

दिल्ली का मतदाता पूरी तरह जागरूक और समझदार है। मुझे उसके विवेक पर पूरा विश्वास है।

मतदाता यह अच्छी तरह जानता है कि शीला दीक्षित के कुशासन से केवल भाजपा ही छुटकारा दिला सकती है इसलिए वह अपना वोट खराब नहीं करेगा।


विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed