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कांडा पर नहीं चलेगा दुष्कर्म का मुकदमा
अमर उजाला/ नई दिल्ली
Updated Sat, 23 Nov 2013 01:47 AM IST
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हाईकोर्ट ने पूर्व एयर होस्टेस आत्महत्या मामले में आरोपी अरुणा चड्ढा के अलावा मुख्य आरोपी हरियाणा के पूर्व मंत्री गोपाल कांडा को भी राहत प्रदान कर दी।
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अदालत ने निचली अदालत के रवैये पर नाराजगी जताते हुए कहा कि उनके पूर्व में दिए फैसले में सब कुछ स्पष्ट है। यानी अब अरुणा के अलावा कांडा के खिलाफ भी दुष्कर्म व अप्राकृतिक यौनाचार का मुकदमा नहीं चलेगा।
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न्यायमूर्ति जीपी मित्तल ने यह आदेश अरुणा चड्ढा के आवेदन का निपटारा करते हुए दिया।
अरुणा ने हाईकोर्ट द्वारा उसके खिलाफ निर्धारित दुष्कर्म व अप्राकृतिक यौनाचार के लिए उकसाने के आरोप में तहत अभियोग को रद्द करने के बावजूद यौन शोषण के मामलों के लिए गठित फास्ट ट्रैक कोर्ट में मुकदमा चलाने के निर्णय को चुनौती दी थी।
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अरुणा ने कहा था कि निचली अदालत को उसने हाईकोर्ट के आदेश की प्रति भी दी इसके बावजूद उसके खिलाफ मुकदमा चल रहा है अत: इस संबंध में स्पष्टीकरण दिया जाए।
न्यायमूर्ति मित्तल ने कहा उनके फैसले में सब कुछ स्पष्ट है और किसी भी प्रकार के स्पष्टीकरण की जरूरत नहीं है।
उन्होंने संबंधित जज के रवैये पर भी नाराजगी जताई। दरअसल, हाईकोर्ट ने अरुणा की याचिका पर कहा था कि इस मामले में मुख्य आरोपी कांडा के खिलाफ ही दुष्कर्म व अप्राकृतिक यौनाचार का मामला नहीं बनता तो अरुणा पर उकसावे का केस कैसे बन सकता है।
इसके बावजूद सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलती रही।
अरुणा के आग्रह पर संबंधित जज ने फाइल जिला एवं सत्र न्यायाधीश एके सरवरियां के पास भेज दी थी ताकि सुनवाई किसी अन्य अदालत में स्थानांतरित कर दी जाए।
न्यायाधीश सरवरियां ने 14 अगस्त को फाईल पुन: फास्ट ट्रैक कोर्ट में भेज दी थी।
हाईकोर्ट ने 14 अगस्त के फैसले को खारिज कर दिया। यानि मुकदमा फास्ट ट्रैक कोर्ट की अपेक्षा सामान्य अदालत में चलेगा।