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गुरु सवाल करें तो दुख लाजिमी है: केजरीवाल
अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Thu, 21 Nov 2013 11:06 AM IST
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अन्ना हजारे के साथ अनबन की खबरों के बीच अरविंद केजरीवाल ने बुधवार को फिर चुप्पी तोड़ी। बोले, ईमानदारी पर जब उन्हीं के गुरु सवाल उठाते हैं तो ठेस पहुंचती है।
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साथ ही उनका कहना था कि बुधवार सुबह कई बार फोन करने के बावजूद अन्ना से बात नहीं हो सकी। अरविंद केजरीवाल घोषणा पत्र जारी करने के बाद मीडिया से बात कर रहे थे।
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खास बात यह कि अमूमन मुखर दिखने वाले अरविंद बुधवार को काफी शांत दिखे। घोषणा पत्र पर भी उन्होंने ज्यादा बात नहीं की।
इसका जिम्मा योगेंद्र यादव ने संभाल रखा था। बाद में भी उन्होंने मीडिया के कुछ ही सवालों का जवाब दिया।
अरविंद ने कहा कि गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे, मुख्यमंत्री शीला दीक्षित उन पर कुछ भी आरोप लगाएं, उससे खास फर्क नहीं पड़ता। लेकिन अगर उनके गुरु आरोप लगाते हैं तो दुख होना लाजिमी है।
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अन्ना की हम बहुत कद्र करते हैं। वह हमारे पिता तुल्य हैं।
वहीं, चंदे के बारे में अन्ना के सवालों पर अरविंद ने दोहराया कि आंदोलन में मिले चंदे की सिलसिलेवार ऑडिट कराया गया है। इसकी जानकारी अन्ना को दी गई थी।
अरविंद की मानें तो कई कोशिशों के बावजूद बुधवार को भी उनकी अन्ना हजारे से बात नहीं हो सकी।
उन्होंने बताया कि अन्ना के सचिव दत्ता जी बात कराने को तैयार नहीं हैं। वहीं, पार्टी की जगह निर्दलीय उम्मीदवारों के तौर पर चुनाव लड़ने के बाद ही अन्ना हजारे का समर्थन मिलने के सवाल पर अरविंद ने कहा कि पार्टी मेरी नहीं है।
देश के लोगों ने इसे बनाया है। इसे अकेला अरविंद कैसे खत्म कर सकता है।
अरविंद ने अपनी राय जाहिर की कि देश के लोगों को लिए अन्ना हजारे को समर्थन करना चाहिए। बता दें कि हजारे ने कहा है कि अरविंद अगर पार्टी भंग कर दें तो वह प्रचार करने आएंगे।