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राजधानी में बिना पीयूसी दौड़ रहे वाहन

Thu, 18 Jul 2013 05:32 AM IST
New Delhi
New Delhi Updated Thu, 18 Jul 2013 05:32 AM IST
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नई दिल्ली। राजधानी में दौड़ रही पांच में से सिर्फ एक गाड़ी के पास वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण (पीयूसी) पत्र है। मसलन 80 फीसदी गाड़ियां बिना पीयूसी के दौड़ रही हैं। लेकिन आज तक इनमें से किसी गाड़ी का दूसरी बार चालान नहीं किया गया। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस या परिवहन विभाग के पास ऐसी कोई व्यवस्था नहीं है, जिसके तहत बार-बार नियम तोड़ते पकड़े जाने पर सख्त प्रावधान के तहत कार्रवाई की जा सके।
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दिल्ली परिवहन विभाग के सूचना अधिकारी कुलजीत सिंह ने एक आरटीआई के जवाब में कहा है कि पीसीयू सर्टिफिकेट नहीं रखने की दशा में पहली बार पकड़े जाने पर 1000 रुपये व दूसरी बार पकड़े जाने पर 2000 रुपये जुर्माने का प्रावधान है। क्या किसी वाहन का दूसरा चालान किया गया है? इसके जवाब में कहा गया है कि ऐसा कोई आंकड़ा विभाग के पास नहीं है क्योंकि पकड़े गए वाहन मालिक की तरफ से तोड़े गए नियम व चालान की ऑन स्पॉट जांच की कोई व्यवस्था नहीं है। राजधानी केवायु प्रदूषण में वाहनों की भागीदारी 60-70 फीसदी है। ऐसे में प्रदूषण जांच कर उसे कम करने की दिशा में सुप्रीम कोर्ट की मॉनिटरिंग कमेटी ईपीसीए बार-बार निर्देश देती रहती है। लेकिन बिना पीयूसी दौड़ने वाले वाहन मालिकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की व्यवस्था कायम नहीं हो सकी है।
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271 केंद्रों पर डीजल चालित वाहन के जांच की सुविधा
परिवहन विभाग के पीसीओ (मुख्यालय) वीके सारस्वत ने आरटीआई के जवाब में बताया है कि राजधानी में 271 केन्द्रों पर डीजल चालित वाहन व 387 केन्द्रों पर पेट्रोल चालित वाहनों की प्रदूषण जांच की व्यवस्था है। वहीं, विभाग के आंकड़ों पर गौर करें तो राजधानी में 3.27 लाख कॉमर्शियल समेत 78.85 लाख वाहन रजिस्टर हैं। साल में चार बार पीयूसी कराने पर 3.15 करोड़ पीयूसी होने चाहिए। लेकिन वर्ष 2012-13 में 51 लाख से भी कम पीयूसी इन केन्द्रों से जारी किए गए हैं।
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---क्या हैं प्रावधान
- वैध पीयूसी सर्टिफिकेट साथ में होने के बावजूद अगर वाहन प्रदूषण फैला रहा है तो पकड़े जाने पर सर्टिफिकेट रद्द होगा।
- सेंट्रल मोटर व्हीकल रूल्स के नियम 116 के तहत सात दिन में वाहन ठीक करवाकर नया प्रमाणपत्र प्रस्तुत करना होता है। अगर पीयूसी लाकर जमा नहीं कराते तो जुर्माना होगा।
- एक वर्ष से अधिक पुराने वाहन को हर तीसरे महीने में पीयूसी कराना अनिवार्य है।
- वाहन से धुआं निकलता दिखता है तो कोई भी व्यक्ति परिवहन विभाग हेल्पलाइन नंबर 42400400 पर शिकायत कर सकता है।

---हालात
कुल रजिस्टर्ड वाहन 78.85 लाख
प्राइवेट वाहन 75.58 लाख
कॉमर्शियल वाहन 3.27 लाख
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