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मैनेजर बनने की दौड़ में इंजीनियरिंग वाले आगे
अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Fri, 11 Oct 2013 01:29 AM IST
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देश की प्रतिष्ठित परीक्षा कैट के जरिए मैनेजर बनने की दौड़ में इंजीनियरिंग उम्मीदवार एक बार फिर से सबसे आगे हैं।
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हालांकि एमबीए करने की रेस में अर्थशास्त्र, मैनेजमेंट और साइंस पृष्ठभूमि वाले भी पीछे नहीं हैं। इस बार कैट के लिए आए आवेदन के आंकड़े हैरान करने वाले हैं।
जहां समग्र पंजीकरण में गिरावट आई है, वहीं लड़कियों के आवेदन करने की संख्या में उछाल आया है।
आईआईएम इंदौर की ओर से इस बार होने वाली कैट परीक्षा में आईआईएम और कुछ बिजनेस स्कूल की कुल 3,335 सीटों के लिए लगभग दो लाख अभ्यर्थी बैठेंगे।
कैट-2013 संयोजक प्रोफेसर रोहित कपूर के मुताबिक, इस बार लड़कियों की तादाद में उछाल देखने को मिला है। बीते साल लड़कियों के आवेदन का आंकड़ा 27 फीसदी था जो इस बार बढ़कर 29 फीसदी हो गया है।
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आवेदन के आंकड़ों के अनुसार, कुल उम्मीदवारों की संख्या में 70 फीसदी टेक्नोलॉजी और इंजीनियरिंग पृष्ठभूमि वालों की ही हैं।
यह आंकड़ा बीते साल के मुकाबले में छह फीसदी अधिक है। वहीं, 23 प्रतिशत अभ्यर्थी अर्थशास्त्र, मैनेजमेंट और साइंस पृष्ठभूमि वाले हैं।
जबकि बाकी छह फीसदी अन्य बैकग्राउंड वाले हैं। प्रोफेसर कपूर ने बताया कि मौजूदा आंकड़े साबित करते हैं कि कैट को लेकर सभी वर्गों में जागरूकता बढ़ी है।
बड़ी संख्या में ऐसे आवेदक हैं, जिन्हें दो से तीन साल का कार्य करने का अनुभव है। ऐसे आवेदकों की संख्या में 16 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है।
इस बार सबसे अधिक आवेदन महाराष्ट्र से आए हैं, जबकि यूपी दूसरे और दिल्ली तीसरे स्थान पर है। उल्लेखनीय है कि कैट ऑनलाइन परीक्षा 16 अक्तूबर से शुरू होगी।
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