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पवन बंसल को आरोपी बनाने संबंधी याचिका खारिज
अमर उजाला ब्यूरो/ नई दिल्ली
Updated Tue, 11 Mar 2014 01:54 AM IST
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नई दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने 12 करोड़ रुपये के रेलवे रिश्वत मामले में पूर्व रेल मंत्री पवन बंसल को आरोपी बनाने संबंधी याचिका खारिज कर दी है।
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अदालत ने कहा कि जज बंदी तोते के समान नहीं है और न ही वे जांच एजेंसी के पोस्ट ऑफिस के रूप में काम करते हैं।
पटियाला हाउस स्थित अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश स्वर्णकांता शर्मा ने याची एनजीओ दिल्ली प्रदेश सोशल प्रोग्रेस सोसायटी के उस तर्क को खारिज कर दिया कि सीबीआई बंसल को बचा रही है।
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उन्होंने कहा कि अदालत भ्रष्टाचार के मामलों में ठोस सबूतों के आधार पर आदेश पारित करती है। न्यायपालिका स्वतंत्र रूप से बिना किसी दबाव के काम करती है।
वर्तमान मामले में अभियोग तय हो चुका है और याचिका बिना आधार के दायर की गई है। अदालत ने कहा कि सीबीआई ने इस मामले में बंसल को गवाह बनाया है।
पेश तथ्यों से स्पष्ट है कि अभी तक बंसल के खिलाफ कोई भी साक्ष्य नहीं है।
वहीं, याची ने आरोप लगाया था कि बिना बंसल की मिलीभगत के उनका भांजा रेलवे मंत्रालय में काम करवाने के लिए पैसे नहीं ले सकता था।
अदालत ने बंसल के भांजे विजय सिंगला, रेलवे बोर्ड के निलंबित सदस्य महेश कुमार सहित 10 के खिलाफ भ्रष्टाचार व आपराधिक षड्यंत्र रचने आदि आरोप में प्रथम दृष्टया दोषी ठहराते हुए अभियोग तय कर दिए थे।
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अदालत ने विजय सिंगला, महेश कुमार, बंगलुरू के व्यवसायी नारायण राव मंजूनाथ, पीवी मुरली, वेणुगोपाल, राहुल यादव, समीर संधीर, संदीप गोयल, अजय गर्ग (निवासी चंडीगढ़) व सुशील ढागा (निवासी फरीदाबाद) के खिलाफ अभियोग तय किए हैं।