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अरविंद अब करेंगे जल सत्याग्रह
संतोष कुमार/ नई दिल्ली
Updated Thu, 26 Dec 2013 01:36 AM IST
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दिल्ली फतह के बाद अब अरविंद केजरीवाल ने हरियाणा में पांव पसारने की तैयारी कर ली है।
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दिल्ली को पानी दिलाने के बहाने अरविंद केजरीवाल कांग्रेसी मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा से दो-दो हाथ करते दिखेंगे।
अरविंद, दिल्ली में अजमाए गए अपने सत्याग्रह रूपी हथियार का इस्तेमाल हरियाणा सरकार को घेरने के लिए करेंगे। पार्टी की कोशिश हरियाणा के लोगों को लामबंद करने की भी होगी।
दरअसल, दिल्ली को पानी की सप्लाई के लिए हरियाणा और उत्तर प्रदेश पर निर्भर रहना पड़ता है। दिल्ली जल बोर्ड राजधानी में रोजाना करीब 835 एमजीडी पानी की सप्लाई करता है।
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इसका करीब पचास फीसदी हिस्सा हरियाणा से मिलता है। वहीं, करीब 25 फीसदी हिस्सा गंगनहर से आता है। लिहाजा अरविंद की सरकार को अपने 700 लीटर पानी मुहैया कराने के वादे पर खरा उतरने के लिए हरियाणा व उत्तर प्रदेश सरकार पर निर्भरता बनी रहेगी।
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अमूमन देखा जाता है कि दिल्ली-हरियाणा के बीच पानी का विवाद चर्चा में रहता है। गर्मियों में दोनों राज्यों के बीच आरोपों-प्रत्यारोपों का सिलसिला चलता रहता है।
कई बार मामला केंद्र सरकार के दरबार तक चला जाता है। केंद्र के दखल के बावजूद हरियाणा सरकार पानी देने में कंजूसी से बाज नहीं आता।
बुधवार को भी अरविंद ने दोहराया कि सरकार बनने के 24 घंटे के भीतर उन इलाकों में 700 लीटर पानी की सप्लाई का आदेश जारी कर दिया जाएगा, जहां पाइप लाइन है।
वहीं, पाइप लाइन की जद से बाहर दूसरे इलाकों के लिए भी उपयुक्त इंतजाम किया जाएगा। पार्टी के वरिष्ठ नेता भी मानते हैं कि हरियाणा सरकार इसमें अड़चन पैदा कर सकती है।
इसके लिए पार्टी की रणनीति है कि इसके लिए पहले कोशिश होगी कि विवाद से बचा जाए। फिर भी अगर हरियाणा सरकार नहीं मानती तो हुड्डा सरकार के खिलाफ अरविंद सड़क पर उतरेंगे।
पूर्व सरकारों की तरह इसमें मामला दो राज्यों के बीच संघर्ष का नहीं होगा बल्कि हरियाणा की कांग्रेस सरकार को घेरने की कोशिश होगी।
इस दौरान धरना-प्रदर्शन व अनशन तक के सभी विकल्पों को अजमाया जा सकता है।