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भाजपा की सूची से कांग्रेसी विधायकों को ‘ऑक्सीजन’
राकेश्ा भ्ाट्ट/ नई दिल्ली
Updated Sun, 10 Nov 2013 01:54 AM IST
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भाजपा की अंदरूनी राजनीति के चलते पहली सूची में कई कमजोर उम्मीदवारों के नाम आने व उस पर जारी घमासान से कांग्रेेस के मौजूदा विधायकों व मंत्रियों को ‘ऑक्सीजन’ मिल गई है।
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अभी तक 14 विधायकों के नामों पर उलझी केंद्रीय चुनाव समिति ने शनिवार को इनमें से तकरीबन सभी नामों पर सहमति दे दी है।
सूत्रों के अनुसार, रविवार शाम या सोमवार को जारी होने वाली पहली सूची में अब सभी मौजूदा विधायकों का टिकट लगभग पक्का है।
कांग्रेस इस बार जिताऊ उम्मीदवार पर दांव खेलना चाहती है। इस पर पार्टी में भारी विरोध वाले, आपराधिक रिकॉर्ड रखने वाले व संगठन विरोधी गतिविधियों में शामिल उम्मीदवारों का टिकट काटने के निर्देश पार्टी उपाध्यक्ष राहुल गांधी व केंद्रीय चुनाव समिति की तरफ से मिले हुए थे।
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दिल्ली स्क्रीनिंग कमेटी की बैठकों के बाद ऐसे 14 मौजूदा विधायकों का नाम विचार के लिए केंद्रीय चुनाव समिति के पास था। इनमें दिल्ली सरकार के मंत्री रमाकांत गोस्वामी व किरण वालिया भी थे।
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पार्टी सूत्रों के अनुसार 6 नवंबर को जारी हुई भाजपा की सूची के बाद स्क्रीनिंग कमेटी ने मंथन किया और इनमें से तकरीबन सभी विधायकों पर ऐतबार जता दिया है।
भाजपा की इस सूची से कांग्रेस के उन विधायकों को भी राहत मिली है, जो सर्वे के आधार पर मुकाबला कड़ा मान रहे थे।
बताया जाता है कि दुविधा में फंसी नरेला, राजेंद्र नगर, मालवीय नगर, चांदनी चौक, छतरपुर, कस्तूरबा नगर, राजौरी गार्डन, पटपड़गंज, महरौली, आदर्श नगर, अंबेडकर नगर, सीलमपुर, चांदनी चौक, सुल्तानपुर माजरा आदि सीटों में से कांग्रेस केंद्रीय चुनाव समिति ने लगभग सभी विधायकों समेत 55 उम्मीदवारों के नाम पर मोहर लगा दी है।
दूसरी ओर हरि नगर सीट से चार बार से भाजपा के विधायक चले आ रहे हरशरण सिंह बल्ली का टिकट कटने पर एक धड़ा उन्हें कांग्रेस से लड़ाने के खिलाफ दिखा।
इस धड़े का यह भी कहना था कि बल्ली के वैसे भी भाजपा से खड़े न होने पर यहां पर कांग्रेस का उम्मीदवार मजबूत होगा। ऐसे में बल्ली को अब कांग्रेस के बुलावे का इंतजार छोड़ना होगा।
भाजपा में अब कोई सिख विधायक नहीं रहेगा
1984 सिख दंगों का दंश झेल रही कांग्रेस में तरविंदर मारवाह, प्रह्लाद सिंह साहनी, अरविंदर सिंह लवली (गांधी नगर), अरविंदर सिंह लवली (देवली), सुरेंद्र सिंह बिट्टू सहित कुल पांच विधायक हैं।
जबकि भाजपा से एकमात्र विधायक हरशरण सिंह बल्ली के अलग हो जाने से अब उनके पास कोई सिख विधायक नहीं है। भाजपा ने अभी तक दो सिख उम्मीदवारों को मैदान में उतारा है।
भाजपा से गठबंधन कर चुनाव लड़ने वाली शिअद को 2008 में भी कोई सीट नहीं मिली थी।